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शेरावाली के दरबार में भक्तों ने नवाया शीश
Updated Sun, 18 Mar 2018 11:36 PM IST
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गाजीपुर।
चैत्र नवरात्र के पहले दिन रविवार को शहर सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित दुर्गा मंदिरों पर श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। मंदिरों में पहुंचे भक्तों ने शेरावाली का पूजन-अर्चन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। जगत जननी के जयकारे और घंट-घड़ियाल बजने से आसपास का वातावरण पूरी तरह से देवीमय बना रहा। देवी मंदिरों के आसपास मेले जैसी स्थिति बनी रही।
शहर के मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर, नवाबगंज स्थित मां शीतला मंदिर, हमीद सेतु स्थित मां काली धाम, रौजा के चंदननगर कालोनी स्थित दुर्गा मंदिर, कचहरी रोड स्थित दुर्गा मंदिर पर सुबह से भक्तों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। आठ बजते-बजते पूरा मंदिर परिसर भक्तों से भर गया। श्रद्धालुओं ने देवी की आराधना कर अपने साथ परिवार की मंगल की कामना की। मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर और हमीद सेतु स्थित मां काली धाम पर सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं की ओर से पूजन-अर्चन का सिलसिला बना रहा। नवरात्र के मौके पर मंदिरों को फूल-मालाओं के साथ ही बिजली की झालरों से सजाया गया है। शहर के अधिकांश देवी मंदिरों पर सुबह से लेकर रात तक महिलाओं की तरफ से भजन-कीर्तन का क्रम चलता रहा। सभी देवी मंदिर श्रद्धालुओं से गुलजार रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बही आस्था की बयार
ग्रामीण क्षेत्रों के देवी मंदिरों में भी नवरात्र के पहले दिन देवी की आराधना की धूम मची रही। सुबह से ही दर्शन-पूजन का जो सिलसिला शुरु हुआ, वह देर शाम तक जारी रहा। भक्तों ने मां के चरणों में फूल-माला, प्रसाद अर्पित कर मंगल की कामना की। कई श्रद्धालुओं ने अखंड दीप भी जलाया।
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गहमर संवाददाता के अनुसार, करहिया स्थित प्रसिद्ध मां कामाख्या धाम की तरफ भोर से ही भक्तों के कदम बढ़ने लगे। दिन में नौ बजते-बजते मंदिर परिसर में भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। भक्त पहले मंदिर परिसर में स्थित पोखरे पर पहुंचे। वहां कइयों ने स्नान कर तो कई लोगों ने हाथ-पैर धोने के बाद प्रसाद और फूल-माला की खरीदारी की। इसके बाद मां के दरबार में जाकर पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। भीड़ का आलम यह था कि मां का दर्शन पाने के लिए भक्तों को घंटों कतार में खड़े रहना पड़ा। मां के दर्शन के बाद भक्तों ने भैरोनाथ का दर्शन किया। पूरे दिन हवनकुंड में आहुति डालने का क्रम जारी रहा। सुहवल संवाददाता के अनुसार, रेवतीपुर स्थित भगवती मां के दरबार में भक्तों की भीड़ उमड़ी। करीमुद्दीनपुर और दुबिहा संवाददाता के अनुसार, मां कष्टहरणी भवानी के दरबार में स्थानीय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और दूसरे जिलों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। मां का पूजन-अर्चन कर अपने एवं परिवार की खुशहाली की देवी मां से प्रार्थना की। मन्नतें पूरी होने पर कई भक्त विशेष किस्म का पकवान बनाकर उन्हें चढ़ाया। भीड़ के चलते मेले जैसी स्थिति बनी रही। दिलदारनगर संवाददाता के अनुसार, दिलदारनगर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर-4 और 3 के मध्य स्थित सायर माता मंदिर में भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मां के चरणों में फूल-माला, प्रसाद चढ़ाने के साथ कई भक्तों ने चुनरी भी चढ़ाई। यहां मन्नतें पूरी होने पर भक्त मां को घंटा चढ़ाते हैं। बहादुरगंज संवाददाता के अनुसार, चंडी माता मंदिर में सुबह से ही भक्तों के आने का क्रम शुरू हो गया था। जैसे-जैसे समय बीतता गया, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि