दुल्लहपुर। जंगीपुर क्षेत्र में भूमि विवाद को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता लक्ष्मीकांत और उनके परिवार पर चार दिसंबर को हुए हमले के विरोध में जखनिया तहसील के अधिवक्ता सोमवार को धरने पर बैठ गए। सुबह 10:30 बजे अधिवक्ताओं ने बैठक के बाद धरना शुरू कर दिया। साथ ही जंगीपुर थानाध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शाम को जखनिया एसडीएम अतुल कुमार को ज्ञापन सौंप न्याय की मांग की। अध्यक्ष मोहम्मद निसार अहमद ने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता लक्ष्मीकांत और उनके परिवार को बेहरमी से पीटा गया। घायलों का सदर अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। इसके बावजूद पुलिस ने हमलावरों की ओर से ही पीड़ित पक्ष पर मुकदमा दर्ज कर दिया, जो घोर अन्याय है। धरने पर बैठे अधिवक्ताओं को जखनिया एसडीएम अतुल कुमार ने दो बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन अधिवक्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे। शाम को अधिवक्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर न्याय की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलग उग्र होगा। धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। जबतक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे और आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर कार्यवाहक अध्यक्ष महेश राम, महामंत्री अखिलेश प्रसाद, वरिष्ठ अधिवक्ता रामजी यति, रजनीकांत पांडेय, अखिलानंद सिंह, अशोक कन्नोजिया, रणविजय कुमार, शिव पूजन चौहान, ओंकार सिंह यादव, प्रदीप कुमार राय आदि मौजूद रहे।