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ओवरलोड वाहनों का संचालन मिली भगत से जारी
Updated Fri, 17 Nov 2017 10:42 PM IST
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सुहवल(गाजीपुर)। जिला प्रशासन के लाख निर्देश के बाद भी नो इंट्री जोन घोषित हो चुके ताड़ीघाट-बारा मार्ग पर ओवरलोड वाहनों को आवागमन पुलिस और परिवहन विभाग के मिलीभगत से जारी है। यहीं कारण है कि मार्ग में जगह-जगह जर्जर हो चुकी पुलिया और भी कमजोर होने के साथ खतरनाक स्थिति में पहुंच चुकी है।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों के बावजूद मार्गों पर ओवरलोड वाहन ट्रकों, ट्रालियों, ट्रेलर, कंटेनर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। पुलिस कार्रवाई के नाम पर खाना पूर्ति करने में लगी हुई है। ताड़ीघाट-बारा मार्ग सहित ढढनी-सुहवल, ढढनी- नगसर- उत्तरौली, मलसा- ढढनी, बेटाबर-ढढनी-जमानिया, सुहवल-ढढनी-जमानिया, नगसर-सुहवल-दिलदारनगर, रेवतीपुर, नगदीलपुर, गहमर, कालूपुर, बवाड़ा, सुजानपुर, युवराजपुर, सुहवल आदि विभिन्न मार्गों पर भी ओवरलोड वाहनों का संचालन काफी लंबे समय से चल रहा है। पिछले माह से पुलिस की ओर से ओवरलोड वाहनों के संचालन पर शिकंजा कसने मात्र दावा ही किया जा रहा है। जबकि एक हफ्ते पूर्व पुलिस और एआरटीओ ने क्षेत्र के मार्गों पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया था। दो दिनों तक ओवरलोड वाहनों का संचालन बंद रहा। लेकिन बाद में पुन: मार्गों पर ओवरलोड वाहनों का संचालन शुरू हो गया। पुलिस महकमा ओवरलोड वाहनों का संचालन रोकने के नाम पर मात्र कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं। इस संबंध में लोकनिर्माण विभाग के अवर अभियंता एसपी सिंह बताया कि जर्जर पुलियों को बनाने के लिए कार्य प्रस्तावित है। साथ ही जल्द पुलियों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि आवागमन में किसी तरह की कोई समस्या न हो। क्षतिग्रस्त पुलिया को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से ओवरलोड वाहनों के संचालन पर रोक के लिए पत्र प्रेषित किया गया है। पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा ने बताया कि ओवरलोड वाहनों के संचालन पर पूरी तरह से रोक है। जिस थाना क्षेत्र से ओवरलोड वाहनों का संचालन होने कि शिकायत मिली तो संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों के बावजूद मार्गों पर ओवरलोड वाहन ट्रकों, ट्रालियों, ट्रेलर, कंटेनर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। पुलिस कार्रवाई के नाम पर खाना पूर्ति करने में लगी हुई है। ताड़ीघाट-बारा मार्ग सहित ढढनी-सुहवल, ढढनी- नगसर- उत्तरौली, मलसा- ढढनी, बेटाबर-ढढनी-जमानिया, सुहवल-ढढनी-जमानिया, नगसर-सुहवल-दिलदारनगर, रेवतीपुर, नगदीलपुर, गहमर, कालूपुर, बवाड़ा, सुजानपुर, युवराजपुर, सुहवल आदि विभिन्न मार्गों पर भी ओवरलोड वाहनों का संचालन काफी लंबे समय से चल रहा है। पिछले माह से पुलिस की ओर से ओवरलोड वाहनों के संचालन पर शिकंजा कसने मात्र दावा ही किया जा रहा है। जबकि एक हफ्ते पूर्व पुलिस और एआरटीओ ने क्षेत्र के मार्गों पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया था। दो दिनों तक ओवरलोड वाहनों का संचालन बंद रहा। लेकिन बाद में पुन: मार्गों पर ओवरलोड वाहनों का संचालन शुरू हो गया। पुलिस महकमा ओवरलोड वाहनों का संचालन रोकने के नाम पर मात्र कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं। इस संबंध में लोकनिर्माण विभाग के अवर अभियंता एसपी सिंह बताया कि जर्जर पुलियों को बनाने के लिए कार्य प्रस्तावित है। साथ ही जल्द पुलियों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि आवागमन में किसी तरह की कोई समस्या न हो। क्षतिग्रस्त पुलिया को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से ओवरलोड वाहनों के संचालन पर रोक के लिए पत्र प्रेषित किया गया है। पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा ने बताया कि ओवरलोड वाहनों के संचालन पर पूरी तरह से रोक है। जिस थाना क्षेत्र से ओवरलोड वाहनों का संचालन होने कि शिकायत मिली तो संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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