भी होती गई। मन्नत पूरी होने वाले भक्तों ने मंदिर परिसर में हलवा-पूड़ी बनाकर मां के चरणों में भेंट किया। जखनियां संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के सिद्धपीठ हथियाराम मठ स्थित बुद्धाम्बिका देवी बुढ़िया माई के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। देवकली संवाददाता के अनुसार, गंगा के तटवर्ती क्षेत्र चकेरी धाम में स्थापित दुर्गा मंदिर में पूजन-अर्चन करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। जमानिया और मतसा संवाददाता के अनुसार, कसबा स्थित दुर्गा मंदिर में सुबह से शाम तक शेरावाली के दर्शन-पूजन की धूम मची रही। इसके अलावा, क्षेत्र के मां मातेश्वरी महादुर्गा मंदिर, ढढ़नी की भगवती मंदिर, देवरिया के सिद्धेश्वर शक्तिपीठ सहित अन्य देवी मंदिरों में भक्तों ने मत्था टेका। सैदपुर संवाददाता के अनुसार, तहसील के पीछे स्थित काली मां का दर्शन-पूजन करने के लिए दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ी। सादात संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के माहपुर गांव में स्थित अति प्राचीन मां काली मंदिर पर महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। यहां मनोकामना पूरी होने पर नीम के पेड़ पर भक्त घंट बांधते हैं। बहरियाबाद संवाददाता के अनुसार, बेसो नदी के तटवर्ती गांव हुसेनपुर मुर्थान स्थित मां टड़वा भवानी का मंदिर लोगों की आस्था का प्रतीक बना हुआ है। नवरात्र के पहले दिन मां के दरबार में आसपास क्षेत्रों के सैकड़ों भक्त पहुंचे। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार, तहसील स्थित मनोकामना देवी, अमवा की सती मइया सहित आसपास के देवी मंदिरों में देवी के पूजन-अर्चन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इसके अलावा कासिमाबाद, औड़िहार, दुल्हलपुर, बिरनो, जंगीपुर, मरदह, करंडा, भीमापार, शादियाबाद, भांवरकोल, मनिहारी, नोनहरा, करंडा, नंदगंज, खानपुर सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में देवी की आराधना की धूम मची रही।
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चैत्र नवरात्र के पहले दिन रविवार को शहर सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित दुर्गा मंदिरों पर श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। मंदिरों में पहुंचे भक्तों ने शेरावाली का पूजन-अर्चन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। जगत जननी के जयकारे और घंट-घड़ियाल बजने से आसपास का वातावरण पूरी तरह से देवीमय बना रहा। देवी मंदिरों के आसपास मेले जैसी स्थिति बनी रही।
शहर के मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर, नवाबगंज स्थित मां शीतला मंदिर, हमीद सेतु स्थित मां काली धाम, रौजा के चंदननगर कालोनी स्थित दुर्गा मंदिर, कचहरी रोड स्थित दुर्गा मंदिर पर सुबह से भक्तों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। आठ बजते-बजते पूरा मंदिर परिसर भक्तों से भर गया। श्रद्धालुओं ने देवी की आराधना कर अपने साथ परिवार की मंगल की कामना की। मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर और हमीद सेतु स्थित मां काली धाम पर सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं की ओर से पूजन-अर्चन का सिलसिला बना रहा। नवरात्र के मौके पर मंदिरों को फूल-मालाओं के साथ ही बिजली की झालरों से सजाया गया है। शहर के अधिकांश देवी मंदिरों पर सुबह से लेकर रात तक महिलाओं की तरफ से भजन-कीर्तन का क्रम चलता रहा। सभी देवी मंदिर श्रद्धालुओं से गुलजार रहे।
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ग्रामीण क्षेत्रों में भी बही आस्था की बयार
ग्रामीण क्षेत्रों के देवी मंदिरों में भी नवरात्र के पहले दिन देवी की आराधना की धूम मची रही। सुबह से ही दर्शन-पूजन का जो सिलसिला शुरु हुआ, वह देर शाम तक जारी रहा। भक्तों ने मां के चरणों में फूल-माला, प्रसाद अर्पित कर मंगल की कामना की। कई श्रद्धालुओं ने अखंड दीप भी जलाया।
