{"_id":"59e258584f1c1bd7538b77e2","slug":"181508005976-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर धरना जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर धरना जारी
Updated Sun, 15 Oct 2017 12:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन के सदस्यों ने मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर आरटीआई परिसर में शनिवार को 23वें दिन भी धरना दिया। इस अवसर पर आयोजित धरना सभा में जिला संरक्षक सूरज प्रताप सिंह ने कहा कि हमारी मांगों पर अगर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो संगठन आंदोलन को धार देने का काम करेगा।
सभा में रेखा पासवान ने कहा कि पूरे प्रदेश की आंगनबाड़ी और सहायिका आज 23 दिन से मानदेय वृद्धि को लेकर धरनारत हैं लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नही रेंग रही है। जिला संगठन मंत्री सगुन भारती ने कहा कि एक मजदूर की दैनिक मजदूरी 350 रुपये प्रतिदिन है लेकिन हमारी मजदूरी 133 रुपये प्रतिदिन है। जिला महामंत्री सुनीता पांडेय ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकारों ने हमारी हालत बंधुआ मजदूरों से भी बदतर बना दी है। करंडा ब्लाक अध्यक्ष नीलम सिंह ने कहा कि हम आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। धरना में सविता, गीता, शीला, विमला, सीमा, संजू, संयोगिता, अनीता, निर्मला, आशा, मधु, पुतुल, अमीषा, बिंदा आदि उपस्थित थीं।
विज्ञापन
सभा में रेखा पासवान ने कहा कि पूरे प्रदेश की आंगनबाड़ी और सहायिका आज 23 दिन से मानदेय वृद्धि को लेकर धरनारत हैं लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नही रेंग रही है। जिला संगठन मंत्री सगुन भारती ने कहा कि एक मजदूर की दैनिक मजदूरी 350 रुपये प्रतिदिन है लेकिन हमारी मजदूरी 133 रुपये प्रतिदिन है। जिला महामंत्री सुनीता पांडेय ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकारों ने हमारी हालत बंधुआ मजदूरों से भी बदतर बना दी है। करंडा ब्लाक अध्यक्ष नीलम सिंह ने कहा कि हम आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। धरना में सविता, गीता, शीला, विमला, सीमा, संजू, संयोगिता, अनीता, निर्मला, आशा, मधु, पुतुल, अमीषा, बिंदा आदि उपस्थित थीं।
विज्ञापन