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निर्माण कार्य संतोषजनक न पाए जाने चढ़ी त्योरी, लगाई फटकार
Updated Mon, 18 Dec 2017 12:06 AM IST
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सुहवल (गाजीपुर)। रेल मंत्रालय की तकनीकी सलाहकार समिति के चेयरमैन आरआर जगुहार, प्रो. प्रेम कृष्णा, सीपीएम विकास चंद्रा का शनिवार की देर शाम आगमन हुआ। यहां आने के बाद अधिकारियों ने गाजीपुर घाट स्टेशन स्थित फेबरीक्रेशन सुपर स्ट्रक्चर यार्ड का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्य संतोषजनक न पाए जाने पर संबंधित को फटकार लगाई।
अधिकारियों ने हमीद सेतु के बगल में गंगा नदी पर बन रहे पुल के नए पिलर को देखा। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि ब्लास्टिंग के बाद सिंकिंग का कार्य नहीं होना है। पिलर में ड्रिल को लेकर उन्होंने सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने मेदिनीपुर स्थित प्लांट पहुंचकर परिसर का मौका मुआयना किया। समिति के चेयरमैन ने मातहतों एवं कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद सैनी संग बैठक की। निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में किसी तरह की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि यह कार्य समय से हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए। निरीक्षण के समय केंद्रीय टेक्निकल एडवाइजरी वोर्ड के कार्यकारी निदेशक पीके सिंह, उपेंद्रजी शुक्ल, संयुक्त महाप्रबंधक प्रोजेक्ट डाइरेक्टर एसके ओझा, आरवीएनएल के संयुक्त महाप्रबंधक सिविल विशेषज्ञ एसएन साहू, उप महाप्रबंधक सत्यम कुमार, पवन दूबे आदि अधिकारी उपस्थित थे। इस संबंध में समिति के चेयरमैन आरआर जगुहार एवं प्रो. प्रेम कृष्णा ने संयुक्त रूप से बताया कि जून 2018 तक सभी पिलरों को खड़ा करने के साथ इस पर गार्डर रखने का काम शुरू हो जाएगा। पुल पूरी तरह से जून 2019 में बनकर तैयार हो जाएगा। निर्माण कार्य पर संतोष जताते हुए कहा कि जिस तरह से निर्माण कार्य चल रहा है उन्हें पूरी उम्मीद है कि वह अपने निर्धारित समय से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा।
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अधिकारियों ने हमीद सेतु के बगल में गंगा नदी पर बन रहे पुल के नए पिलर को देखा। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि ब्लास्टिंग के बाद सिंकिंग का कार्य नहीं होना है। पिलर में ड्रिल को लेकर उन्होंने सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने मेदिनीपुर स्थित प्लांट पहुंचकर परिसर का मौका मुआयना किया। समिति के चेयरमैन ने मातहतों एवं कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद सैनी संग बैठक की। निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में किसी तरह की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि यह कार्य समय से हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए। निरीक्षण के समय केंद्रीय टेक्निकल एडवाइजरी वोर्ड के कार्यकारी निदेशक पीके सिंह, उपेंद्रजी शुक्ल, संयुक्त महाप्रबंधक प्रोजेक्ट डाइरेक्टर एसके ओझा, आरवीएनएल के संयुक्त महाप्रबंधक सिविल विशेषज्ञ एसएन साहू, उप महाप्रबंधक सत्यम कुमार, पवन दूबे आदि अधिकारी उपस्थित थे। इस संबंध में समिति के चेयरमैन आरआर जगुहार एवं प्रो. प्रेम कृष्णा ने संयुक्त रूप से बताया कि जून 2018 तक सभी पिलरों को खड़ा करने के साथ इस पर गार्डर रखने का काम शुरू हो जाएगा। पुल पूरी तरह से जून 2019 में बनकर तैयार हो जाएगा। निर्माण कार्य पर संतोष जताते हुए कहा कि जिस तरह से निर्माण कार्य चल रहा है उन्हें पूरी उम्मीद है कि वह अपने निर्धारित समय से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा।
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