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जरा संभलकर जनाब, सिर पर दौड़ रही है मौत
Updated Tue, 13 Mar 2018 10:47 PM IST
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गाजीपुर। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के लिए तारों के नाम पर लोगों के सिर पर मौत दौड़ रही है। शहर के स्टीमरघाट, नखास, तुलसिया का पुल, महुआबाग सहित अन्य कई मुहल्लों में जर्जर तार लगे हैं, जो आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं। ठंड के मौसम में तो जैसे-तैसे इनसे काम चल गया लेकिन गर्मी के मौसम में लोड पड़ने पर ये दगा दे सकते हैं। ऐसे में तारों के नीचे से आने-जाने वालों पर भी खतरा बना रहेगा। बावजूद इसके, विभाग इन तारों के प्रति जरा भी गंभीर नहीं है। शायद कोई बड़ी दुर्घटना होने पर वह जर्जर तारों की सुधि ले।
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के लिए दौड़ाए गए बिजली के तार काफी जर्जर हो चुके हैं। इसकी वजह से कई मुहल्लों में तार काफी नीचे लटक रहे हैं। शहर के तुलसिया का पुल, खुदाईपुरा, स्टीमरघाट, महुआबाग, लालदरवाजा सहित अन्य कई मुहल्लों में दौड़ाए गए विद्युत तार पूरी तरह से जर्जर हो गए हैं। कई स्थानों पर हालत यह है कि दस कदम पर तार में आठ से दस जोड़ हैं। सर्दी के मौसम में तो ऐसे जर्जर तारों की टूटकर गिरने की कम घटनाएं होती हैं लेकिन गर्मी के मौसम में पंखा, कूलर और एसी चलने से लोड बढ़ जाता है। ऐसे में जर्जर तारों के टूटने की घटनाएं भी बढ़ जाती है। कुछ इसी तरह की स्थिति जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों की है जहां जर्जर तारों के आए दिन टूटकर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं। तारों के टूटकर गिरने से जहां लोगों की जान पर बनी रहती है। वहीं लोगों को घंटों बिजली आपूर्ति से वंचित होना पड़ रहा है। बावजूद इसके विभाग इन तारों को बदलने को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है।
गर्मी के मौसम में विद्युत भार बढ़ जाता है। इससे तार टूटने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश जर्जर तारों को बदलवा दिया गया है। जिन तारों को नहीं बदला जा सका है, सर्वे कर उन्हें भी जल्द से जल्द बदलवाया जाएगा। गर्मी में उपभोक्ताओं को निर्बाध गति से बिजली मिले, इसे लेकर विभाग गंभीर है। - संजीव कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता
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प्रतिदिन जल रहे आठ से 10 ट्रांसफार्मर
गाजीपुर। गर्मी के मौसम में लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मरों के जलने और उसमें फाल्ट होने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। जले ट्रासंफार्मरों को 48 से 72 घंटे में बदलने का प्राविधान है लेकिन अधिकांशत: विभागीय अधिकारियों और ट्रांसफार्मर विभाग की लापरवाही की वजह से निर्धारित समय में ट्रांसफार्मर नहीं बदल पा रहे हैं। लोगों को ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए विभाग का चक्कर काटना पड़ रहा है। ट्रांसफार्मर विभाग के जेई उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि गर्मी के मौसम में लोड अधिक होने से ट्रांसफार्मरों के जलने की घटनाएं बढ़ जाती है। इस समय प्रतिदिन विभिन्न क्षमताओं के आठ से दस ट्रांसफार्मर जल रहे हैं। जले ट्रांसफार्मरों को 48 से 72 घंटे में बदलने का कार्य किया जा रहा है। वहीं ट्रांसफार्मर समय से नहीं बदल पा रहे हैं, जिनकी जलने की सूचना समय से नहीं मिल पा रही है। बताया कि वर्तमान में 130 ट्रांसफार्मर स्टोर में हैं।
दुर्घटना को दावत दे रहा हाईटेंशन खंभा
बहरियाबाद। कबीर चौक से चक सुल्तान जाने वाले मार्ग पर एक मकान के पास लगा हाईटेंशन का सीमेंट का विद्युत खंभा पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। खंभा के ऊपरी हिस्से की कंक्रीट पूरी तरह से बेकार हो चुकी है और सीमेंट की जगह सिर्फ सरिया दिखाई दे रही है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। डा. राजेश ने बताया कि यह तार उनके घर के ऊपर से गुजरा है। खंभी की हालत को देखते हुए पूरा परिवार इस बात से सहमा रहता है कि अगर खंभा टूटकर गिरा तो वह किसी दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं। लोगों ने विभागीय उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए इस खतरनाक खंभा को बदलवाने की मांग की है, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। इस संबंध में जेई मनोज पटेल ने बताया कि खंभा के जर्जर होने की बात उनके संज्ञान में है। इस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। पास होते ही खंभा को बदलवा दिया जाएगा।
