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मतों का जोड़-घटाव कर बाजी मारने का कर रहे दावा
Updated Fri, 24 Nov 2017 11:46 PM IST
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गाजीपुर। नगर निकाय चुनाव में मतदान संपन्न हो जाने के बाद अब नतीजों को लेकर उम्मीदवार और उनके समर्थक माथापच्ची कर रहे हैं। मतों का जोड़-घटाव कर अपनी-अपनी जीत का दावा किया जा रहा है। बूथवार मतदान के साथ ही जातीय समीकरणों के आधार पर उम्मीदवार एवं समर्थक अपनी जीत सुनिश्चित मान रहे हैं। हालांकि कई निकायों में कम मतदान ने प्रत्याशियों की चिंता बढ़ा दी है।
जिले की तीन नगर पालिका परिषद एवं पांच नगर पंचायतों के अध्यक्ष एवं 136 वार्ड सभासद पद के लिए 22 नवंबर को मतदान कराया गया था। पहले चरण में हुए इस चुनाव में अध्यक्ष पद की आठ सीटों पर 66 तथा 136 वार्ड सदस्य के पद पर घमासान कर रहे 681 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटी में बंद हो गई है। इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में कुछ ज्यादा मतदान हुआ। पिछले चुनाव में 54 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था तो इस बार 57 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के बाद अब मतगणना की बारी आ रही है। विभिन्न नगरीय निकायों के चट्टी-चौराहों पर नतीजों को लेकर चरचा जोरों पर चल रही है। मतदान की बूथवार समीक्षा की जा रही है। प्रत्याशी एवं उनके समर्थक अपने-अपने आधार पर मतों का जोड़-घटाव कर अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। कुछ निकायों में मतदान का प्रतिशत पूर्व में हुए चुनाव से कम और ज्यादा होने के कारण परिणाम को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। कम वोटिंग ने कई प्रत्याशियों की धुकधुकी बढ़ा दी है। चुनाव परिणाम को लेकर सभी को मतगणना तिथि पहली दिसंबर का इंतजार है।
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जिले की तीन नगर पालिका परिषद एवं पांच नगर पंचायतों के अध्यक्ष एवं 136 वार्ड सभासद पद के लिए 22 नवंबर को मतदान कराया गया था। पहले चरण में हुए इस चुनाव में अध्यक्ष पद की आठ सीटों पर 66 तथा 136 वार्ड सदस्य के पद पर घमासान कर रहे 681 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटी में बंद हो गई है। इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में कुछ ज्यादा मतदान हुआ। पिछले चुनाव में 54 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था तो इस बार 57 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के बाद अब मतगणना की बारी आ रही है। विभिन्न नगरीय निकायों के चट्टी-चौराहों पर नतीजों को लेकर चरचा जोरों पर चल रही है। मतदान की बूथवार समीक्षा की जा रही है। प्रत्याशी एवं उनके समर्थक अपने-अपने आधार पर मतों का जोड़-घटाव कर अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। कुछ निकायों में मतदान का प्रतिशत पूर्व में हुए चुनाव से कम और ज्यादा होने के कारण परिणाम को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। कम वोटिंग ने कई प्रत्याशियों की धुकधुकी बढ़ा दी है। चुनाव परिणाम को लेकर सभी को मतगणना तिथि पहली दिसंबर का इंतजार है।
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