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आज भी अपनी संस्कृति को भुला नहीं पाए हैं हम
Updated Mon, 09 Oct 2017 12:03 AM IST
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गाजीपुर। लोक संस्कृति एवं लोकाचार विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन जीवनोदय शिक्षा समिति एवं सत्यदेव डिग्री कालेज की ओर से संस्था में किया गया है। दूसरे दिन रविवार को कार्यक्रम की शुरुआत विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के डीन प्रो. हरिमोहन बुधौलिया ने दीप प्रज्ज्वलन कर की। इस मौके पर गोरखनाथ तिवारी ने प्रसिद्ध लेखक डा. विवेकी राय के उपन्यास सोनामाटी में उद्धत की गई संस्कृति पर प्रकाश डालते कहा कि आज भारत वर्ष इक्कसवीं शताब्दी में प्रवेश कर चुका है, लेकिन हम आज भी अपनी संस्कृति को भुला नहीं पाए हैं। आज हमारी संस्कृति अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने की संस्कृति है।
प्रो. रामप्रकाश कुशवाहा ने कहा कि लोक संस्कृति को कई तरीकों से दिखाया जा सकता है। लोक संस्कृति सामान्य की संस्कृति है। सूर्यनाथ सिंह ने लोक संस्कृति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज लोक टीवी और सिनेमा में है, जिसे देखकर हम अपनाते हैं। विकास और संस्कृति में गर्ल एवं ब्यायफ्रेंड का संबंध है। बीएचयू के शोष छात्र शिवप्रकाश यादव ने लोक संस्कृति को अजंता की चित्रकारिता से जोड़ा। इससे पूर्व अतिथियों ने प्रबंधक डा. सानंद सिंह द्वारा लिखित पुस्तक लोक प्रशासन एवं रूपरेखा एवं तुलनात्मक राजनीति का विमोचन किया। सम्मान समारोह में डा. प्रीति सिंह, डा. सुमन सिंह, डा. सुनील कुमार सिंह, डा. तेजप्रताप सिंह, अशोक कुमार सिंह, सुनील यादव द्वारा पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह, पूर्व मंत्री काशीनाथ यादव, राजेश राय, आनंद सिंह सहित आए हुए अन्य विद्वत जनों को स्मृति चिन्ह एवं शाल भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर हरेराम प्रसाद, नरैनी, विजय प्रसाद, जयप्रकाश, महानंद पासवान, जवाहिर सहित अन्य कलाकारों ने गोड़उ नृत्य, धोबिया नृत्य सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम संचालन डा. संजय चतुर्वेदी ने किया। अंत में प्रबंध निदेशक डा. सानंद सिंह ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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प्रो. रामप्रकाश कुशवाहा ने कहा कि लोक संस्कृति को कई तरीकों से दिखाया जा सकता है। लोक संस्कृति सामान्य की संस्कृति है। सूर्यनाथ सिंह ने लोक संस्कृति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज लोक टीवी और सिनेमा में है, जिसे देखकर हम अपनाते हैं। विकास और संस्कृति में गर्ल एवं ब्यायफ्रेंड का संबंध है। बीएचयू के शोष छात्र शिवप्रकाश यादव ने लोक संस्कृति को अजंता की चित्रकारिता से जोड़ा। इससे पूर्व अतिथियों ने प्रबंधक डा. सानंद सिंह द्वारा लिखित पुस्तक लोक प्रशासन एवं रूपरेखा एवं तुलनात्मक राजनीति का विमोचन किया। सम्मान समारोह में डा. प्रीति सिंह, डा. सुमन सिंह, डा. सुनील कुमार सिंह, डा. तेजप्रताप सिंह, अशोक कुमार सिंह, सुनील यादव द्वारा पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह, पूर्व मंत्री काशीनाथ यादव, राजेश राय, आनंद सिंह सहित आए हुए अन्य विद्वत जनों को स्मृति चिन्ह एवं शाल भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर हरेराम प्रसाद, नरैनी, विजय प्रसाद, जयप्रकाश, महानंद पासवान, जवाहिर सहित अन्य कलाकारों ने गोड़उ नृत्य, धोबिया नृत्य सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम संचालन डा. संजय चतुर्वेदी ने किया। अंत में प्रबंध निदेशक डा. सानंद सिंह ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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