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बीडीओ ने दो को किया कार्यमुक्त.
Updated Wed, 22 Aug 2018 11:53 PM IST
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सादात(गाजीपुर)। स्थानीय विकासखंड पर तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी अनिल वर्मा एवं तकनीकी सहायक मनरेगा यशपाल यादव को कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर बीडीओ अरूण कुमार पांडेय ने कार्यमुक्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के आदेश की अवहेलना और कार्य के प्रति लापरवाही के कारण इन्हें कार्यमुक्त किया गया है। सचिव अनिल वर्मा पर पीएम आवास में संतोषजनक प्रगति न होने का भी आरोप है।
खंड विकास अधिकारी श्री पांडेय ने बताया कि कर्मचारियों और पंचायत अधिकारियों की लापरवाही माफ नहीं की जाएगी। पंचायत अधिकारी अनिल वर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरती है। उनकी उपलब्धि संतोषजनक नहीं मिली है। जबकि तकनीकी सहायक मनरेगा यशपाल यादव का कार्य संतोषजनक नहीं मिला है। पूर्व में इन दोनों कर्मचारियों को चेतावनी दी गई थी, लेकिन इनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं देखने को मिला। इसे गंभीरता से लेते हुए इनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए इन्हें कार्यमुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि कार्य में शिथिलता बरतने वाले अन्य कर्मचारियों के साथ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बीडीओ द्वारा विकास कार्यो की जांच की जा रही है। इसके तहत विकास खंड अंतर्गत गांवों तक पहुंचाई जाने वाली कुल 21 योजनाओं की जांच की जा रही है। जिसमें खामी मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कई मामलों में गड़बड़ी की रिपोर्ट जिलाधिकारी के बाला जी और मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया को भेजी गई है।
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खंड विकास अधिकारी श्री पांडेय ने बताया कि कर्मचारियों और पंचायत अधिकारियों की लापरवाही माफ नहीं की जाएगी। पंचायत अधिकारी अनिल वर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरती है। उनकी उपलब्धि संतोषजनक नहीं मिली है। जबकि तकनीकी सहायक मनरेगा यशपाल यादव का कार्य संतोषजनक नहीं मिला है। पूर्व में इन दोनों कर्मचारियों को चेतावनी दी गई थी, लेकिन इनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं देखने को मिला। इसे गंभीरता से लेते हुए इनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए इन्हें कार्यमुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि कार्य में शिथिलता बरतने वाले अन्य कर्मचारियों के साथ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बीडीओ द्वारा विकास कार्यो की जांच की जा रही है। इसके तहत विकास खंड अंतर्गत गांवों तक पहुंचाई जाने वाली कुल 21 योजनाओं की जांच की जा रही है। जिसमें खामी मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कई मामलों में गड़बड़ी की रिपोर्ट जिलाधिकारी के बाला जी और मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया को भेजी गई है।
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