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Ghazipur News: दस महीने में दाखिल-खारिज के 49 फीसदी मामले घटे

Fri, 07 Nov 2025 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 07 Nov 2025 11:48 PM IST
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49% reduction in admission and dismissal cases in ten months
गाजीपुर। जनपद में राजस्व से जुड़ी शिकायतों और वादों के निस्तारण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की निगरानी और त्रिस्तरीय समीक्षा प्रणाली के चलते बीते 10 महीनों में दाखिल-खारिज के मामलों में 49.25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। जिला प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, दाखिल-खारिज के कुल मामले जनवरी 2025 में 8375 थे, जो नवंबर में घटकर 4250 रह गए। वहीं, 45 दिन से अधिक पुराने दाखिल-खारिज वादों की संख्या भी 5673 से घटकर 2133 रह गई, यानी 37.59 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि तीन माह पुराने वादों की तादाद 2133 से घटकर 1026 हो गई है। इसके साथ ही दाखिल-खारिज से जुड़े एक वर्ष पुराने वादों की संख्या जनवरी में 1411 थी, जो अब घटकर 477 रह गई है इसी तरह सह-हिस्सेदारों के बीच कृषि भूमि विभाजन (जोत बंटवारा) से जुड़े मामले जनवरी में 2561 मामले लंबित थे, जो नवंबर में घटकर 1559 हो गए, यानी 39.12 प्रतिशत की कमी आई है।
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भूमि सीमा निर्धारण विवादों में भी सुधार-भूमि सीमा निर्धारण से संबंधित एक वर्ष से अधिक पुराने वादों में भी बीते दस महीने में कमी आई है। जनवरी से अक्तूबर के बीच भू-राजस्व से जुड़े कुल लंबित वाद 1097 से घटकर 964 रह गए हैं, यानी 133 मामलों में कमी हुई। हालांकि, तीन माह पुराने वादों में 51 वादों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो 678 से बढ़कर 729 पर जा पहुंची है।
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त्वरित निस्तारण के लिए नया जांच प्रारूप लागू-गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने राजस्व शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के लिए प्रशासन ने नया जांच आख्या प्रारूप लागू किया है। इस प्रारूप में चार चरणों में जांच प्रक्रिया निर्धारित की गई है, जिसमें लेखपाल से लेकर तहसीलदार तक की स्पष्ट जिम्मेदारियां तय की गई हैं। साथ 11 दिन की समयावधि भी तय की गई है।
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शिकायतों और भू-राजस्व से जुड़े वादों के निस्तारण में सुधार प्रशासन की सघन निगरानी और त्रिस्तरीय समीक्षा का परिणाम है। रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों व शिकायतकर्ताओं की आमने-सामने पेशी कराई जाती है। जिसमें शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक के आधार पर निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।-अविनाश कुमार, जिलाधिकारी, गाजीपुर।
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