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चुनाव के बाद हो रही फिजा अशांत
Ghazipur
Updated Fri, 23 May 2014 05:31 AM IST
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गाजीपुर। लोकसभा चुनाव के बाद धीरे-धीरे जिले की फिजा अशांत होनी लगी है। आए दिन कहीं न कहीं मारपीट, तोड़फोड़, आगजनी की घटनाएं हो रही हैं लेकिन पुलिस इन मामलों के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रही है। वह सिर्फ कोरम पूरा करने में ही रुचि ले रही है। यही रवैया रहा तो आने वाले दिनों में इस तरह के मामले चुनौती बन सकते हैं।
लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने जिले भर के विभिन्न हिस्सों से एक लाख से अधिक लोगों को पाबंद किया था। अब चुनावी आचार संहिता खत्म हो चुकी है। अब अराजक तत्वों ने दुबारा सिर उठाना शुरू कर दिया है। उनके द्वारा बेेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम भी दिया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों के अंदर हुई घटनाओं की बात करें तो दो दिन पूर्व करंडा के मैनपुर चट्टी में करीब एक दर्जन गुमटियों को फूंक दिया गया जिसमें हजारों रुपए मूल्य की संपत्ति राख हो गई। घटना के पीछे चुनावी रंजिश को ही अहम कारण माना जा रहा है लेकिन पुलिस अभी तक इस मामले में सिर्फ और सिर्फ हवा में ही तीर चलाने तक सीमित है। यही नहीं बीते मंगलवार की रात शादियाबाद थाना क्षेत्र के बरईपार गांव निवासी सेक्रेटरी प्रहलाद यादव के ऊपर पेट्रोल छिड़कर उसे जिंदा जलाने की कोशिश की गई। गंभीर हालत में उसे वाराणसी ले जाया गया है। बीते बुधवार को करंडा थाना क्षेत्र के ब्राह्म्णपुरा गांव में सराफ साहब वर्मा की दुकान में तोड़फोड़ करके की गई लूटपाट भी सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ी करती है। इसको लेकर आम लोगों मेें असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। लोगों का कहना है कि चुनाव के बाद पुलिस को पूरी तरह से सक्रियता बरतनी चाहिए लेकिन पुलिस लापरवाह बनी है। लोगों को आशंका है कि बारिश आने तक चुनावी रंजिश की आग और भड़क सकती है। ऐसे में समय रहते पुलिस प्रशासन को कठोर कदम उठाने चाहिए। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक डा. उमेश चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि घटित हुई वारदातों को पूरी गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए थानाध्यक्षों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
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लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने जिले भर के विभिन्न हिस्सों से एक लाख से अधिक लोगों को पाबंद किया था। अब चुनावी आचार संहिता खत्म हो चुकी है। अब अराजक तत्वों ने दुबारा सिर उठाना शुरू कर दिया है। उनके द्वारा बेेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम भी दिया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों के अंदर हुई घटनाओं की बात करें तो दो दिन पूर्व करंडा के मैनपुर चट्टी में करीब एक दर्जन गुमटियों को फूंक दिया गया जिसमें हजारों रुपए मूल्य की संपत्ति राख हो गई। घटना के पीछे चुनावी रंजिश को ही अहम कारण माना जा रहा है लेकिन पुलिस अभी तक इस मामले में सिर्फ और सिर्फ हवा में ही तीर चलाने तक सीमित है। यही नहीं बीते मंगलवार की रात शादियाबाद थाना क्षेत्र के बरईपार गांव निवासी सेक्रेटरी प्रहलाद यादव के ऊपर पेट्रोल छिड़कर उसे जिंदा जलाने की कोशिश की गई। गंभीर हालत में उसे वाराणसी ले जाया गया है। बीते बुधवार को करंडा थाना क्षेत्र के ब्राह्म्णपुरा गांव में सराफ साहब वर्मा की दुकान में तोड़फोड़ करके की गई लूटपाट भी सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ी करती है। इसको लेकर आम लोगों मेें असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। लोगों का कहना है कि चुनाव के बाद पुलिस को पूरी तरह से सक्रियता बरतनी चाहिए लेकिन पुलिस लापरवाह बनी है। लोगों को आशंका है कि बारिश आने तक चुनावी रंजिश की आग और भड़क सकती है। ऐसे में समय रहते पुलिस प्रशासन को कठोर कदम उठाने चाहिए। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक डा. उमेश चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि घटित हुई वारदातों को पूरी गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए थानाध्यक्षों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
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