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खुशखबरी: 421 किसानों को मुआवजा मिलना अब तय
Updated Sat, 03 Nov 2018 11:36 PM IST
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गाजीपुर। करीब दो वर्ष से हक की लड़ाई लड़ रहे किसानों के चेहरे पर अब मुस्कान आ गई है। वर्ष 2016 की बाढ़ में फसल गंवा चुके भांवरकोल ब्लाक के दर्जनों गांवों के किसानों को अब मुआवजा मिलना तय हो गया है। उच्च न्यायालय से जिलाधिकारी को निर्देश आने के बाद बीमा कंपनी ने 421 किसानों को करीब 76 लाख रुपये देने के लिए बैंकवार विवरण भेज दिया है। इस सूची के बाद अब किसानों को मुआवजा मिलना लगभग तय माना जा रहा है। किसानों के साथ लंबी लड़ाई लड़ने वाले धनंजय राय ने जब सूची में शामिल लाभार्थियों को इसकी सूचना दी तो उन्हें काफी सुकून मिला।
वर्ष 2016 में आई बाढ़ में भांवरकोल ब्लाक सहित जिले के 18 ग्राम पंचायतों में व्यापक पैमाने पर धान की फसलों की क्षति हुई थी। इसमें सियाड़ी गांव सहित करंडा ब्लाक के करंडा, मदनपुर, लखंचंदपुर, बसंतपट्टी, गढ़िया, शेरपुर, आलापुर, मुर्की अगाध, जसदेवपुर, देवरिया, पाह सैयदराजा, सब्बलकला, मतसा, चितवापट्टी, जीवपुर, सुहवल, रेवतीपुर आदि गांवों के सैकड़ों किसान बदहाल हो गए थे। इन किसानों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा भी हुआ था। बाद में बीमा कंपनी मुआवजे के भुगतान को लेकर हीलाहवाली करने लगी। अधिकारियों से शिकायत तथा भागदौड़ के बाद बीमा कंपनी ने नुकसान फसल का मात्र 25 प्रतिशत की राशि का भुगतान कर दिया। शेष राशि को रोक दिया। अब उसे पाने के लिए किसानों के साथ सियाड़ी ग्राम सभा के धनंजय राय, जगदीश राय आदि की ओर से जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस पर निदेशक कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा उत्तर प्रदेश ने जिला कृषि उप निदेशक तथा बीमा कंपनी को निर्देश दिया था कि किसानों को शीघ्र क्षति पूर्ति दिलाई जाए। कड़े आदेश के बावजूद भी पीड़ित किसानों को क्षति पूर्ति नहीं दी गई। यहां से जब कोई खास राहत नहीं मिली तो बाद में ये लोग उच्च न्यायालय की शरण मेें गए तथा याचिका दाखिल किया। कुछ सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी गाजीपुर को 90 दिन में किसानों को शेष राशि के भुगतान का आदेश दिया। अब जिलाधिकारी की सख्ती के बाद एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने कुल 421 किसानों को 76 लाख 18 हजार 666.76 रुपये की बैंकवार सूची याची के पास भेज दी है।
जिलाधिकारी के बालाजी ने कहा कि किसानों के मुआवजे के लिए बीमा कंपनी को अधिकृत रुप से कहा गया है। पूर्व में 25 प्रतिशत मुआवजा दिया जा चुका है। शेष के लिए काम चल रहा है। कंपनी की ओर से जल्द ही मुआवजा दिला दिया जाएगा।
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वर्ष 2016 में आई बाढ़ में भांवरकोल ब्लाक सहित जिले के 18 ग्राम पंचायतों में व्यापक पैमाने पर धान की फसलों की क्षति हुई थी। इसमें सियाड़ी गांव सहित करंडा ब्लाक के करंडा, मदनपुर, लखंचंदपुर, बसंतपट्टी, गढ़िया, शेरपुर, आलापुर, मुर्की अगाध, जसदेवपुर, देवरिया, पाह सैयदराजा, सब्बलकला, मतसा, चितवापट्टी, जीवपुर, सुहवल, रेवतीपुर आदि गांवों के सैकड़ों किसान बदहाल हो गए थे। इन किसानों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा भी हुआ था। बाद में बीमा कंपनी मुआवजे के भुगतान को लेकर हीलाहवाली करने लगी। अधिकारियों से शिकायत तथा भागदौड़ के बाद बीमा कंपनी ने नुकसान फसल का मात्र 25 प्रतिशत की राशि का भुगतान कर दिया। शेष राशि को रोक दिया। अब उसे पाने के लिए किसानों के साथ सियाड़ी ग्राम सभा के धनंजय राय, जगदीश राय आदि की ओर से जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस पर निदेशक कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा उत्तर प्रदेश ने जिला कृषि उप निदेशक तथा बीमा कंपनी को निर्देश दिया था कि किसानों को शीघ्र क्षति पूर्ति दिलाई जाए। कड़े आदेश के बावजूद भी पीड़ित किसानों को क्षति पूर्ति नहीं दी गई। यहां से जब कोई खास राहत नहीं मिली तो बाद में ये लोग उच्च न्यायालय की शरण मेें गए तथा याचिका दाखिल किया। कुछ सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी गाजीपुर को 90 दिन में किसानों को शेष राशि के भुगतान का आदेश दिया। अब जिलाधिकारी की सख्ती के बाद एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने कुल 421 किसानों को 76 लाख 18 हजार 666.76 रुपये की बैंकवार सूची याची के पास भेज दी है।
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जिलाधिकारी के बालाजी ने कहा कि किसानों के मुआवजे के लिए बीमा कंपनी को अधिकृत रुप से कहा गया है। पूर्व में 25 प्रतिशत मुआवजा दिया जा चुका है। शेष के लिए काम चल रहा है। कंपनी की ओर से जल्द ही मुआवजा दिला दिया जाएगा।
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