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महिला सुरक्षा और रोजगार भूल गई सरकार
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गाजीपुर। बजट को लेकर महिलाओं में मिली जुली प्रतिक्रिया है। उनका मानना है महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा और सम्मान देने की बात करने वाली इस सरकार ने इस बजट में क्या दिया है। यह बात महिलाओं को समझ में नही आई। उनका कहना है कि उज्जवला योजना और इज्जत घर देकर सरकार ने सम्मान तो किया है लेकिन रोजगार और सुरक्षा को बजट में भूल गई।
गृहिणी शांति सिंह ने कहा कि उज्ज्वला योजना से घरों में महिलाओं को खाना बनाने के लिए रसोई गैस की सुविधा देकर सरकार ने राहत दी है। जैसा कि बजट में बताया गया है कि अब तक छह करोड़ महिलाओं को लाभ मिला है। यह सराहनीय है। दिलदारनगर की लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि इस बार सरकार ने महिलाओं के लिए बजट में कुछ भी नहीं दिया। आधी आबादी का दर्जा देकर सरकार उनकी सुरक्षा को ही भूल गई। अनीता यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की करीब 70 फीसदी लाभार्थी महिलाएं ही हैं। खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए उनके भीतर आत्मबल पैदा करने की सरकारी कोशिश अच्छी पहल है। लालसा कुशवाहा ने कहा कि इस बजट में सरकार ने महिलाओं के रोजगार की कोई बात नहीं की। इस बजट में महिलाओं को कुछ भी अलग से विशेष नहीं दिया गया है।
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गृहिणी शांति सिंह ने कहा कि उज्ज्वला योजना से घरों में महिलाओं को खाना बनाने के लिए रसोई गैस की सुविधा देकर सरकार ने राहत दी है। जैसा कि बजट में बताया गया है कि अब तक छह करोड़ महिलाओं को लाभ मिला है। यह सराहनीय है। दिलदारनगर की लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि इस बार सरकार ने महिलाओं के लिए बजट में कुछ भी नहीं दिया। आधी आबादी का दर्जा देकर सरकार उनकी सुरक्षा को ही भूल गई। अनीता यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की करीब 70 फीसदी लाभार्थी महिलाएं ही हैं। खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए उनके भीतर आत्मबल पैदा करने की सरकारी कोशिश अच्छी पहल है। लालसा कुशवाहा ने कहा कि इस बजट में सरकार ने महिलाओं के रोजगार की कोई बात नहीं की। इस बजट में महिलाओं को कुछ भी अलग से विशेष नहीं दिया गया है।
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