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Ghazipur News: स्कूल न जाने वाले 940 बच्चे चिह्नित, दी जाएगी स्टेशनरी
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बेसिक शिक्षा के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले आउट ऑफ स्कूल बच्चों को स्टेशनरी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए जिले के सभी ब्लाकों में चिह्नित 940 बच्चों के लिए 7 लाख 87 हजार 720 रुपये की धनराशि मिली है।
विभाग की ओर से इसे स्कूलों के एसएमसी खाते में भेजा जाएगा ताकि बच्चों को स्टेशनरी खरीदकर दी जा सके। स्कूल न जाने वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में शामिल करने के लिए आउट आफ स्कूल बच्चों को चिह्नित किया जाता है।
इसके बाद उन्हें आयु के हिसाब से कक्षाओं में परिषदीय विद्यालयों में प्रवेश दिया जाता है। इन बच्चों की पढ़ाई में प्रयोग होने वाली स्टेशनरी का खर्च सरकार वहन करती है।
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जिले में 2266 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं जिसमें 1462 प्राथमिक, 350 उच्च प्राथमिक और 454 कंपोजिट विद्यालय हैं। वर्ष 2025-26 के शैक्षिक सत्र के लिए 940 बच्चे चिह्नित हुए हैं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बताया कि 600 रुपये प्रति बच्चे के हिसाब से 5 लाख 64 हजार रुपये और वर्कशीट की छाया प्रति कराने के लिए 238 रुपये प्रति बच्चे की दर से 2 लाख 23 हजार 720 रुपये मिले हैं।
कुल मिलाकर जिले को 7 लाख 87 हजार 720 रुपये की धनराशि मिली है। 838 रुपये प्रति बच्चे के हिसाब से विद्यालयों को पैसा भेजा रहा है, उससे स्टेशनरी में काॅपी, पेंसिल, रबर, कटर, ज्याेमेट्री बाॅक्स, पेन, आर्ट काॅपी, स्लेट, चाक, चार्ट पेपर, फाइल कवर आदि सामग्री शामिल है।
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विभाग की ओर से इसे स्कूलों के एसएमसी खाते में भेजा जाएगा ताकि बच्चों को स्टेशनरी खरीदकर दी जा सके। स्कूल न जाने वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में शामिल करने के लिए आउट आफ स्कूल बच्चों को चिह्नित किया जाता है।
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इसके बाद उन्हें आयु के हिसाब से कक्षाओं में परिषदीय विद्यालयों में प्रवेश दिया जाता है। इन बच्चों की पढ़ाई में प्रयोग होने वाली स्टेशनरी का खर्च सरकार वहन करती है।
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जिले में 2266 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं जिसमें 1462 प्राथमिक, 350 उच्च प्राथमिक और 454 कंपोजिट विद्यालय हैं। वर्ष 2025-26 के शैक्षिक सत्र के लिए 940 बच्चे चिह्नित हुए हैं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बताया कि 600 रुपये प्रति बच्चे के हिसाब से 5 लाख 64 हजार रुपये और वर्कशीट की छाया प्रति कराने के लिए 238 रुपये प्रति बच्चे की दर से 2 लाख 23 हजार 720 रुपये मिले हैं।
कुल मिलाकर जिले को 7 लाख 87 हजार 720 रुपये की धनराशि मिली है। 838 रुपये प्रति बच्चे के हिसाब से विद्यालयों को पैसा भेजा रहा है, उससे स्टेशनरी में काॅपी, पेंसिल, रबर, कटर, ज्याेमेट्री बाॅक्स, पेन, आर्ट काॅपी, स्लेट, चाक, चार्ट पेपर, फाइल कवर आदि सामग्री शामिल है।