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संवेदनशीलता पर आधारित है जेंडर सेंस्टीविटी
Updated Sun, 23 Sep 2018 11:29 PM IST
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गाजीपुर। सनबीम स्कूल महाराजगंज के सभागार में रविवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की तरफ से अध्यापकों के लिए जेंडर सेंस्टीविटी पर आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन दयावती मोदी एकेडमी रामनगर वाराणसी के प्रिंसिपल डॉ. रंजन रॉय और जीवनदीप पब्लिक स्कूल बारालालपुर वाराणसी की प्रिंसिपल डा. ममता सिंह उपस्थित थीं। वर्कशॉप में उन्होंने कहा कि जेंडर सेंस्टीविटी संवेदनशीलता पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के सामान्य विकास के लिए लिंग संवेदनशीलता एक बुनियादी आवश्यकता है। इस संवेदनशीलता की आवश्यकता को दुनिया भर में प्राचीन और लगभग सभी प्रकार के मानव अस्तित्व के दौरान महसूस किया गया। इस कार्यक्रम में सीबीएसई ने जेंडर सेंस्टीविटी किट विकसित की है। यह किट स्कूलों में अध्यापकों के लिए है। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लड़के और लड़कियों में बिना किसी भेदभाव के लर्निंग प्रोसेस हो। इसमें हैंडबुक और जेंडर सेंसिटाइजेशन संबंधित कार्ड होंगे। साथ ही टीचरों के लिए मैन्युअल होगा। हैंडबबुक में इस बात पर भी फोकस किया गया है कि क्लास में लड़के-लड़कियों को तमाम गतिविधियों में समान रूप से भाग लेने को प्रेरित किया जाए। यह भी देखा गया है कि कई बार अध्यापक अनजाने में कुछ ऐसी टिप्पणी कर जाते हैं, जिसमें लड़कियों की क्षमता पर सवाल उठा दिया जाता है। ऐसे में हैंडबुक प्रैक्टिकल गाइड की तरह होगी, जो अध्यापक को भेदभाव के खिलाफ सचेत करेगी। इससे स्कूल लेवल से ही बच्चे महिलाओं का सम्मान करना सीखेंगे और उनके प्रति संवेदनशील बनेंगे। वर्कशाप में किड्स किंगडम स्कूल, शम्स नेशनल स्कूल, शाहफैज पब्लिक स्कूल, माउंट लिट्राजी स्कूल, वेद इंटरनेशनल स्कूल, तूलिका पब्लिक स्कूल, ज्ञान पीठिका स्कूल, एसएस पब्लिक स्कूल, एमजेआरपी स्कूल, शाहना इंटरनेशनल स्कूल, सनबीम स्कूल बलिया, सनबीम स्कूल गाजीपुर, दीनापुर पब्लिक स्कूल आदि स्कूलों के अध्यापकों ने भाग लिया। इस अवसर पर सनबीम स्कूल महाराजगंज के चेयरमैन केपी सिंह, वेन्यू डाइरेक्टर नवीन कुमार सिंह, असिस्टेंट डाइरेक्टर प्रवीण कुमार सिंह और उप प्रधानाचार्या अर्चना तिवारी आदि उपस्थित थीं।
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उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के सामान्य विकास के लिए लिंग संवेदनशीलता एक बुनियादी आवश्यकता है। इस संवेदनशीलता की आवश्यकता को दुनिया भर में प्राचीन और लगभग सभी प्रकार के मानव अस्तित्व के दौरान महसूस किया गया। इस कार्यक्रम में सीबीएसई ने जेंडर सेंस्टीविटी किट विकसित की है। यह किट स्कूलों में अध्यापकों के लिए है। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लड़के और लड़कियों में बिना किसी भेदभाव के लर्निंग प्रोसेस हो। इसमें हैंडबुक और जेंडर सेंसिटाइजेशन संबंधित कार्ड होंगे। साथ ही टीचरों के लिए मैन्युअल होगा। हैंडबबुक में इस बात पर भी फोकस किया गया है कि क्लास में लड़के-लड़कियों को तमाम गतिविधियों में समान रूप से भाग लेने को प्रेरित किया जाए। यह भी देखा गया है कि कई बार अध्यापक अनजाने में कुछ ऐसी टिप्पणी कर जाते हैं, जिसमें लड़कियों की क्षमता पर सवाल उठा दिया जाता है। ऐसे में हैंडबुक प्रैक्टिकल गाइड की तरह होगी, जो अध्यापक को भेदभाव के खिलाफ सचेत करेगी। इससे स्कूल लेवल से ही बच्चे महिलाओं का सम्मान करना सीखेंगे और उनके प्रति संवेदनशील बनेंगे। वर्कशाप में किड्स किंगडम स्कूल, शम्स नेशनल स्कूल, शाहफैज पब्लिक स्कूल, माउंट लिट्राजी स्कूल, वेद इंटरनेशनल स्कूल, तूलिका पब्लिक स्कूल, ज्ञान पीठिका स्कूल, एसएस पब्लिक स्कूल, एमजेआरपी स्कूल, शाहना इंटरनेशनल स्कूल, सनबीम स्कूल बलिया, सनबीम स्कूल गाजीपुर, दीनापुर पब्लिक स्कूल आदि स्कूलों के अध्यापकों ने भाग लिया। इस अवसर पर सनबीम स्कूल महाराजगंज के चेयरमैन केपी सिंह, वेन्यू डाइरेक्टर नवीन कुमार सिंह, असिस्टेंट डाइरेक्टर प्रवीण कुमार सिंह और उप प्रधानाचार्या अर्चना तिवारी आदि उपस्थित थीं।
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