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Ghazipur News: काशी की तर्ज पर गंगा किनारे बनेगा कॉरिडोर, कच्चे घाट बनेंगे पक्के, सभी आपस में जुड़ेंगे

Sat, 03 Oct 2026 12:44 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 12:44 AM IST
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A corridor will be built along the banks of the Ganges, modeled after the one in Kashi; unpaved ghats will be paved, and all of them will be interconnected.
कलक्टरघाट-संवाद
गाजीपुर। काशी की तर्ज पर शहर के गंगा घाटों को आपस में जोड़ा जाएगा। इसके तहत कच्चे घाटों को पक्का किया जाएगा। कलक्टर घाट से चीतनाथ तक कॉरिडोर निर्माण को शासन से मंजूरी मिल गई है। इसके निर्माण कार्य पर 5.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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गंगा किनारे कॉरिडोर का निर्माण जनपद की बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से पर्यटन को बढ़ावा मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। शहर में 16 से अधिक गंगा घाट हैं। लेकिन, काशी की तरह यह आपस में जुड़े नहीं है। इसके कारण लोग एक घाट से दूसरे गंगा घाट तक नहीं जा पाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए जनपद के दो महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक गंगा घाटों को इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। चीतनाथ व कलक्टर घाट दोनों गंगा घाटों का अपना ऐतिहासिक महत्व है। इसीलिए इन दोनों गंगा घाटों के मध्य ही कॉरिडोर निर्माण करने का निर्णय लिया गया है। एक किलोमीटर के दायरे में स्थित इन दोनों गंगा घाटों के मध्य का बड़ा हिस्सा कच्चा है। इससे गंगा किनारे का यह क्षेत्र पूरी तरह विकसित नहीं हो पाया है। साथ ही पर्यटन की संभवनाएं भी दम तोड़ देती हैं। इससे श्रद्धालुओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कॉरिडोर निर्माण के तहत चीतनाथ व कलक्टरघाट के कच्चे हिस्से को पक्का करके विकसित किया जाएगा। सुंदरीकरण करते हुए शौचालय, पेयजल, प्रकाश आदि की बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।
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शहर कोतवाल हैं बाबा चीतनाथ
शहर कोतवाल बाबा चीतनाथ को माना जाता है। शहर कोतवाल बाबा चीतनाथ को लेकर लोगों में काफी आस्था है। चीतनाथ गंगा घाट के पास ही शहर कोतवाल चीतनाथ बाबा का मंदिर है, जहां लोग दर्शन-पूजन करते हैं। इसी कारण इस गंगा घाट का नाम चीतनाथ हुआ है। यह जनपद का काफी प्राचीन व ऐतिहासिक गंगा घाट है। चीतनाथ गंगा घाट पर प्रतिदिन गंगा स्नान के साथ ही सहालग में महिलाएं कढ़ाई चढ़ाने भी आती हैं। इस दौरान मां गंगा का विधि-विधान से पूजन होता है। मां गंगा को कढ़ाई चढ़ाने केवल शहर की महिलाएं नहीं बल्कि दूर-दूराज के श्रद्धालु भी आते हैं।
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जनपद में प्रसिद्ध है कलक्टरघाट की देव दीपावली
शहर के कलक्टरघाट पर आयोजित होने वाली देव दीपावली पूरे जनपद में प्रसिद्ध है। देव दीपावली पर गंगा घाट को दीपों से रोशन करने के साथ ही इस दौरान शानदार रंगोली व कलाकुति बनाने वाले लोगों को सम्मानित भी किया जाता है। इस गंगा घाट पर आयोजित होने वाली देव दीपावली की आभा मंडल ऐसी है कि पूरा मेला जैसा नजारा देखने को मिलता है। यहां के देव दीपावली को देखने के लिए काफी दूर-दराज से लोग आते हैं।

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शहर के कलक्टर घाट से चीतनाथ तक गंगा घाटों को पक्का करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसका प्रस्ताव बनाकर पूर्व में शासन को भेजा गया था। गंगा घाटों के पक्का होने से जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।-आरके मौर्या, जिला पर्यटन अधिकारी
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