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मदन बनारस में अलग अंदाज में मनती है होली

Wed, 13 Mar 2019 11:43 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 13 Mar 2019 11:43 PM IST
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मदन बनारस में अलग अंदाज में मनती है होली
जमानिया। मदन बनारस के नाम से विख्यात जमानिया तहसील में होली मनाने का एक अलग अंदाज रहा है। होली की मस्ती का रंग यहां के लोगों में एक माह पहले ही चढ़ जाता है, जो बढ़ते हुड़दंग के साथ और चटख होता जाता है। पुरुष और महिलाओं की ओर से फगुआ गाया जाता है। देेेखा जाए तो होली के दिन तो यहां का नजारा ही अलग होता है। लोग अपने- बेगाने भूलकर बस एक ही रंग में रंगे रहते हैं। गांवों में भी महिलाएं अलग से समूह बनाकर होली गाती हैं। उनकी होली गीत में ज्यादा भावुकता दिखती है। प्रेम और सौंदर्य का भाव अधिक होता है। गीतों में श्रृंगार और रूप का वर्णन होता है। विरह को व्यक्त किया जाता है। ज्यादा वादक यंत्रों का प्रयोग तो नहीं होता लेकिन गीतों के भावों की गहराई अधिक दिखती है। इस क्षेत्र में पुरूषों द्वारा अधिक फागुआ के गीत गाये जाते है। वहीं महिलाओं की ओर से गाई जाने वाले एक गीत में पति या प्रेमी के प्रति प्रेम का इजहार कुछ ऐसे किया गया है। ‘होरीयां बीते बालम न आयो होरिया बीते, सबकर बलमुआ घरे-घरे आयो । हमरे बलम न पता हो बलम होरिया बीते, सबकर बलमुआ घरे घरे आयो।।’ गायक रजनीकान्त यादव कहते हैं कि गांव में आज भी फगुआ गाने की परंपरा जीवित है और लोग खुले मैदान, पीपल के पेड़ के नीचे बैठ कर फगुआ गाते हैं। हालांकि इसमें कुछ गिरावट आई है, लेकिन आज भी पूर्वांचल के इस इलाके में जोरों से फगुआ गाया जाता है। क्षेत्र के हरपुर, कसेरा पोखरा, पचोखर, ताजपुर मांझा, बहादुरपुर, हेतिमपुर आदि गांव में पुरूष रात्रि के समय दिन भर का काम समाप्त कर अपनी थकान दूर करने के लिए फगुआ के गीत गाते है और मस्ती में झूमते नाचते है। यथार्थ जीवन से भी होली के रंग गायब साहित्यकार राजेन्द्र प्रसाद सिंह का कहना है कि होली के फगुआ के गीतों की जगह अब अश्लील गीतों ने ले लिया है। प्रेम और मिलन के गीतों के जगह पर फुहड़पन परोसा जा रहा है। जिससे समाज में गिरावट आ रही है। होली का रंग अब हमारे जीवन से भी लुप्त होता जा रहा है। पहले होली से पहले लोग कपड़े खरीदारी, तो वही महिलाएं घरों में पकवान बनाने में जुट जाती थी। वही आंगन और छतों पर पापड़, चिप्स बनाने में जुट जाती थीं लेकिन आज आधुनिक युग में सब कुछ रेडिमेड वस्तुओं ने ले लिया।
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