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मौसम की मार से बढ़ गए बीमार

Tue, 18 Jun 2019 12:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jun 2019 12:15 AM IST
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मौसम की मार से बढ़ गए बीमार
गाजीपुर। पिछले एक सप्ताह से तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ गए हैं। इन दिनों सरकारी तथा निजी अस्पतालों 60 से 70 फीसदी मरीज मौसमी बीमारी से पीड़ित हैं। ज्यादातर मरीज सर्दी, खासी, वायरल फीवर, निमोनिया, डायरिया, पीलिया और लू लगने के कारण अस्पताल पहुंच रहे हैं। देखा जाए तो जिला अस्पताल के ओपीडी में सोमवार को 971 मरीज पहुंचे, जिन्हें चिकित्सकों ने देखा और उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। इन मरीजों में करीब 70 फीसदी मौसमी बीमारी से पीड़ित थे। इनके अतिरिक्त आपातकालीन कक्ष में भी अलग से मरीजों की पर्ची बनी और उनका उपचार हुआ। यही हाल निजी अस्पतालों का भी रहा।
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शरीर को झुलसा देने वाली धूप और उमस भरी गर्मी के रफ्तार पकड़ने से जनजीवन बेहाल हो गया है। ऐसे मौसम में लू लगने तथा अन्य बीमारियों की जद में लोग तेजी से आ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या बच्चे और बुजुर्गों की है। चिकित्सकों के मुताबिक, बच्चों और बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है। इस कारण वह रोग की जद में आ जाते हैं। वर्तमान में मौसमी बीमारियों के बढ़ने के बाद भी जिला अस्पताल में अच्छी एंटीबायटिक की कमी है। डायरिया और पीलिया समेत अन्य रोगों की दवाओं का टोटा बना हुआ है। उधर, जिला अस्पताल में आम मरीजों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। आलम यह है कि सुबह से ही पर्ची कटाने से लेकर ओपीडी में डाक्टर को दिखाने तक के लिए भीड़ लगी रही। देखा जाए तो सोमवार को पारा 44 डिग्री सेल्सियस के करीब था। जिला और महिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों में बेडों पर मरीज भरे पड़े थे। ओपीडी में अंदर और बाहर मरीजों और तीमारदारों की भीड़ बनी रही। जिला अस्पताल के पर्ची काउंटर पर भी दिन के 11 बजे तक भीड़ जमी रही। विभिन्न चिकित्सकों के यहां ओपीडी में मरीजों को दिखाने के लिए तीमारदारों को घंटों इंतजार करना पड़ा। अस्पताल में दवा और जांच की सुविधा बेहतर न होने से मरीजों को इधर-उधर भी भटकना पड़ा। यही हाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा प्राथमिक और न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का है। सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है।
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