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हड़ताल से बैंकों में लटके रहे ताले
Updated Wed, 30 May 2018 11:16 PM IST
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गाजीपुर। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर राष्ट्रीयकृत बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन शहर सहित जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे। इस अवसर पर विभिन्न बैंक शाखा परिसरों में कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर हुंकार भरी। इस दौरान आयोजित सभा में सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की जमकर आलोचना की।
यूबीआई के महुआबाग स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर हुई सभा में यूएफबीयू के संयोजक एवं यूबीआई स्टाफ एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने कहा कि बैंक कर्मियों ने सभी सरकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। सरकार 11 वें वेतन समझौता में अनावश्यक रूप से देर कर रही है। सिर्फ दो प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव है, जो सभी बैंक कर्मचारियों के लिए शर्मनाक एवं अपमानजनक विषय है। उन्होंने सरकार से सम्मानजनक वेतन समझौता, एक समान पेंशन, पेंशन अपडेशन और स्केल-7 तक के अधिकारियों को वेतन समझौते में शामिल करने की मांग की। प्रांतीय सहायक महामंत्री संतोष कुमार ने बैंकों में बढ़ रहे एनपीए के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। बड़े कारोबारियों एवं उद्योगपतियों से कड़ाईपूर्वक लोन वसूलने की आवश्यकता बताई। यूनियन बैंक आफीसर्स के क्षेत्रीय सचिव सत्यम कुमार ने कहा कि वेतन समझौतों में अभी तक केवल स्केल-3 तक के अधिकारियों को शामिल किया जा रहा है, जो फूट डालो और राज करो की नीति पर आधारित है। इलाहाबाद बैंक स्टाफ एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव संतोष राय ने सरकार के नकारात्मक रवैये को अपमानजनक बताया। शीघ्र सम्मानजनक समझौता बैंकों में लागू करने की मांग की। सभा में मनोज कुमार, मो. तसौव्वर, रुपेश उपाध्याय, दीपक सिंह, सरजू चौधरी, अमरेंद्र भारती, कमलेश सिंह, निशिकांत सिंह, विनोद शर्मा, धर्मेंद्र प्रसाद, प्रदीप यादव, नाजरीन बेगम, आकांक्षा दुबे, ऋचा सिंह, रामअवध प्रेमी, हरिकेश, ब्रह्मदेव यादव, विरेंद्र गुप्ता, चंदन कुमार, राजेंद्र, पीएन सिंह, विनोद प्रसाद, मुकेश कुमार, सुशील कुमार, आशुतोष चतुर्वेदी, विजयप्रताप सिंह, उदयवीर यादव, शशिकांत सिंह, सत्येंद्र कुमार, गुलाब सिंह, स्वामीनाथ गुप्ता, रामकृत, दिनेश आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता ओमप्रकाश सिंह तथा संचालन हरिद्वार सिंह यादव ने किया। भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी संघ की ओर से शाखा परिसर में अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर प्रकाश रंजन, शिवम शुक्ला, विरेंद्र गुप्ता, संजीव, इंद्रजीत चौधरी, शंभू प्रसाद, अरुण कुमार, प्रीतम, संजीव, गजानंद पांडेय, विशाल प्रकाश आदि उपस्थित थे। विशेश्वरगंज स्थित पंजाब नैशनल बैंक के पास बैंक कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर कर्मचारियों ने आईबीए से वार्ता असफल होने पर रोष व्यक्त किया। सभा में कमलेश कुमार सिंह, सुभाष राय, हृदयशंकर राय, सत्येंद्र गुप्ता, अशोक सिंह, श्रीप्रकाश तिवारी, नरोत्तम सिंह, गौरी राम, अरुण कुमार, विरेंद्र कुमार आदि उपस्थित थे। मुहम्मदाबाद में सरकारी बैंकों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर बुधवार को हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते ग्राहकों को काफी असुविधा उठानी पड़ी। बैंक कर्मचारी वेतन में दो फीसदी की बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर फिर से विचार करने के संबंध में कोई आश्वासन नहीं मिलने के कारण 30 एवं 31 मई को दो दिवसीय हडताल पर रहेंगे। नगर के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में ताले लटकते रहे।
