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जर्जर विद्युत तार दे रहे मौत को दावत
Updated Sat, 28 Oct 2017 10:26 PM IST
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करीमुद्दीनपुर/मरदह। जिले के करीमुद्दीनपुर तथा मरदह विकास खंड में जर्जर तार और विद्युत पोल मौत को दावत दे रहे हैँ। सबकुछ जानते हुए जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
करीमुद्दीनपुर संवाददाता के मुताबिक स्थानीय गांव तथा बाजार में अधिकतर स्थानों पर बिजली के लटकते जर्जर तार और पुराने लकड़ी के झुके खंभे दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। गाँव के रास्ते और गलियों से होकर सरस्वती शिशु मंदिर तक और बाजार कई जगहों पर तार इतने नीचे तक लटके हुए हैं। जिससे हमेशा तार टूटने का भय बना रहता है। दुर्घटना के भय से लोग काफी दहशत में जीते हैँ। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक विद्युत तार की चपेट में कई लोग आ चुके हैं। फिर भी प्रशासन और बिजली विभाग इसके प्रति गंभीर नहीं है।
डा0 दिनेश चंद्र राय, विनोद कुमार राय, विजय शंकर तिवारी आदि का कहना है कि करीमुद्दीनपुर उपकेंद्र के निर्माण के 40 -45 बरस हो चुके हैं। उसी समय के लगे विद्युत तार और खंभे काफी जर्जर हो गए है और उसके रखरखाव तथा मरम्मत की ब्यवस्था कभी ठीक से नही कराई गई जिससे जर्जर तार झुके खंभे आंधी तूफान में टूट क्र गिर जाते है फिर बिभाग द्वारा किसी तरह जोड़तोड़ कर बिजली चालु कर दी जाती है और हमेसा फाल्ट और सप्लाई बन्द होने की मार जनता पर पड़ती और लोगो को उपकेंद्र का चक्कर लगाना पड़ता है। पुराने तारों के भरोसे जरूरत के मुताबिक ब्यवस्था में सुधार कर्र पाना सम्भव नही हो पा रहा है। गाँव में काफी समय के लगे लकड़ी के खंभे जड़ से खोखले होते जा रहे हैं। कई पानी लगने से सड़ कर टूटने और गिरने के कगार पर हैं। यह लोगों की दीवारों और छतों पर किसी तरह अड़े हैं, कुछ जगह तार छत पर फैले हैं। यह कभी भी दुर्घटना को अंजाम दे सकते हैं। सबसे खतरनाक स्थिति गोसलपुर, करीमुद्दीनपुर सहित करइल क्षेत्र की है। इस इलाके में हमेशा टार टूटकर गिरता रहता और विद्युत फाल्ट होता है। जिससे बिजली अक्सर बाधित होती रहती है और उसका खमियाजा लोग भोगने को मजबूर हैं। लोगों ने प्रशासन औरसरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है। जिससे जर्जर तार खंभे को बदलकर समस्या का समाधान किया जा सके। इस संबंध में करीमुद्दीनपुर विद्युत केंद्र के अवर अभियंता अनिल कुमार यादव का कहना है कि गांव में बिजली ब्यवस्था सुधारने के लिए तार और खंभे का स्टीमेट उच्चाधिकारियों को दे दिया गया है। स्वीकृत होकर आते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। उधर मरदह बाजार से जागोपुर रोड पर जर्जर हो चुके बिजली के तार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैँ। जर्जर तार आए दिन टूटकर गिर रहे हैं। जिससे आमजन परेशान और भयभीत दिख रहे हैं। आलम यह है कि कभी भी कोई बङा हादसा हो सकता है।
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करीमुद्दीनपुर संवाददाता के मुताबिक स्थानीय गांव तथा बाजार में अधिकतर स्थानों पर बिजली के लटकते जर्जर तार और पुराने लकड़ी के झुके खंभे दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। गाँव के रास्ते और गलियों से होकर सरस्वती शिशु मंदिर तक और बाजार कई जगहों पर तार इतने नीचे तक लटके हुए हैं। जिससे हमेशा तार टूटने का भय बना रहता है। दुर्घटना के भय से लोग काफी दहशत में जीते हैँ। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक विद्युत तार की चपेट में कई लोग आ चुके हैं। फिर भी प्रशासन और बिजली विभाग इसके प्रति गंभीर नहीं है।
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डा0 दिनेश चंद्र राय, विनोद कुमार राय, विजय शंकर तिवारी आदि का कहना है कि करीमुद्दीनपुर उपकेंद्र के निर्माण के 40 -45 बरस हो चुके हैं। उसी समय के लगे विद्युत तार और खंभे काफी जर्जर हो गए है और उसके रखरखाव तथा मरम्मत की ब्यवस्था कभी ठीक से नही कराई गई जिससे जर्जर तार झुके खंभे आंधी तूफान में टूट क्र गिर जाते है फिर बिभाग द्वारा किसी तरह जोड़तोड़ कर बिजली चालु कर दी जाती है और हमेसा फाल्ट और सप्लाई बन्द होने की मार जनता पर पड़ती और लोगो को उपकेंद्र का चक्कर लगाना पड़ता है। पुराने तारों के भरोसे जरूरत के मुताबिक ब्यवस्था में सुधार कर्र पाना सम्भव नही हो पा रहा है। गाँव में काफी समय के लगे लकड़ी के खंभे जड़ से खोखले होते जा रहे हैं। कई पानी लगने से सड़ कर टूटने और गिरने के कगार पर हैं। यह लोगों की दीवारों और छतों पर किसी तरह अड़े हैं, कुछ जगह तार छत पर फैले हैं। यह कभी भी दुर्घटना को अंजाम दे सकते हैं। सबसे खतरनाक स्थिति गोसलपुर, करीमुद्दीनपुर सहित करइल क्षेत्र की है। इस इलाके में हमेशा टार टूटकर गिरता रहता और विद्युत फाल्ट होता है। जिससे बिजली अक्सर बाधित होती रहती है और उसका खमियाजा लोग भोगने को मजबूर हैं। लोगों ने प्रशासन औरसरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है। जिससे जर्जर तार खंभे को बदलकर समस्या का समाधान किया जा सके। इस संबंध में करीमुद्दीनपुर विद्युत केंद्र के अवर अभियंता अनिल कुमार यादव का कहना है कि गांव में बिजली ब्यवस्था सुधारने के लिए तार और खंभे का स्टीमेट उच्चाधिकारियों को दे दिया गया है। स्वीकृत होकर आते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। उधर मरदह बाजार से जागोपुर रोड पर जर्जर हो चुके बिजली के तार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैँ। जर्जर तार आए दिन टूटकर गिर रहे हैं। जिससे आमजन परेशान और भयभीत दिख रहे हैं। आलम यह है कि कभी भी कोई बङा हादसा हो सकता है।
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