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Ghazipur News: महानिशा पूजा में 25 हजार श्रद्धालुओं ने मां कामाख्या धाम में टेका मत्था
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मां कामाख्या मंदिर के महानिशा की पूजा में शामिल श्रद्धालु। संवाद
सेवराई। मां कामाख्या धाम गहमर में चैत्र नवरात्र की अष्टमी तिथि पर बुधवार की मध्यरात्रि आयोजित महानिशा पूजा में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। करीब 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।
मंदिर के पुजारी महंत आकाश राज तिवारी ने बताया कि मध्यरात्रि 12 बजे होने वाली इस विशेष पूजा को लेकर श्रद्धालु शाम से ही मंदिर परिसर में पहुंचकर स्थान सुरक्षित कर बैठ गए थे। मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए कतारबद्ध दर्शन-पूजन की समुचित व्यवस्था की गई थी।
महंत आकाश राज तिवारी द्वारा विधि-विधान से मां कामाख्या की पूजा-अर्चना और आरती के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके पश्चात भक्तों ने दर्शन-पूजन किया और प्रसाद ग्रहण किया। महानिशा पूजा को लेकर विशेष धार्मिक मान्यता है कि इस पूजा में शामिल होकर सच्चे मन से की गई प्रार्थना मां अवश्य स्वीकार करती हैं। मान्यता के अनुसार निसंतान दंपति भी इस पूजा में शामिल होकर संतान प्राप्ति की कामना करते हैं, जो पूर्ण होती है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहमर कोतवाली पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ मंदिर परिसर में तैनात रही, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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मंदिर के पुजारी महंत आकाश राज तिवारी ने बताया कि मध्यरात्रि 12 बजे होने वाली इस विशेष पूजा को लेकर श्रद्धालु शाम से ही मंदिर परिसर में पहुंचकर स्थान सुरक्षित कर बैठ गए थे। मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए कतारबद्ध दर्शन-पूजन की समुचित व्यवस्था की गई थी।
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महंत आकाश राज तिवारी द्वारा विधि-विधान से मां कामाख्या की पूजा-अर्चना और आरती के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके पश्चात भक्तों ने दर्शन-पूजन किया और प्रसाद ग्रहण किया। महानिशा पूजा को लेकर विशेष धार्मिक मान्यता है कि इस पूजा में शामिल होकर सच्चे मन से की गई प्रार्थना मां अवश्य स्वीकार करती हैं। मान्यता के अनुसार निसंतान दंपति भी इस पूजा में शामिल होकर संतान प्राप्ति की कामना करते हैं, जो पूर्ण होती है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहमर कोतवाली पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ मंदिर परिसर में तैनात रही, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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