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यूबीआई के महुआबाग स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर हुई सभा में यूएफबीयू के संयोजक एवं यूबीआई स्टाफ एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने कहा कि बैंक कर्मियों ने सभी सरकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। सरकार 11 वें वेतन समझौता में अनावश्यक रूप से देर कर रही है। सिर्फ दो प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव है, जो सभी बैंक कर्मचारियों के लिए शर्मनाक एवं अपमानजनक विषय है। उन्होंने सरकार से सम्मानजनक वेतन समझौता, एक समान पेंशन, पेंशन अपडेशन और स्केल-7 तक के अधिकारियों को वेतन समझौते में शामिल करने की मांग की। प्रांतीय सहायक महामंत्री संतोष कुमार ने बैंकों में बढ़ रहे एनपीए के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। बड़े कारोबारियों एवं उद्योगपतियों से कड़ाईपूर्वक लोन वसूलने की आवश्यकता बताई। यूनियन बैंक आफीसर्स के क्षेत्रीय सचिव सत्यम कुमार ने कहा कि वेतन समझौतों में अभी तक केवल स्केल-3 तक के अधिकारियों को शामिल किया जा रहा है, जो फूट डालो और राज करो की नीति पर आधारित है। इलाहाबाद बैंक स्टाफ एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव संतोष राय ने सरकार के नकारात्मक रवैये को अपमानजनक बताया। शीघ्र सम्मानजनक समझौता बैंकों में लागू करने की मांग की। सभा में मनोज कुमार, मो. तसौव्वर, रुपेश उपाध्याय, दीपक सिंह, सरजू चौधरी, अमरेंद्र भारती, कमलेश सिंह, निशिकांत सिंह, विनोद शर्मा, धर्मेंद्र प्रसाद, प्रदीप यादव, नाजरीन बेगम, आकांक्षा दुबे, ऋचा सिंह, रामअवध प्रेमी, हरिकेश, ब्रह्मदेव यादव, विरेंद्र गुप्ता, चंदन कुमार, राजेंद्र, पीएन सिंह, विनोद प्रसाद, मुकेश कुमार, सुशील कुमार, आशुतोष चतुर्वेदी, विजयप्रताप सिंह, उदयवीर यादव, शशिकांत सिंह, सत्येंद्र कुमार, गुलाब सिंह, स्वामीनाथ गुप्ता, रामकृत, दिनेश आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता ओमप्रकाश सिंह तथा संचालन हरिद्वार सिंह यादव ने किया। भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी संघ की ओर से शाखा परिसर में अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर प्रकाश रंजन, शिवम शुक्ला, विरेंद्र गुप्ता, संजीव, इंद्रजीत चौधरी, शंभू प्रसाद, अरुण कुमार, प्रीतम, संजीव, गजानंद पांडेय, विशाल प्रकाश आदि उपस्थित थे। विशेश्वरगंज स्थित पंजाब नैशनल बैंक के पास बैंक कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर कर्मचारियों ने आईबीए से वार्ता असफल होने पर रोष व्यक्त किया। सभा में कमलेश कुमार सिंह, सुभाष राय, हृदयशंकर राय, सत्येंद्र गुप्ता, अशोक सिंह, श्रीप्रकाश तिवारी, नरोत्तम सिंह, गौरी राम, अरुण कुमार, विरेंद्र कुमार आदि उपस्थित थे। मुहम्मदाबाद में सरकारी बैंकों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर बुधवार को हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते ग्राहकों को काफी असुविधा उठानी पड़ी। बैंक कर्मचारी वेतन में दो फीसदी की बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर फिर से विचार करने के संबंध में कोई आश्वासन नहीं मिलने के कारण 30 एवं 31 मई को दो दिवसीय हडताल पर रहेंगे। नगर के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में ताले लटकते रहे।
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