Afsha Ansari: मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा का प्रार्थना पत्र निरस्त, कोर्ट ने बहाल रखा डीएम के कुर्की का आदेश
मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी का प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया गया। साथ ही कोर्ट ने डीएम के कुर्की के आदेश को सही ठहराते हुए बहाल रखा।
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मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी की शहर के देवढ़ी बल्लभदास स्थित 9.44 करोड़ की भू-संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत छह दिसंबर 2021 को कुर्क की गई थी। इस मामले में पक्ष रखने का मौका न दिए जाने की दलील देते हुए आफ्शा अंसारी की ओर से अधिवक्ता ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। डीएम कोर्ट ने कार्रवाई को सही ठहराते हुए आदेश को बहाल रखा।
इसके बाद यह वाद विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित हो गया। न्यायालय ने 11 मार्च को डीएम की ओर से जारी कुर्की के आदेश को सही ठहराया। इसके बाद फिर आफ्शा अंसारी के अधिवक्ता ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आफ्शा अंसारी के प्रार्थना-पत्र को निरस्त करते हुए जिलाधिकारी के आदेश को बहाल रखा है।
वकालत नामे पर आफ्शा के फर्जी हस्ताक्षर थे
मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी लंबे समय से फरार चल रही है। आफ्शा के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। शहर के देवढ़ी बल्लभदास स्थित भू-संपत्ति कुर्क करने के मामले की सुनवाई के लिए न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थनापत्र में लगे वकालतनामे पर आफ्शा के फर्जी हस्ताक्षर पुलिस को मिले थे। इस मामले में मुहम्मदाबाद कोतवाली पुलिस ने तीन जुलाई की शाम अधिवक्ता लियाकत अली और मुख्तार अंसारी के छोटे पुत्र उमर अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
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लखनऊ से हुई थी उमर अंसारी की गिरफ्तारी
उमर अंसारी ने 50 हजार की इनामी अपनी मां आफ्शा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर कर अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल कर दिया था। उमर परिवार की कुर्क संपत्ति को बचाने की फिराक में था। जालसाजी और कूटरचना के मामले में लखनऊ के दारूलशफा स्थित विधायक निवास से पुलिस ने अगस्त में उमर अंसारी को गिरफ्तार किया था। जिला कारागार से उमर अंसारी को 23 अगस्त को कासगंज जेल शिफ्ट कर दिया गया था। 39 दिन जेल में रहने के बाद उमर की रिहाई हुई थी।