{"_id":"5c0e9fa1bdec22418644f606","slug":"171544462241-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह क्रय केंद्रों की बोहनी तक नहीं हुई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह क्रय केंद्रों की बोहनी तक नहीं हुई
Updated Mon, 10 Dec 2018 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। जिले में धान की खरीद जोर नहीं पकड़ पा रही है। हालत यह है कि अब तक महज चार फीसदी यानी 7453.480 मीट्रिक टन से कुछ अधिक की ही खरीद की जा सकी है। हैरानी की बात तो यह है कि खरीद शुरू हुए सवा महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी विभिन्न संस्थाओं के छह क्रय केंद्रों की बोहनी तक नहीं हुई है। ऐसे में शेष समय में लक्ष्य प्राप्त कर पाना मुमकिन नहीं दिखाई दे रहा है।
शासन की ओर से जिले को इस वर्ष एक लाख 87 हजार 400 मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया। लक्ष्य निर्धारित करने के साथ ही विभिन्न संस्थाओं के लिए पहले 47 क्रय केंद्र खोले गए। बाद में तेरह और केंद्र खोले गए हैं। इस तरह से वर्तमान में कुल साठ क्रय केंद्र हैं। इनमें मार्केटिंग के 16, सोसाइटी के दो, पीसीएफ के 20, पीसीयू एवं यूपी एग्रो के तीन-तीन, कर्मचारी कल्याण निगम के पांच, एनसीसीएफ के दस तथा एफसीआई के एक केंद्र को लक्ष्य का आवंटन कर खरीद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। खरीद के लिए पहली नवंबर से 28 फरवरी तक की अवधि निर्धारित है। देर से आवक होने तथा कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से खरीद विलंब से शुरू तो हुई लेकिन वह जोर नहीं पकड़ पा रही है। सवा महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक करीब चार प्रतिशत यानी 7453.480 एमटी धान की खरीद हुई है। यह खरीद 1255 किसानों से की गई है। हैरानी की बात तो यह है कि इतना समय बीत जाने के बाद भी विभिन्न संस्थाओं के छह क्रय केंद्रों की बोहनी तक नहीं हुई है। बताया गया है कि पीसीएफ के चार एवं एग्रो और एनसीसीएफ के एक-एक केंद्र पर छटांक भर भी खरीद नहीं हो पाई है। खरीद की इस धीमी गति से निर्धारित अवधि तक लक्ष्य प्राप्त ्कर पाना मुनासिब नहीं दिखाई दे रहा है। इस संबंध में जिला खाद्य विपणन अधिकारी रतन कुमार शुक्ला ने खरीद में जल्द तेजी आने और निर्धारित अवधि में लक्ष्य पूरा कर लेने की उम्मीद जताई।
विज्ञापन
शासन की ओर से जिले को इस वर्ष एक लाख 87 हजार 400 मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया। लक्ष्य निर्धारित करने के साथ ही विभिन्न संस्थाओं के लिए पहले 47 क्रय केंद्र खोले गए। बाद में तेरह और केंद्र खोले गए हैं। इस तरह से वर्तमान में कुल साठ क्रय केंद्र हैं। इनमें मार्केटिंग के 16, सोसाइटी के दो, पीसीएफ के 20, पीसीयू एवं यूपी एग्रो के तीन-तीन, कर्मचारी कल्याण निगम के पांच, एनसीसीएफ के दस तथा एफसीआई के एक केंद्र को लक्ष्य का आवंटन कर खरीद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। खरीद के लिए पहली नवंबर से 28 फरवरी तक की अवधि निर्धारित है। देर से आवक होने तथा कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से खरीद विलंब से शुरू तो हुई लेकिन वह जोर नहीं पकड़ पा रही है। सवा महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक करीब चार प्रतिशत यानी 7453.480 एमटी धान की खरीद हुई है। यह खरीद 1255 किसानों से की गई है। हैरानी की बात तो यह है कि इतना समय बीत जाने के बाद भी विभिन्न संस्थाओं के छह क्रय केंद्रों की बोहनी तक नहीं हुई है। बताया गया है कि पीसीएफ के चार एवं एग्रो और एनसीसीएफ के एक-एक केंद्र पर छटांक भर भी खरीद नहीं हो पाई है। खरीद की इस धीमी गति से निर्धारित अवधि तक लक्ष्य प्राप्त ्कर पाना मुनासिब नहीं दिखाई दे रहा है। इस संबंध में जिला खाद्य विपणन अधिकारी रतन कुमार शुक्ला ने खरीद में जल्द तेजी आने और निर्धारित अवधि में लक्ष्य पूरा कर लेने की उम्मीद जताई।
विज्ञापन