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विकास के नाम पर गोलमाल : डीएम और सीएम से जांच की मांग
Updated Tue, 10 Jul 2018 10:28 PM IST
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गाजीपुर। भांवरकोल ब्लॉक के चकअहमद गांव में दो वर्ष के भीतर कराए गए विकास कार्यों में भारी गोलमाल किया गया है। विकास के कई बड़े काम केवल कागजों में हुए हैं। मामला सामने आते ही ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक से की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बनने वाला प्रवेश द्वार, लगने वाली स्ट्रीट लाइटें, जल निकासी के लिए बनने वाली नाली और सोख्ता केवल कागजों में बनाए गए हैं और इसका पूरा भुगतान भी करा लिया गया है। इतना ही नहीं सीसी रोड का भी बिना निर्माण कराए और पैसा निकाल लिया गया है। विकास कार्यों के नाम पर करीब एक करोड़ का गोलमाल सरकारी पोर्टल के जरिए उजागर हुआ है। गांव के अनिल राय समेत कई लोगों ने 18 बिंदुओं पर गड़बड़ी की लिखित शिकायत जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री से करते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायती पत्र में उल्लेख किया गया है कि चकअहमद कला गांव में करीब आठ सौ मतदाता है। गांव के पंचायत एक्टिविटी रिपोर्ट में अप लोड किए गए विकास कार्यों में से ज्यादातर कार्य सिर्फ कागजों पर ही कराए गए हैं और धन निकाल लिया गया है। दो वर्षों के लेखा-जोखा का ब्योरा देते हुए बताया है कि सत्र 2016-17 तथा 2017-18 में एक ही दूरी को विभिन्न व्यक्तियों के घर से बार-बार अन्य नामों से दिखा कर धन आहरित किया गया है। वर्ष 16 में 54 लाख 27 हजार 650 रुपये तथा 17-18 में 59 लाख सात हजार रुपये यानी कुल मिला कर एक करोड़ 14 लाख 34 हजार 650 रुपये का विकास कार्य कराया गया है। जिसमें से कुछ कार्यों को छोड़ दें तो ज्यादातर काम कराए ही नहीं गए हैं, जबकि इन सभी कार्यों का सत्यापन विभागीय अधिकारियों ने किया है। सबकी मिलीभगत से धन का बंदरबांट हुआ है। ग्रामीण पूरे विकास कार्यों का किसी राजपत्रित अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है। पत्र सौंपने वालों में अनिल कुमार राय के साथ लल्लन राय, राजेश, अरुण, राकेश प्रधान, दिनेश प्रधान, प्रेम नारायण राय, वीरेंद्र नाथ राय आदि शामिल रहे। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्रक में 18 बिंदुओं को दर्शाया गया है। जिसमें विकास का पूरा ब्योरा और उक्त कार्य में खर्च होने वाले धन का भी उल्लेख किया गया है। विकास के नाम पर की गई लूट-खसोट की शिकायत के बाद अब इसमें लिप्त अधिकारी और जनप्रतिनिधि डरे-सहमे हुए हैं।
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शिकायती पत्र में उल्लेख किया गया है कि चकअहमद कला गांव में करीब आठ सौ मतदाता है। गांव के पंचायत एक्टिविटी रिपोर्ट में अप लोड किए गए विकास कार्यों में से ज्यादातर कार्य सिर्फ कागजों पर ही कराए गए हैं और धन निकाल लिया गया है। दो वर्षों के लेखा-जोखा का ब्योरा देते हुए बताया है कि सत्र 2016-17 तथा 2017-18 में एक ही दूरी को विभिन्न व्यक्तियों के घर से बार-बार अन्य नामों से दिखा कर धन आहरित किया गया है। वर्ष 16 में 54 लाख 27 हजार 650 रुपये तथा 17-18 में 59 लाख सात हजार रुपये यानी कुल मिला कर एक करोड़ 14 लाख 34 हजार 650 रुपये का विकास कार्य कराया गया है। जिसमें से कुछ कार्यों को छोड़ दें तो ज्यादातर काम कराए ही नहीं गए हैं, जबकि इन सभी कार्यों का सत्यापन विभागीय अधिकारियों ने किया है। सबकी मिलीभगत से धन का बंदरबांट हुआ है। ग्रामीण पूरे विकास कार्यों का किसी राजपत्रित अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है। पत्र सौंपने वालों में अनिल कुमार राय के साथ लल्लन राय, राजेश, अरुण, राकेश प्रधान, दिनेश प्रधान, प्रेम नारायण राय, वीरेंद्र नाथ राय आदि शामिल रहे। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्रक में 18 बिंदुओं को दर्शाया गया है। जिसमें विकास का पूरा ब्योरा और उक्त कार्य में खर्च होने वाले धन का भी उल्लेख किया गया है। विकास के नाम पर की गई लूट-खसोट की शिकायत के बाद अब इसमें लिप्त अधिकारी और जनप्रतिनिधि डरे-सहमे हुए हैं।
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