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प्रकाशोत्सव पर नगर में निकाली शोभायात्रा
Updated Sat, 23 Dec 2017 12:13 AM IST
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मुहम्मदाबाद (गाजीपुर)। सिखों के दसवें गुरू एवं खालसा पंथ के संस्थापक श्री गुरूगोविंद सिंहजी के 351वें प्रकाशोत्सव के अवसर पर शुक्रवार को नगर में सिख समुदाय की तरफ से नगर कीर्तन एवं शोभा यात्रा निकाली गई। यात्रा सदर रोड स्थित गुरूद्वारा से शुरू होकर तहसील, हाटा रोड, यूसुफपुर बाजार, फाटक होते हुए शाम को वापस गुरूद्वारा पहुंची जहां रात में लंगर का आयोजन हुआ। इसमें सैकड़ों की संख्या में लोगों ने प्रसाद चखा।
नगर कीर्तन में सबसे आगे निशान साहेब शोभायात्रा की अगुवाई कर रहे थे। उसके पीछे स्कूली बच्चे हाथों में नशा उन्मूलन एवं समाज को अच्छे विचार देने संबंधी लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे। यात्रा के दौरान सिख समुदाय के स्त्री, पुरूष जत्थे बनाकर शबद कीर्तन गाते हुए एवं सतनाम वाहेगुरू, बोले सो निहाल, सत श्री अकाल का उदघोष करते हुए चल रहे थे जिससे पूरा माहौल भक्ति मय बनाए हुए था। इसमें स्थानीय सिख संगत के अलावा गाजीपुर, बलिया, रसडा, जमानिया एवं दिलदारनगर से आए सिख समुदाय के लोग शामिल थे। शोभा यात्रा में गुरूग्रंथ साहिब की सवारी को बहुत ही आकर्षक ढंग से सजाया गया था। इसकी अगुवाई विशेष वेशभूषा पहने पंच प्यारे कर रहे थे। शोभा यात्रा में मुख्य रूप से त्रिलोचन सिंह, नरजीत सिंह, बिल्लू सिंह, पिंटू सिंह, गुरूचरन सिंह, हरपाल सिंह, बलजीत सिंह, नवजोत सिंह, प्रिंस, गोलू आदि शामिल रहे। शोभा यात्रा के समापन के बाद बाहर से आए हुए लोगों ने गुरूद्वारा में अपना विचार प्रस्तुत किया। गुरूजी के बताए उपदेशों पर अमल कर जीवन को सफल बनाने पर बल दिया। अंत में दशमेश सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष सरदार सतनाम सिंह ने शोभा यात्रा में शामिल लोगों एवं नगर पालिका प्रशासन को मार्गो की विशेष सफाई एवं प्रशासन को सहयोग के लिये आभार जताया।
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नगर कीर्तन में सबसे आगे निशान साहेब शोभायात्रा की अगुवाई कर रहे थे। उसके पीछे स्कूली बच्चे हाथों में नशा उन्मूलन एवं समाज को अच्छे विचार देने संबंधी लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे। यात्रा के दौरान सिख समुदाय के स्त्री, पुरूष जत्थे बनाकर शबद कीर्तन गाते हुए एवं सतनाम वाहेगुरू, बोले सो निहाल, सत श्री अकाल का उदघोष करते हुए चल रहे थे जिससे पूरा माहौल भक्ति मय बनाए हुए था। इसमें स्थानीय सिख संगत के अलावा गाजीपुर, बलिया, रसडा, जमानिया एवं दिलदारनगर से आए सिख समुदाय के लोग शामिल थे। शोभा यात्रा में गुरूग्रंथ साहिब की सवारी को बहुत ही आकर्षक ढंग से सजाया गया था। इसकी अगुवाई विशेष वेशभूषा पहने पंच प्यारे कर रहे थे। शोभा यात्रा में मुख्य रूप से त्रिलोचन सिंह, नरजीत सिंह, बिल्लू सिंह, पिंटू सिंह, गुरूचरन सिंह, हरपाल सिंह, बलजीत सिंह, नवजोत सिंह, प्रिंस, गोलू आदि शामिल रहे। शोभा यात्रा के समापन के बाद बाहर से आए हुए लोगों ने गुरूद्वारा में अपना विचार प्रस्तुत किया। गुरूजी के बताए उपदेशों पर अमल कर जीवन को सफल बनाने पर बल दिया। अंत में दशमेश सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष सरदार सतनाम सिंह ने शोभा यात्रा में शामिल लोगों एवं नगर पालिका प्रशासन को मार्गो की विशेष सफाई एवं प्रशासन को सहयोग के लिये आभार जताया।
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