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पीपा पुल का निर्माण न होने से परेशानी
Updated Sat, 17 Nov 2018 10:43 PM IST
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मुहम्मदाबाद। बच्छलकापुरा-रामपुर पीपा पुल के चालू न होने से गंगा पार के गांवों के लोगों को मुहम्मदाबाद तहसील मुख्यालय पर आने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे लोगों में संबंधित विभाग के प्रति रोष गहराने लगा है। पीपा पुल का निर्माण न होने से गंगा पार के दर्जनों गांव के लोगों को जान जोखिम में डालकर नाव से गंगा पार आना-जाना पड़ रहा है। जबकि वाहनों से यात्रा करने वाले लोगों को जिला मुख्यालय होकर मुहम्मदाबाद आना पड़ रहा है। इससे उन्हें लगभग 30 किलोमीटर की अनावश्यक दूरी तय करने को विवश होना पड़ रहा है। लोगों का समय और पैसा बर्बाद हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन के नियमानुसार पीपा पुल 15 अक्तूबर तक बनकर लोगों के आवागमन के लिए तैयार हो जाना चाहिए। जबकि निर्धारित समय से एक माह बीत जाने के बाद भी पुल तैयार होना तो दूर रहा, निर्माण भी नाम मात्र का ही हो पाया है। गंगा के तटीय गांव तिवारीपुर, हरिहरपुर, सुल्तानपुर, बच्छलकापुरा, शेरपुर, सेमरा आदि गांवों के लोगों की खेती गंगा पार के खेतों में होती है, जिसके लिए किसानों को प्रतिदिन खेतों में काम करने के लिए जाना पड़ता है।
पुल के अभाव में उन्हें छोटी नावों में किसानी का सामान लेकर आना-जाना पड़ रहा है, जिससे खतरा बना हुआ है। इस संबंध में लोक निर्माण खंड-तीन के अवर अभियंता महेंद्र मौर्या ने बताया कि पुल के निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे, जिसमें सिर्फ एक टेंडर ही नियमानुसार प्राप्त हुआ। जबकि शासन के निर्देशानुसार कम से कम दो टेंडर मिलने चाहिए। पुन: टेंडर आमंत्रित किया गया है, उसके स्वीकृत होने के बाद ठेकेदार को जिम्मेदारी दी जाएगी। तब तक विभाग की तरफ से निर्माण कार्य शुरू किया गया है। छठ पूजन के लिए रेत पर लोहे की चादर एवं पीपा लगाकर गंगा तट तक जाने की व्यवस्था की गई थी। जल्द ही पुल का निर्माण कर उस पर आवागमन शुरू कराया जाएगा।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन के नियमानुसार पीपा पुल 15 अक्तूबर तक बनकर लोगों के आवागमन के लिए तैयार हो जाना चाहिए। जबकि निर्धारित समय से एक माह बीत जाने के बाद भी पुल तैयार होना तो दूर रहा, निर्माण भी नाम मात्र का ही हो पाया है। गंगा के तटीय गांव तिवारीपुर, हरिहरपुर, सुल्तानपुर, बच्छलकापुरा, शेरपुर, सेमरा आदि गांवों के लोगों की खेती गंगा पार के खेतों में होती है, जिसके लिए किसानों को प्रतिदिन खेतों में काम करने के लिए जाना पड़ता है।
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पुल के अभाव में उन्हें छोटी नावों में किसानी का सामान लेकर आना-जाना पड़ रहा है, जिससे खतरा बना हुआ है। इस संबंध में लोक निर्माण खंड-तीन के अवर अभियंता महेंद्र मौर्या ने बताया कि पुल के निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे, जिसमें सिर्फ एक टेंडर ही नियमानुसार प्राप्त हुआ। जबकि शासन के निर्देशानुसार कम से कम दो टेंडर मिलने चाहिए। पुन: टेंडर आमंत्रित किया गया है, उसके स्वीकृत होने के बाद ठेकेदार को जिम्मेदारी दी जाएगी। तब तक विभाग की तरफ से निर्माण कार्य शुरू किया गया है। छठ पूजन के लिए रेत पर लोहे की चादर एवं पीपा लगाकर गंगा तट तक जाने की व्यवस्था की गई थी। जल्द ही पुल का निर्माण कर उस पर आवागमन शुरू कराया जाएगा।
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