{"_id":"5a185d364f1c1bca678bd75a","slug":"201511546166-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रद्धापूर्वक मनाया गया गुरूतेज बहादुर का शहीदी दिवस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रद्धापूर्वक मनाया गया गुरूतेज बहादुर का शहीदी दिवस
Updated Fri, 24 Nov 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। गुरू तेग बहादुर का शहीदी दिवस गुरुवार को महाजन टोली स्थित गुरूद्वारा श्री गुरू सिंह सभा में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर सुबह श्रद्धालुओं ने गुरू के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित कर मत्था टेका। सत्संग के जरिए गुरूवाणी का कीर्तन किया गया।
इस मौके पर सरदार दर्शन सिंह ने कहा कि गुरूजी ने हिंदू धर्म एवं तिलक, जनेऊ, शिखा की रक्षा के लिए अपना बलिदान तक दे दिया। औरंगजेब ने कश्मीरी ब्राह्मणों को आदेश दिया कि आप सब लोग इस्लाम धर्म कुबूल कर लो नहीं तो सभी के सभी मारे जाओगे। तब कश्मीरी ब्राह्मण गुरूजी के पास आए और अपनी सारी व्यथा गुरूजी से कही। गुरूजी ने कहा कि कोई महापुरुष अपना बलिदान देगा तभी धर्म की रक्षा हो सकती है। गुरू गोविंद सिंह ने कहा कि आप से बड़ा कौन महापुरुष है। सरदार दर्शन सिंह ने कहा कि उसी समय गुरू तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा के लिए प्रण किया। औरंगजेब गुरूजी को आगरा से गिरफ्तार कराकर दिल्ली ले आया। प्रलोभन दिया लेकिन गुरूजी ने एक भी शर्त नहीं मानी। उनको तरह-तरह की यातनाएं दी गई लेकिन वह धर्म की रक्षा के लिए अडिग रहे। इस अवसर पर मंजीत सिंह, हरलोक सिंह, अंशू, सरदार त्रिलोचन सिंह, सरदार बब्लू सिंह आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
इस मौके पर सरदार दर्शन सिंह ने कहा कि गुरूजी ने हिंदू धर्म एवं तिलक, जनेऊ, शिखा की रक्षा के लिए अपना बलिदान तक दे दिया। औरंगजेब ने कश्मीरी ब्राह्मणों को आदेश दिया कि आप सब लोग इस्लाम धर्म कुबूल कर लो नहीं तो सभी के सभी मारे जाओगे। तब कश्मीरी ब्राह्मण गुरूजी के पास आए और अपनी सारी व्यथा गुरूजी से कही। गुरूजी ने कहा कि कोई महापुरुष अपना बलिदान देगा तभी धर्म की रक्षा हो सकती है। गुरू गोविंद सिंह ने कहा कि आप से बड़ा कौन महापुरुष है। सरदार दर्शन सिंह ने कहा कि उसी समय गुरू तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा के लिए प्रण किया। औरंगजेब गुरूजी को आगरा से गिरफ्तार कराकर दिल्ली ले आया। प्रलोभन दिया लेकिन गुरूजी ने एक भी शर्त नहीं मानी। उनको तरह-तरह की यातनाएं दी गई लेकिन वह धर्म की रक्षा के लिए अडिग रहे। इस अवसर पर मंजीत सिंह, हरलोक सिंह, अंशू, सरदार त्रिलोचन सिंह, सरदार बब्लू सिंह आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन