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घटना के दस दिन बाद भी चिन्हित नहीं हुए पशु तस्कर
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सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के भीमापार-बहारियाबाद मार्ग पर स्थित कोटिशा-इस्माईलपुर गांव के सीवान में दस दिनों पूर्व गोवंशों के अपशिष्टमिलने के मामले में पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। हालांकि पुलिस ने इस मामले में अज्ञात पशु तस्करों के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज कर लिया था।
लेकिन घटना के दस दिनों बाद भी पुलिस दोषियों को गिरफ्तार करना तो दूर, अभी तक उन्हें चिन्हित भी नहीं कर सकी है। लोगों का कहना है कि इस घटना से पशु तस्करों के बदले हुए ट्रेंड का पता चला था। पहले वह जीवित पशुओं को वाहनों में भर कर तस्करी करते थे। लेकिन कोटिशा की घटना से मामला खुलकर सामने आया था। जिसे मौके पर पहुंचे सीओ सैदपुर बलराम ने गंभीरता से लिया था। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को गो तस्करों को चिन्हित कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश भी दिए थे। लेकिन घटना के दस दिनों बाद भी सैदपुर पुलिस के पास गो तस्करी में शामिल दोषियों के बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं है। यहां तक कि क्षेत्र के संदिग्धों से भी अभी तक कोई पूछताछ नहीं की जा सकी है, और न ही तस्करी में शामिल वाहन को अभी तक ट्रेस ही किया जा सका है। सैदपुर कोतवाल तेजबहादुर सिंह ने बताया कि पशु तस्करी में शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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लेकिन घटना के दस दिनों बाद भी पुलिस दोषियों को गिरफ्तार करना तो दूर, अभी तक उन्हें चिन्हित भी नहीं कर सकी है। लोगों का कहना है कि इस घटना से पशु तस्करों के बदले हुए ट्रेंड का पता चला था। पहले वह जीवित पशुओं को वाहनों में भर कर तस्करी करते थे। लेकिन कोटिशा की घटना से मामला खुलकर सामने आया था। जिसे मौके पर पहुंचे सीओ सैदपुर बलराम ने गंभीरता से लिया था। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को गो तस्करों को चिन्हित कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश भी दिए थे। लेकिन घटना के दस दिनों बाद भी सैदपुर पुलिस के पास गो तस्करी में शामिल दोषियों के बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं है। यहां तक कि क्षेत्र के संदिग्धों से भी अभी तक कोई पूछताछ नहीं की जा सकी है, और न ही तस्करी में शामिल वाहन को अभी तक ट्रेस ही किया जा सका है। सैदपुर कोतवाल तेजबहादुर सिंह ने बताया कि पशु तस्करी में शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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