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शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के लिए दौड़ाए गए बिजली के तार काफी जर्जर हो चुके हैं। इसकी वजह से कई मुहल्लों में तार काफी नीचे लटक रहे हैं। शहर के तुलसिया का पुल, खुदाईपुरा, स्टीमरघाट, महुआबाग, लालदरवाजा सहित अन्य कई मुहल्लों में दौड़ाए गए विद्युत तार पूरी तरह से जर्जर हो गए हैं। कई स्थानों पर हालत यह है कि दस कदम पर तार में आठ से दस जोड़ हैं। सर्दी के मौसम में तो ऐसे जर्जर तारों की टूटकर गिरने की कम घटनाएं होती हैं लेकिन गर्मी के मौसम में पंखा, कूलर और एसी चलने से लोड बढ़ जाता है। ऐसे में जर्जर तारों के टूटने की घटनाएं भी बढ़ जाती है। कुछ इसी तरह की स्थिति जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों की है जहां जर्जर तारों के आए दिन टूटकर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं। तारों के टूटकर गिरने से जहां लोगों की जान पर बनी रहती है। वहीं लोगों को घंटों बिजली आपूर्ति से वंचित होना पड़ रहा है। बावजूद इसके विभाग इन तारों को बदलने को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है।
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गर्मी के मौसम में विद्युत भार बढ़ जाता है। इससे तार टूटने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश जर्जर तारों को बदलवा दिया गया है। जिन तारों को नहीं बदला जा सका है, सर्वे कर उन्हें भी जल्द से जल्द बदलवाया जाएगा। गर्मी में उपभोक्ताओं को निर्बाध गति से बिजली मिले, इसे लेकर विभाग गंभीर है। - संजीव कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता
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प्रतिदिन जल रहे आठ से 10 ट्रांसफार्मर
गाजीपुर। गर्मी के मौसम में लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मरों के जलने और उसमें फाल्ट होने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। जले ट्रासंफार्मरों को 48 से 72 घंटे में बदलने का प्राविधान है लेकिन अधिकांशत: विभागीय अधिकारियों और ट्रांसफार्मर विभाग की लापरवाही की वजह से निर्धारित समय में ट्रांसफार्मर नहीं बदल पा रहे हैं। लोगों को ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए विभाग का चक्कर काटना पड़ रहा है। ट्रांसफार्मर विभाग के जेई उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि गर्मी के मौसम में लोड अधिक होने से ट्रांसफार्मरों के जलने की घटनाएं बढ़ जाती है। इस समय प्रतिदिन विभिन्न क्षमताओं के आठ से दस ट्रांसफार्मर जल रहे हैं। जले ट्रांसफार्मरों को 48 से 72 घंटे में बदलने का कार्य किया जा रहा है। वहीं ट्रांसफार्मर समय से नहीं बदल पा रहे हैं, जिनकी जलने की सूचना समय से नहीं मिल पा रही है। बताया कि वर्तमान में 130 ट्रांसफार्मर स्टोर में हैं।
दुर्घटना को दावत दे रहा हाईटेंशन खंभा
बहरियाबाद। कबीर चौक से चक सुल्तान जाने वाले मार्ग पर एक मकान के पास लगा हाईटेंशन का सीमेंट का विद्युत खंभा पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। खंभा के ऊपरी हिस्से की कंक्रीट पूरी तरह से बेकार हो चुकी है और सीमेंट की जगह सिर्फ सरिया दिखाई दे रही है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। डा. राजेश ने बताया कि यह तार उनके घर के ऊपर से गुजरा है। खंभी की हालत को देखते हुए पूरा परिवार इस बात से सहमा रहता है कि अगर खंभा टूटकर गिरा तो वह किसी दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं। लोगों ने विभागीय उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए इस खतरनाक खंभा को बदलवाने की मांग की है, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। इस संबंध में जेई मनोज पटेल ने बताया कि खंभा के जर्जर होने की बात उनके संज्ञान में है। इस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। पास होते ही खंभा को बदलवा दिया जाएगा।