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अति प्राचीन पद्धति है प्राकृतिक चिकित्सा
Updated Sun, 18 Nov 2018 11:43 PM IST
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सुहवल (गाजीपुर)। क्षेत्र के मेदिनीपुर में रविवार को प्राकृतिक चिकित्सा दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी हरिकेष चौरसिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर विभिन्न तरह के स्वास्थ्य संबंधित स्टाल लगाए गए थे जहां लोगों को संबंधित जानकारी दी गई। चिकित्सकों ने प्राकृतिक चिकित्सा, आहार- विहार, ऋतुचर्या, दिनचर्या आदि के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी।
इस अवसर पर सीडीओ ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा का इतिहास उतना ही पुराना है जितना स्वयं प्रकृति। यह चिकित्सा विज्ञान आज की सभी चिकित्सा प्रणालियों से पुरानी है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जीसी मौर्या ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा के साथ-साथ योग एवं आसनों का प्रयोग शारीरिक एवं आध्यात्मिक सुधारों के हजारों वर्षों से प्रचलन में है। इसका प्रचलन देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है। इस पद्धति ने कई असाध्य रोगों से छुटकारा दिलाया है। पुराण काल में (उपवास ) को लोग अचूक चिकित्सा मानते थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रम्हदेव सिंह एवं संचालन आशू सिंह ने किया। इस मौके पर अंतर्राष्ट्रीय योग प्राकृतिक चिकित्सक डा. सत्यनारायण, भयंकर सिंह यादव, दीपक सिंह, अर्चना, राकेश राय लोहा, लालचंद बिंद, मटरू सिंह, राधेश्याम, एडीओ पंचायत अशोक कुमार पांडेय, रामनिवास राय, ब्रम्हदेव सिंह, रविन्द्र सिंह, बालेश्वर राम, दर्शन यादव पहलवान, कमला यादव, दयाशंकर पांडेय, रवि राय, रामकेश आदि उपस्थित थे।
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इस अवसर पर सीडीओ ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा का इतिहास उतना ही पुराना है जितना स्वयं प्रकृति। यह चिकित्सा विज्ञान आज की सभी चिकित्सा प्रणालियों से पुरानी है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जीसी मौर्या ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा के साथ-साथ योग एवं आसनों का प्रयोग शारीरिक एवं आध्यात्मिक सुधारों के हजारों वर्षों से प्रचलन में है। इसका प्रचलन देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है। इस पद्धति ने कई असाध्य रोगों से छुटकारा दिलाया है। पुराण काल में (उपवास ) को लोग अचूक चिकित्सा मानते थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रम्हदेव सिंह एवं संचालन आशू सिंह ने किया। इस मौके पर अंतर्राष्ट्रीय योग प्राकृतिक चिकित्सक डा. सत्यनारायण, भयंकर सिंह यादव, दीपक सिंह, अर्चना, राकेश राय लोहा, लालचंद बिंद, मटरू सिंह, राधेश्याम, एडीओ पंचायत अशोक कुमार पांडेय, रामनिवास राय, ब्रम्हदेव सिंह, रविन्द्र सिंह, बालेश्वर राम, दर्शन यादव पहलवान, कमला यादव, दयाशंकर पांडेय, रवि राय, रामकेश आदि उपस्थित थे।
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