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सरकारी परियोजनाओं की दी जानकारी
Updated Sat, 07 Jul 2018 11:56 PM IST
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गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया ने विकास भवन सभागार में विश्व बैंक, भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सहायता प्राप्त ग्रामीण पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता कार्यक्रम और नीर निर्मल परियोजना के अंतर्गत जनपद स्तरीय वित्तीय प्रबंधन विधेयक एक दिवसीय कार्यशाला- प्रशिक्षण का आयोजन संपन्न किया गया। इस मौके पर सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत पेयजल एवं स्वच्छता समिति के कार्य एवं दायित्व के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर पेयजल एवं स्वच्छता से संबंधित सभी गतिविधियों की जिम्मेदारी रहेगी। पयेजल एवं स्वच्छता क्षेत्र से संबंधित नीति, कार्यक्रम तथा परियोजना से जुड़े स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा स्त्रोत निरंतरता संबंधी मुद्दों से समुदाय को जागरूक कराना, बैंक में निर्धारित खाते खोलना लाभार्थियों से परियोजना के अंतर्गत प्राविधानित अंशदान लागत 450 रुपये, सामान्य परिवार के लिए 225 रुपये एससी-एसटी /बीपीएल परिवार तथा रख-रखाव लागत न्यूनतम 50 रुपये प्रति परिवार प्रतिमाह जमा करवाना, योजना के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों में सहयोग प्रदान करना, समस्त गतिविधियों की निगरानी करना, आवश्यकता के अनुसार जल शुल्क, निर्धारित करना, ग्राम पंचायत के सभी परिवारों को योजना से लाभान्वित होना सुनिश्चित करना, जीपीडब्ल्यूएससी योजना के संचालन हेतु संबंधित योजनाओं पर निर्णय लेने हेतु निरंतर बैठक सुनिश्चित कराई जाए। नीर निर्मल परियोजना में बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत पेयजल स्वच्छता-समिति का गठन किया जाना है। इसमें समिति का अध्यक्ष ग्राम पंचायत का प्रधान होगा ग्राम पंचायत का सचिव ग्राम पंचायत पेयजल स्वच्छता समिति का सचिव होगा एक अन्य पिछड़ा वर्ग का सदस्य, एक अनुसूचित जाति-अनुसूचित जन जाति का सदस्य, एक महिला सदस्य तथा कम से कम दो अन्य सदस्य ग्राम पंचायत द्वारा उक्त समिति में नामित होंगे।
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इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत पेयजल एवं स्वच्छता समिति के कार्य एवं दायित्व के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर पेयजल एवं स्वच्छता से संबंधित सभी गतिविधियों की जिम्मेदारी रहेगी। पयेजल एवं स्वच्छता क्षेत्र से संबंधित नीति, कार्यक्रम तथा परियोजना से जुड़े स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा स्त्रोत निरंतरता संबंधी मुद्दों से समुदाय को जागरूक कराना, बैंक में निर्धारित खाते खोलना लाभार्थियों से परियोजना के अंतर्गत प्राविधानित अंशदान लागत 450 रुपये, सामान्य परिवार के लिए 225 रुपये एससी-एसटी /बीपीएल परिवार तथा रख-रखाव लागत न्यूनतम 50 रुपये प्रति परिवार प्रतिमाह जमा करवाना, योजना के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों में सहयोग प्रदान करना, समस्त गतिविधियों की निगरानी करना, आवश्यकता के अनुसार जल शुल्क, निर्धारित करना, ग्राम पंचायत के सभी परिवारों को योजना से लाभान्वित होना सुनिश्चित करना, जीपीडब्ल्यूएससी योजना के संचालन हेतु संबंधित योजनाओं पर निर्णय लेने हेतु निरंतर बैठक सुनिश्चित कराई जाए। नीर निर्मल परियोजना में बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत पेयजल स्वच्छता-समिति का गठन किया जाना है। इसमें समिति का अध्यक्ष ग्राम पंचायत का प्रधान होगा ग्राम पंचायत का सचिव ग्राम पंचायत पेयजल स्वच्छता समिति का सचिव होगा एक अन्य पिछड़ा वर्ग का सदस्य, एक अनुसूचित जाति-अनुसूचित जन जाति का सदस्य, एक महिला सदस्य तथा कम से कम दो अन्य सदस्य ग्राम पंचायत द्वारा उक्त समिति में नामित होंगे।
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