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धराशायी हो रहा मिशन इंद्रधनुष
Updated Tue, 19 Jun 2018 11:44 PM IST
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भांवरकोल(गाजीपुर)। गरीब तथा दबे-कुचले और असहाय बच्चों के टीकाकरण के लिए सरकार की ओर से लाई गई इंद्रधनुष मिशन योजना क्षेत्र में पूरी तरह से फ्लाप साबित हो रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोड़ऊर के तहत जसदेवपुर उपकेंद्र से जुड़े करीब आधा दर्जन गांवों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार के टीकाकरण की सुविधा नहीं मिल पा रही है। कारण यह है कि इस उपकेंद्र पर पांच माह से कोई एएनएम नहीं है। इस मिशन का तीसरा और आखिरी चरण चल रहा है। अगर शासन-प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो सभी टीकाकरण से वंचित रह जाएंगे।
जसदेवपुर स्वास्थ्य के उपकेंद्र के तहत जसदेवपुर, खजुरी, महेशपुर द्वितीय, नकटीकोल समेत करीब आधा दर्जन गांव आते हैं। करीब पांच माह पहले इस केंद्र की एएनएम ने अवकाश ग्रहण कर लिया। इसके बाद से इस पद पर किसी की तैनाती नहीं हुई है। इसके चलते गर्भवती महिलाओँ और बच्चों के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस समय मिशन इद्रधनुष का तीसरा चरण जोर-शोर से चल रहा है लेकिन इन गांवों के बच्चों को टीका नहीं लग पा रहा है। इस योजना के तहत झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले, भट्ठों पर काम करने वाले तथा गरीब दबे कुचले लोगों के बच्चों को हेपेटाइटिस-बी, बीसीजी, खसरा आदि हर प्रकार के रोगों से बचाव के लिए का टीका लगाया जाना है। पूरे क्षेत्र मे यह महत्वाकांक्षी योजना धरी की धरी रह गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गोड़ऊर के प्रभारी डा. सुशील कुमार मौर्या ने बताया कि जसदेवपुर में एएनएम के खाली पद की जानकारी सीएमओ समेत सभी बड़े अधिकारियों को दे दी गई है। इनकी तैनाती कब होगी इस बारें में ठीक से नहीं कहा जा सकता। छूटें गांवों में टीकाकरण का प्रयास किया जाएगा।
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जसदेवपुर स्वास्थ्य के उपकेंद्र के तहत जसदेवपुर, खजुरी, महेशपुर द्वितीय, नकटीकोल समेत करीब आधा दर्जन गांव आते हैं। करीब पांच माह पहले इस केंद्र की एएनएम ने अवकाश ग्रहण कर लिया। इसके बाद से इस पद पर किसी की तैनाती नहीं हुई है। इसके चलते गर्भवती महिलाओँ और बच्चों के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस समय मिशन इद्रधनुष का तीसरा चरण जोर-शोर से चल रहा है लेकिन इन गांवों के बच्चों को टीका नहीं लग पा रहा है। इस योजना के तहत झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले, भट्ठों पर काम करने वाले तथा गरीब दबे कुचले लोगों के बच्चों को हेपेटाइटिस-बी, बीसीजी, खसरा आदि हर प्रकार के रोगों से बचाव के लिए का टीका लगाया जाना है। पूरे क्षेत्र मे यह महत्वाकांक्षी योजना धरी की धरी रह गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गोड़ऊर के प्रभारी डा. सुशील कुमार मौर्या ने बताया कि जसदेवपुर में एएनएम के खाली पद की जानकारी सीएमओ समेत सभी बड़े अधिकारियों को दे दी गई है। इनकी तैनाती कब होगी इस बारें में ठीक से नहीं कहा जा सकता। छूटें गांवों में टीकाकरण का प्रयास किया जाएगा।
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