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माइनर ओवरफ्लो होने से 6 एकड़ आलू और गेहूं की फसल पानी में डूबी
Updated Wed, 14 Feb 2018 12:28 AM IST
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मतसा। सिंचाई के साधन के रूप में नहरों को वरदान माना गया है लेकिन ग्राम बेटावर खुर्द के किसानों के लिए यही वरदान अभिशाप साबित हो रहा है। पिछले कई वर्षो से इसी मौसम में बेटावर माइनर का पानी ओवरफ्लो होकर किसानों के दर्जनों एकड़ खेत की फसल को बर्बाद कर दे रहा है। सोमवार की देर रात माइनर ओवरफ्लो होने से लगभग 6 एकड़ आलू एवं गेहूं की फसल पानी में डूब गई।
चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल से ताजपुर गांव के पास से निकली बेटावर माइनर, बेटावर खुर्द में ही खत्म हो जाती है। यह इस माइनर का टेल है। सोमवार की देर रात बेटाबर माइनर ओवरफ्लो हो जाने से बेटाबर टेल का पानी फैल गया और लगभग 6 एकड़ आलू एवं गेहूं की फसल पानी में डूब गई। बेटावर खुर्द के रविकांत तिवारी, संतोष तिवारी, बब्बन, झबलू, राधेश्याम आदिकिसानों का कहना है कि यह गनीमत रही कि नहर ग्राम ताजपुर के पास थोडी टूट गई जिससे बेटावर में बहाव कम रहा। अन्यथा यहां लगभग 50 बीघा खेत में लगी फसल बर्बाद हो जाती। ग्रामीणों के बार-बार नहर विभाग एवं अन्य उच्चाधिकारियों को पत्रक देने के बावजूद भी इनकी समस्या जस की तस है। इससे किसानों में रोष गहरा रहा है। उन्होंने विभागीय उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है।
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चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल से ताजपुर गांव के पास से निकली बेटावर माइनर, बेटावर खुर्द में ही खत्म हो जाती है। यह इस माइनर का टेल है। सोमवार की देर रात बेटाबर माइनर ओवरफ्लो हो जाने से बेटाबर टेल का पानी फैल गया और लगभग 6 एकड़ आलू एवं गेहूं की फसल पानी में डूब गई। बेटावर खुर्द के रविकांत तिवारी, संतोष तिवारी, बब्बन, झबलू, राधेश्याम आदिकिसानों का कहना है कि यह गनीमत रही कि नहर ग्राम ताजपुर के पास थोडी टूट गई जिससे बेटावर में बहाव कम रहा। अन्यथा यहां लगभग 50 बीघा खेत में लगी फसल बर्बाद हो जाती। ग्रामीणों के बार-बार नहर विभाग एवं अन्य उच्चाधिकारियों को पत्रक देने के बावजूद भी इनकी समस्या जस की तस है। इससे किसानों में रोष गहरा रहा है। उन्होंने विभागीय उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है।
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