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54 ने पाया समाधान, मायूस होकर लौटे सैकड़ों फरियादी
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जिले के सातों तहसीलों पर शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। जखनिया में एडीएम एके सिंह और एसपी रामबदन सिंह ने शिकायती पत्रों पर सुनवाई कर निस्तारण का निर्देश दिया। सभी तहसीलों पर 784 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ। इसमें से मात्र 54 का ही निस्तारण हो पाया। भीषण गर्मी और तेज धूप में शेष फरियादियों को बैरंग ही घर वापस लौटना पड़ा।
सुबह नौ बजे से ही विभिन्न तहसीलों पर फरियादियों के आने का क्रम शुरू हो गया था। मुख्य संपूर्ण समाधान दिवस जखनिया में आयोजित था। ऐसे में एसडीएम अनिरूद्ध प्रताप सिंह सुबह 9.30 बजे पहुंच गए और तैयारियों को पूर्ण करने का निर्देश कर्मचारियों को दिया। सुबह 10.40 बजे एडीएम एके सिंह और एसपी रामबदन सिंह भी पहुंचे और एक-एक कर फरियादियों के आवेदनों पर सुनवाई करते हुए निस्तारण का निर्देश दिया। इस दौरान 185 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिसमें आठ का ही निस्तारण हो पाया। तहसील सदर में 123 में 16 का निस्तारण हुआ। सेवराई में 56 में चार, सैदपुर में 151 में 11, कासिमाबाद में 107 में 10, जमानिया में 71 में दो, मुहम्मदाबाद में 91 में तीन का ही निस्तारण हो सका। एसडीएम एके सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तत्काल मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करते हुए प्रार्थना पत्रों का निस्तारण कराएं। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों दो दिनों में शत-प्रतिशत निस्तारण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा इसकी समीक्षा शासन स्तर से होती है। इसमें लापरवाही पर संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। इस अवसर पर सभी अधिकारी मौजूद रहे।
पांच बीघा भूमि कासिमाबाद तहसील के फहीमपुर मौजा में 2018 में खरीद था। खारिज दाखिल होने के बाद भी कुछ दबंगों द्वारा मुझे कब्जा करने से रोका जा रहा है। कई बार तहसील और थाना समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।- चंद्रिका पाल, रोहिली
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घर के सामने आबादी की भूमि की पैमाइश करने के लिए प्रार्थना पत्र दे रहा हूं। लेखपाल द्वारा चकरोड पैमाइश दिखाकर निस्तारित कर दिया जा रहा है। जबकि आबादी की भूमि की पैमाइश हो जाती तो मेरे पट्टीदार से विवाद समाप्त हो जाता। - सीताराम, बुढ़नपुर चक अब्दुल रशीद
पट्टे की भूमि को कब्जा करने के लिए पिछले दो बार से तहसील समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र दे चुकी हैं। एक बार भी मेरे प्रार्थना पत्र पर कोई अधिकारी या लेखपाल मौके पर नहीं गया।- पुष्पा देवी, सोनबरसा
ग्राम पंचायत रोहिली में एक कुआं है। उसको कुछ दबंगों ने पाट दिया है। कुएं को खुदाई के लिए कई बार तहसील समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र दिया र्षों से प्रार्थना पत्र दे रहा हूं।- जितेंद्र सिंह, मंडल उपाध्यक्ष भाजपा कासिमाबाद प्रथम।
पुश्तैनी भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है, इसकी शिकायत कई बार तहसील के उच्च अधिकारियों से की गई, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हो सका।- लोकेश पांडेय, रेहटी मालीपुर
हनुमान जी के मंदिर में चंदा के सहयोग से अर्ध निर्माण हो चुका है। अब अधिकारियों द्वारा रोका जा रहा है। शिकायतपत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।- रामजी यति, अधिवक्ता
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पिछले दो वर्षों से तहसील और जिले का चक्कर काट रहा हूं। आज तक भूमि से दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को नहीं हटवाया गया। - रमेश यादव, बहरामपुर
