{"_id":"5b4e32e34f1c1b3d748b57a6","slug":"121531851491-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पालिथीन : जिले में आदेश की उड़ रही है धज्जियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पालिथीन : जिले में आदेश की उड़ रही है धज्जियां
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 जुलाई से पालिथीन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। बावजूद इसका प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है। फरमान जारी होने के दो दिन बाद मंगलवार को पालिथीन के इस्तेमाल की पड़ताल करने पर यह सामने आया कि ज्यादातर दुकानदार आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इस फरमान के बाद पालिथीन रखना बंद कर दिए हैं। अब पालिथीन बेचने वालों को अर्थदंड के साथ सजा भी भुगतना पड़ेगा, लेकिन कानून का भय दूर-दूर तक लोगों में नहीं दिखाई दे रहा है।
प्रदेश सरकार ने इसी 15 जुलाई से पालिथीन के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ स्वयंसेवी संगठनों द्वारा जनपद में जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को पालिथीन से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के संबंध में जानकारी दी जा रही है। साथ ही इसका इस्तेमाल न करने को कहा जा रहा है। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। लोगों को बताया जा रहा है कि पालिथीन का प्रयोग करने पर 50 हजार जुर्माना के साथ ही एक वर्ष की सजा भी हो सकती है। फरमान के बाद पालिथीन का इस्तेमाल करने वालों की बेचैनी बढ़ गई है। हालांकि अभी आदेश का पांच से दस फीसदी ही अमल हो रहा है। ज्यादातर दुकानदार और ग्राहक आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। अधिकांश लोगों पर इस फरमान का कोई खास असर नहीं दिखाई दे रहा है। पालिथीन बिक्री के समय चेकिंग टीम द्वारा पकड़े जाने पर दुकानदार को अर्थडंद के साथ सजा भी हो सकती है।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने इसी 15 जुलाई से पालिथीन के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ स्वयंसेवी संगठनों द्वारा जनपद में जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को पालिथीन से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के संबंध में जानकारी दी जा रही है। साथ ही इसका इस्तेमाल न करने को कहा जा रहा है। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। लोगों को बताया जा रहा है कि पालिथीन का प्रयोग करने पर 50 हजार जुर्माना के साथ ही एक वर्ष की सजा भी हो सकती है। फरमान के बाद पालिथीन का इस्तेमाल करने वालों की बेचैनी बढ़ गई है। हालांकि अभी आदेश का पांच से दस फीसदी ही अमल हो रहा है। ज्यादातर दुकानदार और ग्राहक आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। अधिकांश लोगों पर इस फरमान का कोई खास असर नहीं दिखाई दे रहा है। पालिथीन बिक्री के समय चेकिंग टीम द्वारा पकड़े जाने पर दुकानदार को अर्थडंद के साथ सजा भी हो सकती है।
विज्ञापन