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Afsha Ansari: मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा का प्रार्थना पत्र निरस्त, कोर्ट ने बहाल रखा डीएम के कुर्की का आदेश

Thu, 11 Dec 2025 10:20 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Thu, 11 Dec 2025 10:20 AM IST
सार

मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी का प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया गया। साथ ही कोर्ट ने डीएम के कुर्की के आदेश को सही ठहराते हुए बहाल रखा। 

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Mukhtar Ansari wife Afsha Ansari petition dismissed court upheld DM order in ghazipur
मुख्तार अंसारी और पत्नी आफ्शा अंसारी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएमलए कोर्ट शक्ति सिंह की अदालत ने बुधवार को माफिया मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी का प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया। साथ ही जिलाधिकारी कोर्ट के कुर्की के आदेश को सही ठहराते हुए बहाल रखा। आफ्शा अंसारी की ओर से कोर्ट में कोई उपस्थित नहीं हुआ।
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मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी की शहर के देवढ़ी बल्लभदास स्थित 9.44 करोड़ की भू-संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत छह दिसंबर 2021 को कुर्क की गई थी। इस मामले में पक्ष रखने का मौका न दिए जाने की दलील देते हुए आफ्शा अंसारी की ओर से अधिवक्ता ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। डीएम कोर्ट ने कार्रवाई को सही ठहराते हुए आदेश को बहाल रखा। 
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इसके बाद यह वाद विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित हो गया। न्यायालय ने 11 मार्च को डीएम की ओर से जारी कुर्की के आदेश को सही ठहराया। इसके बाद फिर आफ्शा अंसारी के अधिवक्ता ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आफ्शा अंसारी के प्रार्थना-पत्र को निरस्त करते हुए जिलाधिकारी के आदेश को बहाल रखा है।
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वकालत नामे पर आफ्शा के फर्जी हस्ताक्षर थे 

मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी लंबे समय से फरार चल रही है। आफ्शा के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। शहर के देवढ़ी बल्लभदास स्थित भू-संपत्ति कुर्क करने के मामले की सुनवाई के लिए न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थनापत्र में लगे वकालतनामे पर आफ्शा के फर्जी हस्ताक्षर पुलिस को मिले थे। इस मामले में मुहम्मदाबाद कोतवाली पुलिस ने तीन जुलाई की शाम अधिवक्ता लियाकत अली और मुख्तार अंसारी के छोटे पुत्र उमर अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।  

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लखनऊ से हुई थी उमर अंसारी की गिरफ्तारी
उमर अंसारी ने 50 हजार की इनामी अपनी मां आफ्शा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर कर अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल कर दिया था। उमर परिवार की कुर्क संपत्ति को बचाने की फिराक में था। जालसाजी और कूटरचना के मामले में लखनऊ के दारूलशफा स्थित विधायक निवास से पुलिस ने अगस्त में उमर अंसारी को गिरफ्तार किया था। जिला कारागार से उमर अंसारी को 23 अगस्त को कासगंज जेल शिफ्ट कर दिया गया था। 39 दिन जेल में रहने के बाद उमर की रिहाई हुई थी। 

आख्या मांगने पर सामने आया फर्जीवाड़ा 

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) से न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश/एमपीएमएलए कोर्ट ने 9 जुलाई 2025 को आख्या मांगी थी। 11 जुलाई को संबंधित प्रपत्रों की नकल प्राप्त की गई। दाखिल प्रपत्रों के देखने पर प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया कि अधिवक्ता के माध्यम से दायर की गई याचिका के साथ संलग्न प्रपत्रों में आफ्शा अंसारी के हस्ताक्षर हैं लेकिन वे संदिग्ध प्रतीत हो रहे थे। अभिलेखों से मिलान किया गया तो पता चला कि मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन में आफ्शा अंसारी 60 प्रतिशत की पार्टनर है। पार्टनरशिप डीड में आफ्शा अंसारी के हस्ताक्षर, दायर की गई इस याचिका के साथ संलग्न प्रपत्रों से बिल्कुल अलग हैं। 
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