{"_id":"5988a6724f1c1b11638b470f","slug":"21502127730-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मसीही समुदाय की बहनों ने बंदियों को बांधी राखी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मसीही समुदाय की बहनों ने बंदियों को बांधी राखी
Updated Mon, 07 Aug 2017 11:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। जेल का वातावरण सोमवार को रक्षाबंधन पर्व को लेकर खुशनुमा दिखा। शहर सहित जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से वे बहनें अपने उन भाइयों को राखी बांधने के लिए पहुंची थीं, जो जिला जेल में विभिन्न मामलों में बंद हैं। इसी क्रम मसीही समुदाय की महिलाएं भी जिला जेल में पहुंचीं और बंदियों को राखी बांधकर उनसे नेकी की राह पर चलने की अपील की।
सोमवार की सुबह करीब नौ बजे लूदर्स कान्वेंट की प्रधानाचार्य सिस्टल अल्फोंसा समीही समुदाय की अन्य महिलाओं के साथ जिला जेल में पहुंचीं। महिलाओं ने बंदियों की कलाई पर प्यार की डोर बांधकर उनका मुंह मीठा कराकर उनके लंबी उम्र की कामना की। इस दौरान प्रधानाचार्य ने बंदियों से हाथ जोड़कर नेकी के राह पर चलते हुए अच्छा इंसान बनने की अपील की। महिलाओं ने बंदियों के साथ ही बंदी रक्षकों और अधिकारियों को भी राखी बांधी। इस मौके पर बालास्वामी, सिस्टर सलोनी, सिस्टर अंजना, सिस्टर सविता, सिस्टर प्रीति के साथ ही हास्टल की छात्राएं मौजूद रहीं। इसके अलावा शहर के साथ ही दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों की बहने भी जिला जेल में पहुंचा और जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर प्यार की डोर बांधकर उनके दीर्घायु होने की कामना की।
विज्ञापन
सोमवार की सुबह करीब नौ बजे लूदर्स कान्वेंट की प्रधानाचार्य सिस्टल अल्फोंसा समीही समुदाय की अन्य महिलाओं के साथ जिला जेल में पहुंचीं। महिलाओं ने बंदियों की कलाई पर प्यार की डोर बांधकर उनका मुंह मीठा कराकर उनके लंबी उम्र की कामना की। इस दौरान प्रधानाचार्य ने बंदियों से हाथ जोड़कर नेकी के राह पर चलते हुए अच्छा इंसान बनने की अपील की। महिलाओं ने बंदियों के साथ ही बंदी रक्षकों और अधिकारियों को भी राखी बांधी। इस मौके पर बालास्वामी, सिस्टर सलोनी, सिस्टर अंजना, सिस्टर सविता, सिस्टर प्रीति के साथ ही हास्टल की छात्राएं मौजूद रहीं। इसके अलावा शहर के साथ ही दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों की बहने भी जिला जेल में पहुंचा और जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर प्यार की डोर बांधकर उनके दीर्घायु होने की कामना की।
विज्ञापन