बाबुओं और शिक्षकों में टकराव टला

Ghazipur Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
गाजीपुर। शिक्षक नेता द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के बाबू शहनवाज अलाम की बांह मरोड़ की घटना के एक दिन बाद शनिवार को दोनों पक्षों की पंचायत शिक्षक एमएलसी की मौजूदगी में हुई। पंचायत में शिक्षक नेता के अफसोस जताने पर बाबूओं की नाराजगी दूर हो गई। हालांकि चेतनरायण सिंह ने ऐसी घटना दोबारा नहीं होने की अपील दोनों पक्षों से की है।
बीते शुक्रवार को शिक्षक नेता एवं इंटर कालेज खालिसपुर में प्रवक्ता पद पर तैनात रामानुज सिंह जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में वरिष्ठ लिपिक शहनवाज को किसी फाइल के संबंध में बुलाकर पूछताछ करने लगे। किसी बात को लेकर शिक्षक नेता ने बाबू की कलाई पकड़ ली और बांह को मरोड़ने के बाद अभद्र व्यवहार करने लगे। बाद किसी तरह मामले को शांत कराया गया। घटना के दूसरे दिन यूपी एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफिसर्स ऐसोसिएशन की ओर से हड़ताल करने की घोषणा की गई थी। घटना की जानकारी होने पर वाराणसी क्षेत्र के शिक्षक एमएलसी चेतनरायण सिंह शिक्षक नेताओं के साथ साढ़े ग्यारह बजे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले घटना के संबंध में डीआईओएस योगेंद्र कुमार सिंह से वार्ता की। इसके बाद लेखाधिकारी के कमरे में भुक्तभोगी शहनावाज आलम, शिक्षक नेता रामानुज सिंह, लेखाधिकारी सतीश कुमार सिंह, अमित कुमार, बालकिशुन सिंह, आलोक श्रीवास्तव, नीरज सिंह, संतोष उपाध्याय की मौजूद में पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की।इस पर शिक्षक नेता से भी बात हुई। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद वह डीआईओएस कार्यालय में पहुंचे। यहां पर पहले से मौजूद बाबूओं को संबोधित किया। शिक्षक एमएलसी ने घटना पर खेद व्यक्त किया। कहा कि शिक्षक और डीआईओएस कार्यालय के बाबूओं के बीच चोली और दामन का संबंध होता है। यह घटना कैसे हुई। इस पर मुझे आश्चर्य हो रहा है। शिक्षक एमएलसी चेतनरायाण सियंह ने कहा कि इस तरह की घटना की दोबारा पुनावृत्ति किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए। इसी दौरान बाबुओं की तरफ से एक प्रस्ताव भी पेश किया गया। जिसमें बाबुओं के संगठन की मांग थी कि अगर कोई भी शिक्षक और कर्मचारी नेता किसी भी समस्या के संबंध में सीधे बाबू से बात नहीं करेगा। वह संबंधित अधिकारी से बात करेगा। अधिकारी शिकायतकर्ता के सामने किसी भी पटल सहायक को नहीं बुलाएगा। शिकायतकर्ता के जाने के बाद अधिकारी पटल सहायक से वार्ता करके फाइल का निस्तारण करेगा। इस पर सभी नेे हामी भर दी। यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली। इस दौरान शिक्षक नेताओं में विजय कुमार श्रीवास्तव, अवधेश तिवारी, विनोद सिंह, रामानुज सिंह, शिवकुमार सिंह सहित दर्जनों नेता शामिल है।
सबहेड
बाबूओं एवं शिक्षकों के बीच एमएलसी ने की मध्यस्थता
घंटों चला विवाद समाप्त करने का दौर
अब डीआईओएस वार्ता के बाद लेंगे फैसला
घटना पर चेतनराण सिंह ने जताया अफसोस
अमर उजाला ब्यूरो
गाजीपुर। शिक्षक नेता द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के बाबू शहनवाज अलाम की बांह मरोड़ की घटना के एक दिन बाद शनिवार को दोनों पक्षों की पंचायत शिक्षक एमएलसी की मौजूदगी में हुई। पंचायत में शिक्षक नेता के अफसोस जताने पर बाबूओं की नाराजगी दूर हो गई। हालांकि चेतनरायण सिंह ने ऐसी घटना दोबारा नहीं होने की अपील दोनों पक्षों से की है।
बीते शुक्रवार को शिक्षक नेता एवं इंटर कालेज खालिसपुर में प्रवक्ता पद पर तैनात रामानुज सिंह जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में वरिष्ठ लिपिक शहनवाज को किसी फाइल के संबंध में बुलाकर पूछताछ करने लगे। किसी बात को लेकर शिक्षक नेता ने बाबू की कलाई पकड़ ली और बांह को मरोड़ने के बाद अभद्र व्यवहार करने लगे। बाद किसी तरह मामले को शांत कराया गया। घटना के दूसरे दिन यूपी एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफिसर्स ऐसोसिएशन की ओर से हड़ताल करने की घोषणा की गई थी। घटना की जानकारी होने पर वाराणसी क्षेत्र के शिक्षक एमएलसी चेतनरायण सिंह शिक्षक नेताओं के साथ साढ़े ग्यारह बजे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले घटना के संबंध में डीआईओएस योगेंद्र कुमार सिंह से वार्ता की। इसके बाद लेखाधिकारी के कमरे में भुक्तभोगी शहनावाज आलम, शिक्षक नेता रामानुज सिंह, लेखाधिकारी सतीश कुमार सिंह, अमित कुमार, बालकिशुन सिंह, आलोक श्रीवास्तव, नीरज सिंह, संतोष उपाध्याय की मौजूद में पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की।इस पर शिक्षक नेता से भी बात हुई। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद वह डीआईओएस कार्यालय में पहुंचे। यहां पर पहले से मौजूद बाबूओं को संबोधित किया। शिक्षक एमएलसी ने घटना पर खेद व्यक्त किया। कहा कि शिक्षक और डीआईओएस कार्यालय के बाबूओं के बीच चोली और दामन का संबंध होता है। यह घटना कैसे हुई। इस पर मुझे आश्चर्य हो रहा है। शिक्षक एमएलसी चेतनरायाण सियंह ने कहा कि इस तरह की घटना की दोबारा पुनावृत्ति किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए। इसी दौरान बाबुओं की तरफ से एक प्रस्ताव भी पेश किया गया। जिसमें बाबुओं के संगठन की मांग थी कि अगर कोई भी शिक्षक और कर्मचारी नेता किसी भी समस्या के संबंध में सीधे बाबू से बात नहीं करेगा। वह संबंधित अधिकारी से बात करेगा। अधिकारी शिकायतकर्ता के सामने किसी भी पटल सहायक को नहीं बुलाएगा। शिकायतकर्ता के जाने के बाद अधिकारी पटल सहायक से वार्ता करके फाइल का निस्तारण करेगा। इस पर सभी नेे हामी भर दी। यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली। इस दौरान शिक्षक नेताओं में विजय कुमार श्रीवास्तव, अवधेश तिवारी, विनोद सिंह, रामानुज सिंह, शिवकुमार सिंह सहित दर्जनों नेता शामिल है।

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