गाजीपुर। खाद्य पदार्थो में मिलावटखारी का खेल तेजी से शुरू हो गया है। शहर समेत ग्रामीण इलाके में नकली खोवा के साथ घी, पनीर भी नकली तैयार किया जा रहा है। आलम यह है कि मिठाई, पनीर और शुद्ध घी के रूप में लोग मीठा जहर खा रहे हैं। इतना ही नहीं दूध सहित अन्य सामानों की भी यही स्थिति है। चिकित्सकों की माने तो इससे लोगों के स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर पड़ता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने पिछले एक पखवारे में जगह-जगह छापेमारी कर नकली खोवा, पनीन, छेना और घी के कुल 22 नमूने लिए हैं। सबकी जांच के लिए भेजा गया है। जबकि पिछले एक साल में विभाग द्वारा कुल 227 नमूने लिए गए, जिसमें मिलावटखोरी के साथ ही नकली खोवा और पनीर बनाने वाले कुल 109 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। नगर और कस्बों की दुकानों के साथ ही पनीर, छेना और खोवा मंडी में चेकिंग की जा रही है। नगर के सुधीर कुमार का कहना है कि त्योहार नजदीक आते ही नकली खोवा, छेना और पनीर का प्रयोग धड़ल्ले से किया जाता है। जिसे खाकर लोग बीमार पड़ते हैं। गोपाल पांडेय ने कहा कि होली का पर्व नजदीक आ गया है। बाजार में खोवा और छेना की बिक्री बढ़ गई है। ऐसे में नकली खोवा और पनीर न बिके इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को पूरी सर्तकता बरतना होगा।