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तेज आंधी के साथ घंटों हुई रिमझिम बारिश
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गाजीपुर। सोमवार की देर रात अचानक मौमस का मिजाज बदल गया। इस दौरान तेज आंधी और गरज के साथ रिमझिम बारिश का जो क्रम शुरू हुआ, वहां घंटों जारी रहा। सुबह आवागमन करने वालों को बारिश से बचाव के लिए छाता का सहारा लेना पड़ा। बारिश से मौसम ठंडा हो गया। हालांकि दोपहर बाद तीखी धूप निकलने से गर्मी का प्रभाव बढ़ गया। आंधी-पानी से दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचने से किसानों के माथे पर बल पड़ गया। कई मार्गों पर किचकिच के कारण आवागमन करने वालों परेशानियों का सामना करना पड़ा। अचानक खराब हुए मौसम की लोगों में चर्चा होती रही।
मालूम हो कि जनवरी माह की शुरुआत से ही मौसम में उतार-चढ़ाव का सिलसिला बना हुआ है। इस दौरान कई बार बारिश होने के साथ ही ओला भी पड़ा था। बारिश होने से जहां सर्दी में इजाफा होने क्रम जारी रहा। वहीं तीखी धूप निकलने पर राहत मिलती रही। पिछले करीब एक सप्ताह से मौसम का मिजाज इस कदर गर्म था कि लोग गर्मी से राहत के लिए पंखा का सहारा लेते हुए इस बात की दुहाई दे रहे थे कि लगता है कि इस बार गर्मी जबरदस्त रूप से रुलाएगी। जब मार्च माह में गर्मी का यह हाल है तो आगे के दिनों में क्या होगा। रोज की तरह बीते सोमवार को भी तीखी धूप निकली। इसी बीच देर रात करीब तीन बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज आंधी के साथ चमक-गरज शुरू हो गई। इसी बीच भोर में करीब चार बजे रिमझिम बारिश शुरू हो गई, जो सुबह करीब आठ बजे तक जारी रही। बारिश की वजह से मौसम ठंडा हो गया, जिससे लोगों को पंखा बंद करना पड़ा। सुबह बारिश मार्गों पर आवागमन करने वाले छाता के सहारे बारिश से बचाव करते नजर आए। बारिश से जहां सरसों की कटाई बाधित हुई। वहीं दलहन की फसल बर्बाद हुई। तेज हवा के कारण गेहूं की फसल जमींदोज हो गई, जिससे किसानों के माथे पर बल पड़ गया। दोपहर बाद तेज धूप निकलने पर किसानों ने राहत की सांस ली। धूप की वजह से फिर से गर्मी का प्रभाव बढ़ गया। बारिश की वजह से कई मार्गों पर किचकिच होने से आवागमन करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अचानक खराब हुए मौसम की लोगों में चर्चा होती रही।
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गाजीपुर। तेज हवा के साथ जिले के वि िदलहन और तिलहन की फसलें तैयार हो गई हैं। बरसात होने से जहां आलू के सड़ने का खतरा पैदा हो गया है वहीं गेहूं की तैयार फसलें भी जमींदोज हो गई हैं। मसूरी, मटर, चना, अरहर भी खेतों में तैयार है। पानी से उनका भी नुकसान हुआ है। सरसों की फलियों पर भी पानी से चोट लग जाने से उत्पादन में कमी आएगी। कृषि विशेषज्ञ अनिल कुमार ने बताया कि इस बरसात से नुकसान ही हुआ है। आम के बौर भी झड़ गए हैं। खेतों में सब्जियों को भी नुकसान होगा।
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मालूम हो कि जनवरी माह की शुरुआत से ही मौसम में उतार-चढ़ाव का सिलसिला बना हुआ है। इस दौरान कई बार बारिश होने के साथ ही ओला भी पड़ा था। बारिश होने से जहां सर्दी में इजाफा होने क्रम जारी रहा। वहीं तीखी धूप निकलने पर राहत मिलती रही। पिछले करीब एक सप्ताह से मौसम का मिजाज इस कदर गर्म था कि लोग गर्मी से राहत के लिए पंखा का सहारा लेते हुए इस बात की दुहाई दे रहे थे कि लगता है कि इस बार गर्मी जबरदस्त रूप से रुलाएगी। जब मार्च माह में गर्मी का यह हाल है तो आगे के दिनों में क्या होगा। रोज की तरह बीते सोमवार को भी तीखी धूप निकली। इसी बीच देर रात करीब तीन बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज आंधी के साथ चमक-गरज शुरू हो गई। इसी बीच भोर में करीब चार बजे रिमझिम बारिश शुरू हो गई, जो सुबह करीब आठ बजे तक जारी रही। बारिश की वजह से मौसम ठंडा हो गया, जिससे लोगों को पंखा बंद करना पड़ा। सुबह बारिश मार्गों पर आवागमन करने वाले छाता के सहारे बारिश से बचाव करते नजर आए। बारिश से जहां सरसों की कटाई बाधित हुई। वहीं दलहन की फसल बर्बाद हुई। तेज हवा के कारण गेहूं की फसल जमींदोज हो गई, जिससे किसानों के माथे पर बल पड़ गया। दोपहर बाद तेज धूप निकलने पर किसानों ने राहत की सांस ली। धूप की वजह से फिर से गर्मी का प्रभाव बढ़ गया। बारिश की वजह से कई मार्गों पर किचकिच होने से आवागमन करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अचानक खराब हुए मौसम की लोगों में चर्चा होती रही।
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गाजीपुर। तेज हवा के साथ जिले के वि िदलहन और तिलहन की फसलें तैयार हो गई हैं। बरसात होने से जहां आलू के सड़ने का खतरा पैदा हो गया है वहीं गेहूं की तैयार फसलें भी जमींदोज हो गई हैं। मसूरी, मटर, चना, अरहर भी खेतों में तैयार है। पानी से उनका भी नुकसान हुआ है। सरसों की फलियों पर भी पानी से चोट लग जाने से उत्पादन में कमी आएगी। कृषि विशेषज्ञ अनिल कुमार ने बताया कि इस बरसात से नुकसान ही हुआ है। आम के बौर भी झड़ गए हैं। खेतों में सब्जियों को भी नुकसान होगा।
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