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दुराचारी को 20 वर्ष की कठोर कारावास
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विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम राकेश कुमार की अदालत ने बृहस्पतिवार को नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में आरोपी विकास बिंद को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 45 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार सुहवल थाना के एक गांव निवासी ने पुलिस को तहरीर दी थी कि बीते 18 मार्च 2015 को उसकी नाबालिग पुत्री परीक्षा देने सुबह आठ बजे घर से गई थी, लेकिन वापस नहीं आई। स्कूल में पता करने पर मालूम हुआ कि उसकी पुत्री पहली पाली की परीक्षा में शामिल हुई थी, लेकिन दूसरी पाली की परीक्षा में शामिल नहीं हुई थी। उसकी पुत्री को गांव के ही विकास बिंद के साथ जाते हुए देखा गया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और विवेचना शुरू की। दौरान विवेचना पुलिस ने पीड़िता को बरामद किया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करने के बाद न्यायालय में उसका बयान दर्ज कराने के बाद आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक अनुज राय ने कुल छह गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराते हुए घटना का समर्थन किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने विकास बिंद को उपरोक्त सजा सुनाई है।
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अभियोजन के अनुसार सुहवल थाना के एक गांव निवासी ने पुलिस को तहरीर दी थी कि बीते 18 मार्च 2015 को उसकी नाबालिग पुत्री परीक्षा देने सुबह आठ बजे घर से गई थी, लेकिन वापस नहीं आई। स्कूल में पता करने पर मालूम हुआ कि उसकी पुत्री पहली पाली की परीक्षा में शामिल हुई थी, लेकिन दूसरी पाली की परीक्षा में शामिल नहीं हुई थी। उसकी पुत्री को गांव के ही विकास बिंद के साथ जाते हुए देखा गया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और विवेचना शुरू की। दौरान विवेचना पुलिस ने पीड़िता को बरामद किया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करने के बाद न्यायालय में उसका बयान दर्ज कराने के बाद आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक अनुज राय ने कुल छह गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराते हुए घटना का समर्थन किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने विकास बिंद को उपरोक्त सजा सुनाई है।
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