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किसान सभा ने फूंका एमपी के सीएम का पुतला
Updated Fri, 09 Jun 2017 10:35 PM IST
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गाजीपुर। अखिल भारतीय किसान सभा ने मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों पर गोली चलाने की घटना का विरोध करने के साथ अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को जुलूस निकाला। विभिन्न मार्गों से होता हुआ जुलूस कचहरी पहुंचा। पुलिस कार्यालय के सामने किसान सभा के लोगों ने नारेबाजी के साथ एमपी के मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।
इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकारों द्वारा किसान विरोधी नीतियां अपनाई जा रही है। इसी का परिणाम है कि किसान समुदाय बर्बादी के कगार पर है और आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा करने वाली सरकार चुनाव बाद भी डॉ. स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू नहीं कर सकी है। जब तक कृषि नीति किसानों के पक्ष में नहीं बनेगी, तब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। कहा कि वर्तमान में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा तक किसान आंदोलित हैं। इनके सवालों पर विचार न करके सरकारें हिंदू-मुसलमान, गोरक्षा, लव जेहाद, बूचड़खाना बंद करने पर ध्यान केंद्रित करके वोट बैंक सहेजने में लगी है। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था पर उदासीनता का परिचय दे रही है। वक्ताओं ने मंदसौर में गोली से मृतकों के प्रति सहानुभूति, किसानों के ऋण माफ करने, डॉ. स्वामीनाथन कमेटी की संस्तुति के अनुसार लागत मूल्य में पचास प्रतिशत मुनाफा जोड़ने, कृषि उत्पाद का मूल्य तय करने, गाजीपुर जनपद में आपदा राहत की धनराशि मंगाकर किसानों में वितरित करने, चौरही मार्ग को ठीक कराने, मंगई नदी एवं नहरों में पानी छोड़न, जंगीपुर कार्ड में निदोर्षों पर लगाए गए गुंडा एक्ट को वापस करने की मांग की। चेतावनी दिया कि अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो किसान उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस मौके पर पूर्व सांसद विश्वनाथ शास्त्री, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र यादव, डॉ. केएन सिंह, भाकपा जिला सचिव अमेरिका सिंह यादव, सहसचिव जनार्दन राम, राजदेव यादव, अखिलेश राय, नरसिंह यादव, विनोद राय, सुभाष पांडेय, विश्राम यादव, विक्रमा यादव, राम शुक्ला, राजकुमार सिंह, विरेंद्र यादव, कमलेश यादव, सुदर्शन, बब्बू मिश्रा आदि मौजूद थे। अध्यक्षता किसान सभा के जिलाध्यक्ष कृपाशंकर सिंह तथा संचालन महामंत्री सूर्यनाथ यादव ने किया।
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इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकारों द्वारा किसान विरोधी नीतियां अपनाई जा रही है। इसी का परिणाम है कि किसान समुदाय बर्बादी के कगार पर है और आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा करने वाली सरकार चुनाव बाद भी डॉ. स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू नहीं कर सकी है। जब तक कृषि नीति किसानों के पक्ष में नहीं बनेगी, तब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। कहा कि वर्तमान में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा तक किसान आंदोलित हैं। इनके सवालों पर विचार न करके सरकारें हिंदू-मुसलमान, गोरक्षा, लव जेहाद, बूचड़खाना बंद करने पर ध्यान केंद्रित करके वोट बैंक सहेजने में लगी है। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था पर उदासीनता का परिचय दे रही है। वक्ताओं ने मंदसौर में गोली से मृतकों के प्रति सहानुभूति, किसानों के ऋण माफ करने, डॉ. स्वामीनाथन कमेटी की संस्तुति के अनुसार लागत मूल्य में पचास प्रतिशत मुनाफा जोड़ने, कृषि उत्पाद का मूल्य तय करने, गाजीपुर जनपद में आपदा राहत की धनराशि मंगाकर किसानों में वितरित करने, चौरही मार्ग को ठीक कराने, मंगई नदी एवं नहरों में पानी छोड़न, जंगीपुर कार्ड में निदोर्षों पर लगाए गए गुंडा एक्ट को वापस करने की मांग की। चेतावनी दिया कि अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो किसान उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस मौके पर पूर्व सांसद विश्वनाथ शास्त्री, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र यादव, डॉ. केएन सिंह, भाकपा जिला सचिव अमेरिका सिंह यादव, सहसचिव जनार्दन राम, राजदेव यादव, अखिलेश राय, नरसिंह यादव, विनोद राय, सुभाष पांडेय, विश्राम यादव, विक्रमा यादव, राम शुक्ला, राजकुमार सिंह, विरेंद्र यादव, कमलेश यादव, सुदर्शन, बब्बू मिश्रा आदि मौजूद थे। अध्यक्षता किसान सभा के जिलाध्यक्ष कृपाशंकर सिंह तथा संचालन महामंत्री सूर्यनाथ यादव ने किया।
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