बहुत मुश्किलों से आशियाना बनाने का खुशी थी, लेकिन आवास का जैसे ही पैसा आया दलालों ने हड़प लिया। शिकायती पत्र अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया हूं, न्याय की उम्मीद है। - बसंत कुमार, जमसड़ा
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सुबह नौ बजे से ही विभिन्न तहसीलों पर फरियादियों के आने का क्रम शुरू हो गया था। मुख्य संपूर्ण समाधान दिवस जखनिया में आयोजित था। ऐसे में एसडीएम अनिरूद्ध प्रताप सिंह सुबह 9.30 बजे पहुंच गए और तैयारियों को पूर्ण करने का निर्देश कर्मचारियों को दिया। सुबह 10.40 बजे एडीएम एके सिंह और एसपी रामबदन सिंह भी पहुंचे और एक-एक कर फरियादियों के आवेदनों पर सुनवाई करते हुए निस्तारण का निर्देश दिया। इस दौरान 185 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिसमें आठ का ही निस्तारण हो पाया। तहसील सदर में 123 में 16 का निस्तारण हुआ। सेवराई में 56 में चार, सैदपुर में 151 में 11, कासिमाबाद में 107 में 10, जमानिया में 71 में दो, मुहम्मदाबाद में 91 में तीन का ही निस्तारण हो सका। एसडीएम एके सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तत्काल मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करते हुए प्रार्थना पत्रों का निस्तारण कराएं। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों दो दिनों में शत-प्रतिशत निस्तारण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा इसकी समीक्षा शासन स्तर से होती है। इसमें लापरवाही पर संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। इस अवसर पर सभी अधिकारी मौजूद रहे।
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पांच बीघा भूमि कासिमाबाद तहसील के फहीमपुर मौजा में 2018 में खरीद था। खारिज दाखिल होने के बाद भी कुछ दबंगों द्वारा मुझे कब्जा करने से रोका जा रहा है। कई बार तहसील और थाना समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।- चंद्रिका पाल, रोहिली
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घर के सामने आबादी की भूमि की पैमाइश करने के लिए प्रार्थना पत्र दे रहा हूं। लेखपाल द्वारा चकरोड पैमाइश दिखाकर निस्तारित कर दिया जा रहा है। जबकि आबादी की भूमि की पैमाइश हो जाती तो मेरे पट्टीदार से विवाद समाप्त हो जाता। - सीताराम, बुढ़नपुर चक अब्दुल रशीद
पट्टे की भूमि को कब्जा करने के लिए पिछले दो बार से तहसील समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र दे चुकी हैं। एक बार भी मेरे प्रार्थना पत्र पर कोई अधिकारी या लेखपाल मौके पर नहीं गया।- पुष्पा देवी, सोनबरसा
ग्राम पंचायत रोहिली में एक कुआं है। उसको कुछ दबंगों ने पाट दिया है। कुएं को खुदाई के लिए कई बार तहसील समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र दिया र्षों से प्रार्थना पत्र दे रहा हूं।- जितेंद्र सिंह, मंडल उपाध्यक्ष भाजपा कासिमाबाद प्रथम।
पुश्तैनी भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है, इसकी शिकायत कई बार तहसील के उच्च अधिकारियों से की गई, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हो सका।- लोकेश पांडेय, रेहटी मालीपुर
हनुमान जी के मंदिर में चंदा के सहयोग से अर्ध निर्माण हो चुका है। अब अधिकारियों द्वारा रोका जा रहा है। शिकायतपत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।- रामजी यति, अधिवक्ता
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पिछले दो वर्षों से तहसील और जिले का चक्कर काट रहा हूं। आज तक भूमि से दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को नहीं हटवाया गया। - रमेश यादव, बहरामपुर
बहुत मुश्किलों से आशियाना बनाने का खुशी थी, लेकिन आवास का जैसे ही पैसा आया दलालों ने हड़प लिया। शिकायती पत्र अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया हूं, न्याय की उम्मीद है। - बसंत कुमार, जमसड़ा