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अब सौ की जगह चालीस रुपए में होगा श्रमिकों का पंजीकरण
Updated Wed, 13 Sep 2017 11:23 PM IST
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गाजीपुर। श्रमिकों के लिए अच्छी खबर है। श्रम विभाग में पंजीकरण कराने के लिए अब उन्हें सौ की जगह 40 रुपये शुल्क देना होगा। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड ने ऐसा इसलिए किया है कि ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रमिक सरकार की योजना का लाभ पा सकें।
सरकार की ओर से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। शिशु हितलाभ योजना, मातृत्व हितलाभ योजना, बालिका आशीर्वाद योजना, मेधावी छात्र पुरस्कार योजना, पुत्री विवाह अनुदान योजना, अंत्येष्टि सहायता योजना, मृत्यु एवं विकलांगता सहायता योजना तथा पेंशन सहायता आदि योजनाएं संचालित हैं। श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को इसका लाभ प्रदान किया जाता है। श्रमिकों को पंजीकरण कराने के लिए अभी तक सौ रुपये, 50 रुपये पंजीकरण तथा 50 रुपये अंशदान शुल्क जमा करना पड़ता था। ज्यादा से ज्यादा श्रमिक पंजीकरण कराकर सरकार की योजना का लाभ प्राप्त कर सकें, इसके लिए उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड ने श्रमिकों का पंजीकरण शुल्क सौ रुपये से कम कर 40 रुपये कर दिया है। पंजीकरण के लिए बीस तथा शेष बीस रुपये श्रमिक को अंशदान के रूप में जमा करना होगा। अगर श्रमिक तीन वर्ष के लिए पंजीकरण कराता है तो उसे 20 रुपये पंजीकरण शुल्क तथा अंशदान के रूप में 60 रुपये जमा करने होंगे। इस संबंध में श्रम प्रवर्तन अधिकारी सूरज तिवारी ने बताया कि नब्बे दिन तक काम करने वाले श्रमिक पंजीकरण के लिए पात्र हैं। आवेदक श्रमिक दो पासपोर्ट साइज फोटो, ठेकेदार या फर्म की तरफ से जारी 90 दिन के काम का प्रमाणपत्र, आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक की छाया प्रति जमा करें। मालूम हो कि जिले में वर्तमान समय में करीब साढ़े 27 हजार पंजीकृत निर्माण श्रमिक हैं।
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सरकार की ओर से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। शिशु हितलाभ योजना, मातृत्व हितलाभ योजना, बालिका आशीर्वाद योजना, मेधावी छात्र पुरस्कार योजना, पुत्री विवाह अनुदान योजना, अंत्येष्टि सहायता योजना, मृत्यु एवं विकलांगता सहायता योजना तथा पेंशन सहायता आदि योजनाएं संचालित हैं। श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को इसका लाभ प्रदान किया जाता है। श्रमिकों को पंजीकरण कराने के लिए अभी तक सौ रुपये, 50 रुपये पंजीकरण तथा 50 रुपये अंशदान शुल्क जमा करना पड़ता था। ज्यादा से ज्यादा श्रमिक पंजीकरण कराकर सरकार की योजना का लाभ प्राप्त कर सकें, इसके लिए उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड ने श्रमिकों का पंजीकरण शुल्क सौ रुपये से कम कर 40 रुपये कर दिया है। पंजीकरण के लिए बीस तथा शेष बीस रुपये श्रमिक को अंशदान के रूप में जमा करना होगा। अगर श्रमिक तीन वर्ष के लिए पंजीकरण कराता है तो उसे 20 रुपये पंजीकरण शुल्क तथा अंशदान के रूप में 60 रुपये जमा करने होंगे। इस संबंध में श्रम प्रवर्तन अधिकारी सूरज तिवारी ने बताया कि नब्बे दिन तक काम करने वाले श्रमिक पंजीकरण के लिए पात्र हैं। आवेदक श्रमिक दो पासपोर्ट साइज फोटो, ठेकेदार या फर्म की तरफ से जारी 90 दिन के काम का प्रमाणपत्र, आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक की छाया प्रति जमा करें। मालूम हो कि जिले में वर्तमान समय में करीब साढ़े 27 हजार पंजीकृत निर्माण श्रमिक हैं।
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