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जिले में 20 बनेंगे नए सब सेंटर, भूमि चिन्हित
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जिले के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने के लिए शासन ने ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया है। वित्तीय वर्ष 2022- 23 में 20 नए सबसेंटर (स्वास्थ्य उपकेंद्र) का निर्माण कराया जाएगा। आबादी के नजदीक ही भूमि चिह्नित कर ली गई है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ तत्काल मिल सके। प्रत्येक भवन के निर्माण पर 30 लाख 42 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड कार्यदायी संस्था को सौंपी गई है। निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं सामान्य प्रसव के साथ दुर्घटना में घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए आज भी दूर-दराज क्षेत्रों में और निजी चिकित्सकों के पास जाने के लिए विवश होना पड़ता है। यही नहीं करीब 200 ऊपर सब सेंटरों को निजी भवनों में किराये पर संचालित होते हैं। वहीं कई सब सेंटर जर्जर होने से हादसे का भय भी बना रहता है। ऐसे में शासन ने उन इलाकों और सब सेंटरों को चिह्नित किया। जहां के लोगों को चिकित्सकीय सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता है। उन जगहों पर भूमि चिह्नित कर नए भवन निर्माण की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान की थी। इधर जिला प्रशासन सेंटर निर्माण के लिए जमीन चिह्नित के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया था, जिससे कार्य जल्द से शुरू हो सके। इधर भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया भी लगभग पूर्ण हो चुकी है। ऐसे में भवन निर्माण को लेकर तैयारियां भी तेज कर दी गई है। भवन निर्माण के बाद ग्रामीण इलाकों के लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएगी।
यहां बनेंगे नए सब सेंटर
गाजीपुर। जिले के बाराचंवर ब्लाक में नरायणपुर, डेहमा, भदौरा ब्लाक में दिलदानगर द्वितीय, देवकली में पौटा, जेवल, गोड़ऊर के अमरूपुर, लउआडीह, अवथही, पलिया, जखनिया के हरदासपुर कला, सोनहरा, खेताबपुर, रघुबर, करंडा के पुरैना, मरदह के बरेंदा और मुहम्मदाबाद के नवापुरा, ब्रम्हदासपुर, हरिहरपुर, कोठिया और गौरा में सब सेंटर का निर्माण होगा। इसके स्थापित होने से वहां के लोगों को चिकित्सकीय सुविधाओं का बेहतर लाभ मिलेगा।
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जिले में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 20 नए सब सेंटर निर्माण की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान की गई है। भूमि चिन्हित होने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द ही कार्यदायी संस्था की ओर से निर्माण कार्य शुरू होगा।
- डा. केके वर्मा, एसीएमओ
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गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं सामान्य प्रसव के साथ दुर्घटना में घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए आज भी दूर-दराज क्षेत्रों में और निजी चिकित्सकों के पास जाने के लिए विवश होना पड़ता है। यही नहीं करीब 200 ऊपर सब सेंटरों को निजी भवनों में किराये पर संचालित होते हैं। वहीं कई सब सेंटर जर्जर होने से हादसे का भय भी बना रहता है। ऐसे में शासन ने उन इलाकों और सब सेंटरों को चिह्नित किया। जहां के लोगों को चिकित्सकीय सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता है। उन जगहों पर भूमि चिह्नित कर नए भवन निर्माण की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान की थी। इधर जिला प्रशासन सेंटर निर्माण के लिए जमीन चिह्नित के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया था, जिससे कार्य जल्द से शुरू हो सके। इधर भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया भी लगभग पूर्ण हो चुकी है। ऐसे में भवन निर्माण को लेकर तैयारियां भी तेज कर दी गई है। भवन निर्माण के बाद ग्रामीण इलाकों के लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएगी।
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यहां बनेंगे नए सब सेंटर
गाजीपुर। जिले के बाराचंवर ब्लाक में नरायणपुर, डेहमा, भदौरा ब्लाक में दिलदानगर द्वितीय, देवकली में पौटा, जेवल, गोड़ऊर के अमरूपुर, लउआडीह, अवथही, पलिया, जखनिया के हरदासपुर कला, सोनहरा, खेताबपुर, रघुबर, करंडा के पुरैना, मरदह के बरेंदा और मुहम्मदाबाद के नवापुरा, ब्रम्हदासपुर, हरिहरपुर, कोठिया और गौरा में सब सेंटर का निर्माण होगा। इसके स्थापित होने से वहां के लोगों को चिकित्सकीय सुविधाओं का बेहतर लाभ मिलेगा।
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जिले में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 20 नए सब सेंटर निर्माण की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान की गई है। भूमि चिन्हित होने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द ही कार्यदायी संस्था की ओर से निर्माण कार्य शुरू होगा।
- डा. केके वर्मा, एसीएमओ