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खतरे को दावत दे रहे विद्युत उपकेंद्र के जर्जर उपकरण
Updated Mon, 08 Jan 2018 12:01 AM IST
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स्थानीय विद्युत केंद्र पर लगे उपकरण पुराने एवं जर्जर हो चुके हैं। इन्हीं जर्जर उपकरणों के भरोसे चारों फीडर चल रहे हैं। सभी पैनलों की ट्रिपिंग व्यवस्था फेल हो चुकी है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि हाईटेंशन तार टूटकर गिरने पर भी लाइन ट्रिप नहीं कर रही है, जिससे खतरा बना रह रहा है। कर्मचारियों की तरफ से बार-बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी जर्जर उपकरणों को बदलने का कार्य नहीं किया जा रहा है। इससे आए दिन होने वाले फाल्ट का खामियाजा उपभोक्ताओं को घंटों अनापूर्ति से वंचित होकर भुगतना पड़ रहा है।
नंदगंज विद्युत उपकेंद्र से चार फीडरों नंदगंज, मैनपुर, बाघी और चीनी मिल फीडर चलाए जाते हैं लेकिन सभी फीडरों के ओसीबी एवं वीसीबी पैनल पुराने एवं जर्जर हो चुके हैं। सभी पैनलों की ट्रिपिंग व्यवस्था फेल हो चुकी है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि 11 हजार केवी का तार टूटने पर भी लाइन ट्रिप नहीं करती है। खतरा बना रहता है। 33 केवी पैनल की भी ट्रिपिंग एवं क्लोजिंग व्यवस्था फेल है। इससे 10 एमबीए के दो ट्रांसफार्मर बाईपास पर चलाए जा रहे हैं। साथ ही सभी पैनलों के एंपीयर मीटर एवं वोल्ट मीटर खराब है। इन सभी पैनलों को टेस्ट विभाग गाजीपुर की तरफ से ठीक कराया गया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। विद्युत उपकेंद्र पर नियुक्त कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जर्जर उपकरणों को बदलवाने की मांग की है, जिससे किसी खतरे से बचा जा सके और उपभोक्ताओं को निर्बाध गति से बिजली आपूर्ति का लाभ मिल सके।
कोट
जर्जर उपकरणों को बदलने के लिए इस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। पास होते ही बदलवा दिया जाएगा। समय-समय पर उपकरणों की मरम्मत कराई जाती है। रत्नेश जायसवाल, एसडीओ
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नंदगंज विद्युत उपकेंद्र से चार फीडरों नंदगंज, मैनपुर, बाघी और चीनी मिल फीडर चलाए जाते हैं लेकिन सभी फीडरों के ओसीबी एवं वीसीबी पैनल पुराने एवं जर्जर हो चुके हैं। सभी पैनलों की ट्रिपिंग व्यवस्था फेल हो चुकी है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि 11 हजार केवी का तार टूटने पर भी लाइन ट्रिप नहीं करती है। खतरा बना रहता है। 33 केवी पैनल की भी ट्रिपिंग एवं क्लोजिंग व्यवस्था फेल है। इससे 10 एमबीए के दो ट्रांसफार्मर बाईपास पर चलाए जा रहे हैं। साथ ही सभी पैनलों के एंपीयर मीटर एवं वोल्ट मीटर खराब है। इन सभी पैनलों को टेस्ट विभाग गाजीपुर की तरफ से ठीक कराया गया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। विद्युत उपकेंद्र पर नियुक्त कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जर्जर उपकरणों को बदलवाने की मांग की है, जिससे किसी खतरे से बचा जा सके और उपभोक्ताओं को निर्बाध गति से बिजली आपूर्ति का लाभ मिल सके।
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कोट
जर्जर उपकरणों को बदलने के लिए इस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। पास होते ही बदलवा दिया जाएगा। समय-समय पर उपकरणों की मरम्मत कराई जाती है। रत्नेश जायसवाल, एसडीओ
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