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गहमर संवाददाता के अनुसार, करहिया स्थित प्रसिद्ध मां कामाख्या धाम की तरफ भोर से ही भक्तों के कदम बढ़ने लगे। दिन में नौ बजते-बजते मंदिर परिसर में भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। भक्त पहले मंदिर परिसर में स्थित पोखरे पर पहुंचे। वहां कइयों ने स्नान कर तो कई लोगों ने हाथ-पैर धोने के बाद प्रसाद और फूल-माला की खरीदारी की। इसके बाद मां के दरबार में जाकर पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। भीड़ का आलम यह था कि मां का दर्शन पाने के लिए भक्तों को घंटों कतार में खड़े रहना पड़ा। मां के दर्शन के बाद भक्तों ने भैरोनाथ का दर्शन किया। पूरे दिन हवनकुंड में आहुति डालने का क्रम जारी रहा। सुहवल संवाददाता के अनुसार, रेवतीपुर स्थित भगवती मां के दरबार में भक्तों की भीड़ उमड़ी। करीमुद्दीनपुर और दुबिहा संवाददाता के अनुसार, मां कष्टहरणी भवानी के दरबार में स्थानीय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और दूसरे जिलों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। मां का पूजन-अर्चन कर अपने एवं परिवार की खुशहाली की देवी मां से प्रार्थना की। मन्नतें पूरी होने पर कई भक्त विशेष किस्म का पकवान बनाकर उन्हें चढ़ाया। भीड़ के चलते मेले जैसी स्थिति बनी रही। दिलदारनगर संवाददाता के अनुसार, दिलदारनगर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर-4 और 3 के मध्य स्थित सायर माता मंदिर में भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मां के चरणों में फूल-माला, प्रसाद चढ़ाने के साथ कई भक्तों ने चुनरी भी चढ़ाई। यहां मन्नतें पूरी होने पर भक्त मां को घंटा चढ़ाते हैं। बहादुरगंज संवाददाता के अनुसार, चंडी माता मंदिर में सुबह से ही भक्तों के आने का क्रम शुरू हो गया था। जैसे-जैसे समय बीतता गया, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि भी होती गई। मन्नत पूरी होने वाले भक्तों ने मंदिर परिसर में हलवा-पूड़ी बनाकर मां के चरणों में भेंट किया। जखनियां संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के सिद्धपीठ हथियाराम मठ स्थित बुद्धाम्बिका देवी बुढ़िया माई के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। देवकली संवाददाता के अनुसार, गंगा के तटवर्ती क्षेत्र चकेरी धाम में स्थापित दुर्गा मंदिर में पूजन-अर्चन करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। जमानिया और मतसा संवाददाता के अनुसार, कसबा स्थित दुर्गा मंदिर में सुबह से शाम तक शेरावाली के दर्शन-पूजन की धूम मची रही। इसके अलावा, क्षेत्र के मां मातेश्वरी महादुर्गा मंदिर, ढढ़नी की भगवती मंदिर, देवरिया के सिद्धेश्वर शक्तिपीठ सहित अन्य देवी मंदिरों में भक्तों ने मत्था टेका। सैदपुर संवाददाता के अनुसार, तहसील के पीछे स्थित काली मां का दर्शन-पूजन करने के लिए दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ी। सादात संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के माहपुर गांव में स्थित अति प्राचीन मां काली मंदिर पर महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। यहां मनोकामना पूरी होने पर नीम के पेड़ पर भक्त घंट बांधते हैं। बहरियाबाद संवाददाता के अनुसार, बेसो नदी के तटवर्ती गांव हुसेनपुर मुर्थान स्थित मां टड़वा भवानी का मंदिर लोगों की आस्था का प्रतीक बना हुआ है। नवरात्र के पहले दिन मां के दरबार में आसपास क्षेत्रों के सैकड़ों भक्त पहुंचे। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार, तहसील स्थित मनोकामना देवी, अमवा की सती मइया सहित आसपास के देवी मंदिरों में देवी के पूजन-अर्चन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इसके अलावा कासिमाबाद, औड़िहार, दुल्हलपुर, बिरनो, जंगीपुर, मरदह, करंडा, भीमापार, शादियाबाद, भांवरकोल, मनिहारी, नोनहरा, करंडा, नंदगंज, खानपुर सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में देवी की आराधना की धूम मची रही।