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सहकारिता का पहला चुनाव जो ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ हुआ
Updated Thu, 06 Sep 2018 11:12 PM IST
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गाजीपुर। बाईस करोड़ 71 लाख की आबादी वाले कृषि प्रधान राज्य में सहकारिता क्यों पीछे है। यह सोचनीय तथा पूर्व की सरकारों की सहकारिता के प्रति नेक नियति पर प्रश्न है। पूरे प्रदेश में सहकारिता का यह पहला चुनाव है जो ईमानदारी एवं पारदर्शिता के साथ हुआ है। यह बाते मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश महामंत्री उत्तर प्रदेश के सहकारिता प्रभारी विधान परिषद सदस्य विद्यासागर सोनकर ने बंशीबाजार स्थित पैलेस में गुरुवार को आयोजित जिला सहकारी बैंक लि. गाजीपुर की वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में कही।
उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों को जबतक आर्थिक रूप से मजबूत नहीं किया जाएगा, सहकारिता आंदोलन को सफल नहीं किया जा सकता। यह प्रदेश सरकार की सोच है। सहकारी समितियों के आर्थिक उत्थान के लिए सरकार सार्थक सोच के साथ प्रयासरत है। सहकारिता को जन-जन से जोड़ने की जरूरत है। पूरे प्रदेश में पहली बार बिना बिचौलिए, बिना व्यवसायी के पहली बार सरकार द्वारा क्रय समितियों के माध्यम से रिकॉर्ड उपज की खरीद हुई है। इफको के निदेशक राजकुमार त्रिपाठी ने कहा कि 1988 के बाद किसी भी अध्यक्ष ने अपनी सुख सुविधा से परे बैंक के उत्थान के बारे में नहीं सोचा। यह पहला अवसर है जब कोई ऐसा अध्यक्ष बैठा है जो बैंक की उन्नति, उत्थान के प्रति समर्पित होकर कार्य कर रहा है। अध्यक्षता कर रहे जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सरोजेश सिंह ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। बैठक में पूर्व विधायक सहकारिता के पूर्व निदेशक विरेन्द्र सिंह, उ.प्र. को-आपरेटिव यूनियन के चैयरमैन पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा, विपणन निदेशक संजय कुमार सिंह, सहायक निबंधक डा. प्रदीप कुमार सिंह, उप महाप्रबंधक मु. एहतेशाम, आदि ने विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक उदय प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष भानूप्रताप सिंह, सचिदानंद सिंह, अच्छेलाल गुप्ता, जितेंद्रनाथ पांडेय, प्रवीण सिंह, ओमप्रकाश राय, रामलाल सिंह, कृष्णानंद राय, अखिलेश सिंह, रघुवंश सिंह, पप्पू, मोहनलाल गुप्ता, श्याम नारायण राम, राजेश चौहान, अरूण कुमार, राकेश यादव, बटुक नारायण मिश्रा, रविकांत राय, शशिकांत शर्मा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन आनंद कुमार त्रिपाठी ने किया।
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उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों को जबतक आर्थिक रूप से मजबूत नहीं किया जाएगा, सहकारिता आंदोलन को सफल नहीं किया जा सकता। यह प्रदेश सरकार की सोच है। सहकारी समितियों के आर्थिक उत्थान के लिए सरकार सार्थक सोच के साथ प्रयासरत है। सहकारिता को जन-जन से जोड़ने की जरूरत है। पूरे प्रदेश में पहली बार बिना बिचौलिए, बिना व्यवसायी के पहली बार सरकार द्वारा क्रय समितियों के माध्यम से रिकॉर्ड उपज की खरीद हुई है। इफको के निदेशक राजकुमार त्रिपाठी ने कहा कि 1988 के बाद किसी भी अध्यक्ष ने अपनी सुख सुविधा से परे बैंक के उत्थान के बारे में नहीं सोचा। यह पहला अवसर है जब कोई ऐसा अध्यक्ष बैठा है जो बैंक की उन्नति, उत्थान के प्रति समर्पित होकर कार्य कर रहा है। अध्यक्षता कर रहे जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सरोजेश सिंह ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। बैठक में पूर्व विधायक सहकारिता के पूर्व निदेशक विरेन्द्र सिंह, उ.प्र. को-आपरेटिव यूनियन के चैयरमैन पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा, विपणन निदेशक संजय कुमार सिंह, सहायक निबंधक डा. प्रदीप कुमार सिंह, उप महाप्रबंधक मु. एहतेशाम, आदि ने विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक उदय प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष भानूप्रताप सिंह, सचिदानंद सिंह, अच्छेलाल गुप्ता, जितेंद्रनाथ पांडेय, प्रवीण सिंह, ओमप्रकाश राय, रामलाल सिंह, कृष्णानंद राय, अखिलेश सिंह, रघुवंश सिंह, पप्पू, मोहनलाल गुप्ता, श्याम नारायण राम, राजेश चौहान, अरूण कुमार, राकेश यादव, बटुक नारायण मिश्रा, रविकांत राय, शशिकांत शर्मा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन आनंद कुमार त्रिपाठी ने किया।
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