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दूसरे चरण में 25 जिलों में चलेगा क्षय रोग समाप्त करने का कार्यक्रम
Updated Sat, 23 Dec 2017 12:41 AM IST
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गाजीपुर। पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के संबंध में बैठक विकास भवन के सभागार में शुक्रवार को हुई। इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश से क्षय रोग (टीबी) वर्ष 2025 तक समाप्त करने के लिए द्वितीय चरण में 26 से आठ जनवरी तक गाजीपुर समेत 25 जिलों में यह कार्यक्रम चलाया जाना है।
उन्होंने बताया कि क्षय रोग एक गंभीर बीमारी है, जो लंबे समय से जन सामान्य की स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। यह बीमारी 21वीं सदी के लिए भी एक गंभीर चुनौती है। अभी भी पूरे विश्व में लगभग 14 लाख लोगों की मृत्यु प्रति वर्ष इस बीमारी से होती है। उसमें से अकेले 4.8 लाख भारत के ही हैं जो विश्व का एक चौथाई है। इस कार्यक्रम के लिए टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य होंगे जो घर-घर भ्रमण करेंगे। प्रत्येक टीम एक दिन में 50 घरों का भ्रमण करेगी। बताया कि टीम के सदस्य घर-घर जाकर संभावित क्षय रोगियों की खोज करेंगे तथा संभावित क्षय रोगियों का बलगम परीक्षण के लिए स्पूटम कप में निर्धारित स्थान पर उपलब्ध कराएंगे। प्रत्येक पांच टीम पर एक सुपरवाइजर तैनात होंगे जो टीम का सुपरविजन करेंगे एवं संभावित क्षय रोगियों के बलगम कलेक्शन को जांच के लिए नजदीकी डीएमसी पर पहुंचाएंगे। प्रत्येक 15 टीम पर एक चिकित्साधिकारी की तैनाती की गई है जो पूरे सुपरवाइजरी टीम का पर्यवेक्षण करेंगे। इस अवसर पर डा. जीसी मौर्या, उपमुख्य चिकित्साधिकारी आदि उपस्थित थे।
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उन्होंने बताया कि क्षय रोग एक गंभीर बीमारी है, जो लंबे समय से जन सामान्य की स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। यह बीमारी 21वीं सदी के लिए भी एक गंभीर चुनौती है। अभी भी पूरे विश्व में लगभग 14 लाख लोगों की मृत्यु प्रति वर्ष इस बीमारी से होती है। उसमें से अकेले 4.8 लाख भारत के ही हैं जो विश्व का एक चौथाई है। इस कार्यक्रम के लिए टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य होंगे जो घर-घर भ्रमण करेंगे। प्रत्येक टीम एक दिन में 50 घरों का भ्रमण करेगी। बताया कि टीम के सदस्य घर-घर जाकर संभावित क्षय रोगियों की खोज करेंगे तथा संभावित क्षय रोगियों का बलगम परीक्षण के लिए स्पूटम कप में निर्धारित स्थान पर उपलब्ध कराएंगे। प्रत्येक पांच टीम पर एक सुपरवाइजर तैनात होंगे जो टीम का सुपरविजन करेंगे एवं संभावित क्षय रोगियों के बलगम कलेक्शन को जांच के लिए नजदीकी डीएमसी पर पहुंचाएंगे। प्रत्येक 15 टीम पर एक चिकित्साधिकारी की तैनाती की गई है जो पूरे सुपरवाइजरी टीम का पर्यवेक्षण करेंगे। इस अवसर पर डा. जीसी मौर्या, उपमुख्य चिकित्साधिकारी आदि उपस्थित थे।
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