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लोस चुनाव: फर्जी नामों की जांच-पड़ताल शुरू
Updated Wed, 05 Dec 2018 12:23 AM IST
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गाजीपुर/सेवराई। लोस चुनाव के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। वोटर लिस्ट में फर्जी तरीके से चढ़ाए गए नामों की जांच-पड़ताल के साथ ही मृतक, शिफ्टेड और डुप्लीकेट नामों की पड़ताल की जा रही है। तहसीलदार विराग पांडेय के निर्देश पर जांच टीम ने सेवराई तहसील में फर्जी तरीके से बढ़ाए गए 500 से अधिक नामों को कटवाया। बताया कि किसी भी सूरत में फर्जी तरीके से वोटर लिस्ट में नाम नहीं चढ़ाए जाएंगे। अगर किसी कर्मचारी की संलिप्तता पाई गई, तो उसके खिलाफ भी दंडनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। पुनरीक्षण अभियान के तहत अब वोटर लिस्ट में फर्जी तरीके से चढ़ाए गए नामों की जांच-पड़ताल के साथ ही मृतक, शिफ्टेड और डुप्लीकेट नामों को हटाने की कवायद की जा रही है। यह कार्य पूर्ण होने के बाद अब मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 31 जनवरी को होना है। निर्वाचन आयोग की ओर से 30 नवंबर तक निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में हजारों लोगों की ओर से फार्म-छह भरकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराया गया है। इसमें बड़ी संख्या में मृतक, शिफ्टेड एवं डुप्लीकेट मतदाताओं का नाम सूची से हटाया जा रहे हैं। बताया गया है कि तहसील क्षेत्र में 2360 फार्म-सात प्राप्त हुए हैं।
पुनरीक्षण अभियान पर एक नजर डालें तो वर्तमान में 1624 मृतक, 374 शिफ्टेड तथा 362 डुप्लीकेट मतदाता मिले हैं। जबकि जनपद में 33813 फार्म-सात प्राप्त हुए हैं। दावे और आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद 31 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। तहसीलदार विराग पांडेय ने बताया कि एक हजार से अधिक नाम को कटवाया गया है। किसी भी सूरत में मतदाता सूची में अशुद्ध, दोहरे, शिफ्टेड नाम नहीं रहेने दिए जाएंगे। इतना ही नहीं जिलाधिकारी के बाला जी ने निर्देश दिया है कि मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम को पूरी सतर्कता के साथ करना है। गलत कार्यों में जिस कर्मचारी की संलिप्ता पाई जाएगी, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।
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निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। पुनरीक्षण अभियान के तहत अब वोटर लिस्ट में फर्जी तरीके से चढ़ाए गए नामों की जांच-पड़ताल के साथ ही मृतक, शिफ्टेड और डुप्लीकेट नामों को हटाने की कवायद की जा रही है। यह कार्य पूर्ण होने के बाद अब मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 31 जनवरी को होना है। निर्वाचन आयोग की ओर से 30 नवंबर तक निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में हजारों लोगों की ओर से फार्म-छह भरकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराया गया है। इसमें बड़ी संख्या में मृतक, शिफ्टेड एवं डुप्लीकेट मतदाताओं का नाम सूची से हटाया जा रहे हैं। बताया गया है कि तहसील क्षेत्र में 2360 फार्म-सात प्राप्त हुए हैं।
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पुनरीक्षण अभियान पर एक नजर डालें तो वर्तमान में 1624 मृतक, 374 शिफ्टेड तथा 362 डुप्लीकेट मतदाता मिले हैं। जबकि जनपद में 33813 फार्म-सात प्राप्त हुए हैं। दावे और आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद 31 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। तहसीलदार विराग पांडेय ने बताया कि एक हजार से अधिक नाम को कटवाया गया है। किसी भी सूरत में मतदाता सूची में अशुद्ध, दोहरे, शिफ्टेड नाम नहीं रहेने दिए जाएंगे। इतना ही नहीं जिलाधिकारी के बाला जी ने निर्देश दिया है कि मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम को पूरी सतर्कता के साथ करना है। गलत कार्यों में जिस कर्मचारी की संलिप्ता पाई जाएगी, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।
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