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डीपीओ के निरीक्षण में कार्यकर्ता और सहायिका अनुपस्थित, बंद मिले केंद्र
Updated Thu, 12 Jul 2018 11:08 PM IST
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मरदह(गाजीपुर)। जिला कार्यक्रम अधिकारी अमरनाथ मौर्य ने गुरुवार को क्षेत्र के कई आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जबकि कुछ केंद्रों का मुख्य सेविकाओं से निरीक्षण कराया। इस निरीक्षण में कई कार्यकर्ता एवं सहायिका अनुपस्थित रहीं और कुछ केंद्र भी बंद मिले।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अमरनाथ मौर्य ने बताया कि निरीक्षण के क्रम में सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय कस्बागौर पर संचालित केंद्र पर पहुंचे तो कार्यकर्ता एवं सहायिका अनुपस्थित रहीं। तीन से छह वर्ष के बच्चों की संख्या छह पाई गई। केंद्र पर उपस्थिति पंजिका को छोड़कर कोई अभिलेख नहीं मिला। बरही गांव प्रथम एवं द्वितीय प्राथमिक विद्यालय पर संचालित रहता है। निरीक्षण के समय मात्र आठ बच्चे पाए गये। केंद्र पर दो कार्यकर्ता एवं एक सहायिका अनुपस्थित रहीं। एक सहायिका उपस्थित रहीं। केंद्र पर पोषाहार का वितरण नहीं किया गया। मरदह प्रथम एवं द्वितीय का संचालन प्राथमिक विद्यालय पर किया जाता है, जहां पहुंचने पर केंद्र बंद देख जिला कार्यक्रम अधिकारी अवाक रह गए। तैनात दो कार्यकर्ता एवं दो सहायिका अनुपस्थित रहीं। बताया कि मुख्य सेविकाओं के निरीक्षण में नोनरा गांव की कार्यकर्ता एवं सहायिका, मरदह गांव की कार्यकर्ता एवं सहायिका, कोदई गांव की कार्यकर्ता एवं सहायिका, ड़ोड़सर गांव की कार्यकर्ता एवं सहायिका तथा सिंगेरा गांव द्वितीय की कार्यकर्ता एवं सहायिका अनुपस्थित पाई गई। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी अमरनाथ मौर्य ने बताया कि केंद्रों के निरीक्षण में घोर लापरवाही एवं पोषाहार वितरण न किए जाने के संदर्भ में प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं संबंधित क्षेत्रीय मुख्य सेविकाओं को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस निर्गत किया गया।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी अमरनाथ मौर्य ने बताया कि निरीक्षण के क्रम में सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय कस्बागौर पर संचालित केंद्र पर पहुंचे तो कार्यकर्ता एवं सहायिका अनुपस्थित रहीं। तीन से छह वर्ष के बच्चों की संख्या छह पाई गई। केंद्र पर उपस्थिति पंजिका को छोड़कर कोई अभिलेख नहीं मिला। बरही गांव प्रथम एवं द्वितीय प्राथमिक विद्यालय पर संचालित रहता है। निरीक्षण के समय मात्र आठ बच्चे पाए गये। केंद्र पर दो कार्यकर्ता एवं एक सहायिका अनुपस्थित रहीं। एक सहायिका उपस्थित रहीं। केंद्र पर पोषाहार का वितरण नहीं किया गया। मरदह प्रथम एवं द्वितीय का संचालन प्राथमिक विद्यालय पर किया जाता है, जहां पहुंचने पर केंद्र बंद देख जिला कार्यक्रम अधिकारी अवाक रह गए। तैनात दो कार्यकर्ता एवं दो सहायिका अनुपस्थित रहीं। बताया कि मुख्य सेविकाओं के निरीक्षण में नोनरा गांव की कार्यकर्ता एवं सहायिका, मरदह गांव की कार्यकर्ता एवं सहायिका, कोदई गांव की कार्यकर्ता एवं सहायिका, ड़ोड़सर गांव की कार्यकर्ता एवं सहायिका तथा सिंगेरा गांव द्वितीय की कार्यकर्ता एवं सहायिका अनुपस्थित पाई गई। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी अमरनाथ मौर्य ने बताया कि केंद्रों के निरीक्षण में घोर लापरवाही एवं पोषाहार वितरण न किए जाने के संदर्भ में प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं संबंधित क्षेत्रीय मुख्य सेविकाओं को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस निर्गत किया गया।
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