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ट्रेन में नहीं थी रौशनी की व्यवस्था...
Updated Wed, 11 Jul 2018 11:16 PM IST
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गाजीपुर। रेलवे के अधिकारियों तथा कर्मचारियों की लापरवाही के कारण ट्रेन में यात्रा कर लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। मंगलवार की देर शाम वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन से बलिया तक जाने वाले डीएमयू सवारी गाड़ी की सभी बोगियों में लाइट नहीं थी। पूरी तरह अंधेरा पसरा हुआ था। यात्री अंधेरे में बैठने को विवश थे। अंधेरा इस कदर था कि बोगी के भीतर किसी का चेहरा तक पहचानना मुश्किल था। ऐसे में यात्री परेशान और भयभीत थे।
वाराणसी सिटी से रात करीब आठ बजे डीएमयू गाजीपुर के रास्ते बलिया के लिए चली थी। ट्रेन में गार्ड की बोगी को छोड़ कर सभी बोगियों में अंधेरा पसरा हुआ था। ट्रेन में सफर कर रहे यात्री काफी मुसीबत में थे। औड़िहार जंक्शन पर ट्रेन के पहुंचने के बाद लोगों ने इसकी शिकायत स्टेशन मास्टर एवं रेलवे कंट्रोल बोर्ड से की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। धीरे-धीरे अंधेरा बढ़ता गया और ट्रेन रात करीब दस बजे गाजीपुर सिटी पहुंच गई। यहां भी यात्री शिकायत करने स्टेशन अधीक्षक रामायण यादव के पास पहुंचे, लेकिन उनका कक्ष बंद मिला। इस बीच करीब 50 मिनट तक ट्रेन गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही। 10.50 बजे ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई। अंधेरे में परिवार के साथ यात्रा कर रहे लोग पूरी तरह डरे सहमे हुए थे। ट्रेन में सुरक्षा के मद्देनजर कोई पुलिस कर्मी भी तैनात नहीं था। यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे थी। गाजीपुर सिटी से ट्रेन खुलने के बाद सहबाजकुल रेलवे स्टेशन पर काफी देर तक आउटर पर खड़ी रही। के बाद जगह-जगह रूकते हुए वह यूसुफपुर, ढोढाडीह, करीमुद्दीनपुर तथा ताजपुर डेहमा में करीब 12.40 बजे पहुंची। अंधेरे के कारण बहुत लोग ट्रेन से उतर कर किसी अन्यत्र वाहन से रिजर्व कर अपने गंतव्य के लिए चले गए। लोगों की माने तो सवारी गाड़ी को लेकर रेलवे गंभीर नहीं है। इसमें बिजली, पंखा और बोगियों में पानी की समस्या आए दिन बनी रहती है। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि डीएमयू में लाइट न होने शिकायत हमें नहीं मिली है। ऐसी दशा के लिए जो भी दोषी होंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इनसेट...
दर्जन भर रेलवे स्टेशन भी अंधेरे में डूबे
गाजीपुर। वाराणसी वाया गाजीपुर सिटी और बलिया के बीच पड़ने वाले छोटे स्टेशनों पर भी रात में जनरेटर और बिजली का इंतजाम नहीं रहता है। अधिकांश रेलवे स्टेशन अंधेरे में डूबे हुए रहते हैं। सैदपुर भीतरी के बाद तरांव, नंदगंज और आकूसपुर रेलवे स्टेशन पर देर शाम से अंधेरा छा गया था। यही हाल गाजीपुर घाट, सहबाजकुली, युसूफपुर, ढोढाडीह, करीमुदीनपुर तथा ताजपुरडेहमा रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला। यहां भी स्टेशन परिसर पूरी रात के अंधेरे में डूबा रहा। ऐसे में विभिन्न स्टेशनों पर उतरने वाले यात्री काफी भयभीत थे। कई लोग अंधेरे के कारण उतरते समय जमीन पर गिर गए। ऐसे में गैर जनपद और महानगरों से आने वाली महिलाएं, युवतियां और बच्चे भी सहमे हुए थे।
वाराणसी सिटी से रात करीब आठ बजे डीएमयू गाजीपुर के रास्ते बलिया के लिए चली थी। ट्रेन में गार्ड की बोगी को छोड़ कर सभी बोगियों में अंधेरा पसरा हुआ था। ट्रेन में सफर कर रहे यात्री काफी मुसीबत में थे। औड़िहार जंक्शन पर ट्रेन के पहुंचने के बाद लोगों ने इसकी शिकायत स्टेशन मास्टर एवं रेलवे कंट्रोल बोर्ड से की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। धीरे-धीरे अंधेरा बढ़ता गया और ट्रेन रात करीब दस बजे गाजीपुर सिटी पहुंच गई। यहां भी यात्री शिकायत करने स्टेशन अधीक्षक रामायण यादव के पास पहुंचे, लेकिन उनका कक्ष बंद मिला। इस बीच करीब 50 मिनट तक ट्रेन गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही। 10.50 बजे ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई। अंधेरे में परिवार के साथ यात्रा कर रहे लोग पूरी तरह डरे सहमे हुए थे। ट्रेन में सुरक्षा के मद्देनजर कोई पुलिस कर्मी भी तैनात नहीं था। यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे थी। गाजीपुर सिटी से ट्रेन खुलने के बाद सहबाजकुल रेलवे स्टेशन पर काफी देर तक आउटर पर खड़ी रही। के बाद जगह-जगह रूकते हुए वह यूसुफपुर, ढोढाडीह, करीमुद्दीनपुर तथा ताजपुर डेहमा में करीब 12.40 बजे पहुंची। अंधेरे के कारण बहुत लोग ट्रेन से उतर कर किसी अन्यत्र वाहन से रिजर्व कर अपने गंतव्य के लिए चले गए। लोगों की माने तो सवारी गाड़ी को लेकर रेलवे गंभीर नहीं है। इसमें बिजली, पंखा और बोगियों में पानी की समस्या आए दिन बनी रहती है। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि डीएमयू में लाइट न होने शिकायत हमें नहीं मिली है। ऐसी दशा के लिए जो भी दोषी होंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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दर्जन भर रेलवे स्टेशन भी अंधेरे में डूबे
गाजीपुर। वाराणसी वाया गाजीपुर सिटी और बलिया के बीच पड़ने वाले छोटे स्टेशनों पर भी रात में जनरेटर और बिजली का इंतजाम नहीं रहता है। अधिकांश रेलवे स्टेशन अंधेरे में डूबे हुए रहते हैं। सैदपुर भीतरी के बाद तरांव, नंदगंज और आकूसपुर रेलवे स्टेशन पर देर शाम से अंधेरा छा गया था। यही हाल गाजीपुर घाट, सहबाजकुली, युसूफपुर, ढोढाडीह, करीमुदीनपुर तथा ताजपुरडेहमा रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला। यहां भी स्टेशन परिसर पूरी रात के अंधेरे में डूबा रहा। ऐसे में विभिन्न स्टेशनों पर उतरने वाले यात्री काफी भयभीत थे। कई लोग अंधेरे के कारण उतरते समय जमीन पर गिर गए। ऐसे में गैर जनपद और महानगरों से आने वाली महिलाएं, युवतियां और बच्चे भी सहमे हुए थे।
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