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पना ताज बचाने में सफल रहे प्रधान पारस राजभर
Updated Thu, 29 Nov 2018 12:07 AM IST
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कासिमाबाद(गाजीपुर)। ग्राम पंचायत फतेहपुर के प्रधान पद की मतगणना उपजिलाधिकारी मंशा राम वर्मा की ओर से की गई। इसमें पूर्व में की गई मतगणना में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई। बुधवार को ब्लॉक सभागार में की गई मतगणना में वर्तमान प्रधान पारस राजभर को 464 मत एवं वादी मुकदमा कृपाशंकर सिंह ने 456 मत प्राप्त किया। इस तरह पारस राजभर आठ मत अधिक पाकर एक बार फिर अपना ताज बचाने में सफल रहे।
ग्राम पंचायत फतेहपुर के प्रधान पद के चुनाव के बाद कराई गई मतगणना में पारस राजभर 464 एवं कृपाशंकर सिंह ने 456 मत प्राप्त किया था। दोनों तरफ से छह-छह मत अवैध पाए गए थे। इस मतगणना को कृपाशंकर सिंह ने उच्च न्यायालय में अपील दायर करते हुए पुर्न मतगणना की मांग की थी। इस अपील पर उच्च न्यायालय ने उप जिलाधिकारी कासिमाबाद को छह माह के अंदर निस्तारित करने का आदेश दिया था। इस पर उपजिलाधिकारी ने इस वाद को निरस्त कर दिया था। इसके बाद कृपाशंकर सिंह ने जिला जज गाजीपुर के न्यायालय में मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए पुर्न मतगणना की मांग की थी। जिला जज गाजीपुर की अदालत ने उप जिलाधिकारी कासिमाबाद को मतगणना कर वाद निस्तारित करने का आदेश दिया था। इसी क्रम में उप जिलाधिकारी कासिमाबाद मंशाराम वर्मा ने 28 नवंबर की तिथि नियत कर आज मतगणना कराई। इसमें बूथ संख्या 185 पर कृपाशंकर सिंह को 217 मत एवं पारस राजभर ने 169 मत प्राप्त किया। इसी प्रकार बूथ संख्या 186 पर कृपाशंकर सिंह ने 239 मत एवं पारस राजभर ने 295 मत प्राप्त किया। दोनों पक्षों के छह-छह मत अवैध पाए गए। इस तरह पारस राजभर पहले की तरह आज कराई गई मतगणना में आठ मत से विजयी घोषित किए गए। उप जिलाधिकारी मंशाराम वर्मा ने पूर्व की मतगणना को सही पाते हुए पारस राजभर को प्रधान पद के निर्वाचन को सही पाया। आज कराई गई मतगणना में जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी एसएन सिंह, प्रभारी निरीक्षक कासिमाबाद क्षितिज त्रिपाठी के साथ दोनों पक्षों के अधिवक्ता मौजूद थे। आज की कार्रवाई देखने के लिए ग्राम फतेहपुर एवं आसपास के ग्रामीणों की काफी भीड़ ब्लॉक मुख्यालय पर मौजूद थी।
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ग्राम पंचायत फतेहपुर के प्रधान पद के चुनाव के बाद कराई गई मतगणना में पारस राजभर 464 एवं कृपाशंकर सिंह ने 456 मत प्राप्त किया था। दोनों तरफ से छह-छह मत अवैध पाए गए थे। इस मतगणना को कृपाशंकर सिंह ने उच्च न्यायालय में अपील दायर करते हुए पुर्न मतगणना की मांग की थी। इस अपील पर उच्च न्यायालय ने उप जिलाधिकारी कासिमाबाद को छह माह के अंदर निस्तारित करने का आदेश दिया था। इस पर उपजिलाधिकारी ने इस वाद को निरस्त कर दिया था। इसके बाद कृपाशंकर सिंह ने जिला जज गाजीपुर के न्यायालय में मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए पुर्न मतगणना की मांग की थी। जिला जज गाजीपुर की अदालत ने उप जिलाधिकारी कासिमाबाद को मतगणना कर वाद निस्तारित करने का आदेश दिया था। इसी क्रम में उप जिलाधिकारी कासिमाबाद मंशाराम वर्मा ने 28 नवंबर की तिथि नियत कर आज मतगणना कराई। इसमें बूथ संख्या 185 पर कृपाशंकर सिंह को 217 मत एवं पारस राजभर ने 169 मत प्राप्त किया। इसी प्रकार बूथ संख्या 186 पर कृपाशंकर सिंह ने 239 मत एवं पारस राजभर ने 295 मत प्राप्त किया। दोनों पक्षों के छह-छह मत अवैध पाए गए। इस तरह पारस राजभर पहले की तरह आज कराई गई मतगणना में आठ मत से विजयी घोषित किए गए। उप जिलाधिकारी मंशाराम वर्मा ने पूर्व की मतगणना को सही पाते हुए पारस राजभर को प्रधान पद के निर्वाचन को सही पाया। आज कराई गई मतगणना में जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी एसएन सिंह, प्रभारी निरीक्षक कासिमाबाद क्षितिज त्रिपाठी के साथ दोनों पक्षों के अधिवक्ता मौजूद थे। आज की कार्रवाई देखने के लिए ग्राम फतेहपुर एवं आसपास के ग्रामीणों की काफी भीड़ ब्लॉक मुख्यालय पर मौजूद थी।
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