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कृषक महिलाओं को सशक्त होना होगा
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:01 PM IST
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गाजीपुर। किसान दिवस के अवसर पर शनिवार को कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से सदर ब्लॉक के इस्लामाबाद गांव में स्वयं सहायता समूह द्वारा ग्रामीण महिलाओं को सशक्त करना विषयक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गृह वैज्ञानिक डॉ. सुनीता पांडेय ने कहा कि महिलाओं में क्षमता की कमी नहीं है लेकिन आत्मविश्वास एवं संगठन की कमी है। इसलिए इन दोनों का विकास करना बहुत जरूरी है और इसके लिए महिलाओं को आगे आने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि अगर महिलाएं कोई भी कार्य समूह में संगठित होकर करें तो अवश्य सफल होंगी एवं समाज में अपना एक स्थान बना पाएंगी। ऐसे में स्वयं सहायता समूह उनके लिए एक अच्छा माध्यम बन सकता है। स्वयं सहायता समूह 10 से 12 महिलाओं का एक समूह होता है, जिसकी महिलाएं हर महीने कुछ न कुछ बचत करती हैं एवं उसको जमा करती हैं। इस प्रकार वह अपनी बचत से आपस में लेनदेन कर अपना काम आसानी से कर सकती हैं। उनको कहीं और से ब्याज पर पैसे लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही समूह बनाने के बाद कृषि विज्ञान केंद्र से रोजगारपरक प्रशिक्षण लेकर बैंक से लोन लेकर महिलाएं समूह में रोजगार शुरू कर सकती हैं। समाज में अपनी अहम भूमिका के साथ ही पहचान बना सकती हैं। अपना और अपने पूरे परिवार का जीवन स्तर ऊंचा उठा सकती हैं। डॉ. पांडेय ने आह्वान किया कि महिलाएं अपने को सशक्त बनाने की ओर एक कदम बढ़ाएं और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा नई तकनीकी जानकारी प्राप्त कर कृषि अर्थव्यवस्था में भी अपनी अहम भूमिका अदा कर सकती हैं। इस प्रशिक्षण में 20 महिलाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर बालमती देवी, सुरसतिया देवी, सुरजा देवी, सिंधू देवी आदि उपस्थित थीं।
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उन्होंने कहा कि अगर महिलाएं कोई भी कार्य समूह में संगठित होकर करें तो अवश्य सफल होंगी एवं समाज में अपना एक स्थान बना पाएंगी। ऐसे में स्वयं सहायता समूह उनके लिए एक अच्छा माध्यम बन सकता है। स्वयं सहायता समूह 10 से 12 महिलाओं का एक समूह होता है, जिसकी महिलाएं हर महीने कुछ न कुछ बचत करती हैं एवं उसको जमा करती हैं। इस प्रकार वह अपनी बचत से आपस में लेनदेन कर अपना काम आसानी से कर सकती हैं। उनको कहीं और से ब्याज पर पैसे लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही समूह बनाने के बाद कृषि विज्ञान केंद्र से रोजगारपरक प्रशिक्षण लेकर बैंक से लोन लेकर महिलाएं समूह में रोजगार शुरू कर सकती हैं। समाज में अपनी अहम भूमिका के साथ ही पहचान बना सकती हैं। अपना और अपने पूरे परिवार का जीवन स्तर ऊंचा उठा सकती हैं। डॉ. पांडेय ने आह्वान किया कि महिलाएं अपने को सशक्त बनाने की ओर एक कदम बढ़ाएं और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा नई तकनीकी जानकारी प्राप्त कर कृषि अर्थव्यवस्था में भी अपनी अहम भूमिका अदा कर सकती हैं। इस प्रशिक्षण में 20 महिलाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर बालमती देवी, सुरसतिया देवी, सुरजा देवी, सिंधू देवी आदि उपस्थित थीं।
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